चीन: ताइवान की आजादी को रोकने के लिए आखिर तक लड़ेंगे

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वुहान, 13 जून। चीनी रक्षा मंत्री वेई फेंगे ने अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन पर क्षेत्रीय अस्थिरता पैदा करके चीन को "बदनाम" करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि ताइवान के एकीकरण को सुनिश्चित करने के लिए चीन हर संभव कोशिश करेगा.

चीन के रक्षा मंत्री ने सिंगापुर में शांगरी-ला डायलॉग के दौरान कहा, "ताइवान की आजादी एक बंद गली में जाने वाला रास्ता है." ताइवान को लेकर चीन और अमेरिका के बीच तनाव के मद्देनजर वेई फेंगे ने कहा कि ताइवान की आजादी को रोकने के लिए चीन अपनी शक्ति में कुछ भी करेगा.

रक्षा मंत्री वेई फेंगे ने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर कोई ताइवान को चीन से अलग करने की हिम्मत करता है, तो हम लड़ने में नहीं हिचकिचाएंगे. हम इसके लिए हर कीमत पर लड़ेंगे. और इसे खत्म करने के लिए लड़ेंगे. चीन के लिए यही एकमात्र विकल्प है."

चीनी रक्षा मंत्री की टिप्पणी अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन द्वारा ताइवान के खिलाफ चीन के खिलाफ "भड़काऊ और अस्थिर करने वाली सैन्य कार्रवाई" पर बयान के बाद आई है.

अमेरिका ने चीन पर लगाया आरोप

उसी शांगरी-ला डायलॉग में ऑस्टिन ने कहा था, "हमने हाल के दिनों में ताइवान के पास चीन द्वारा उकसाने वाली और अस्थिर करने वाली सैन्य गतिविधियों में लगातार वृद्धि देखी है. और लगभग दैनिक आधार पर ताइवान के पास उड़ान भर रहे हैं."

ऑस्टिन ने कहा, "हम इस तनाव को जिम्मेदारी से प्रबंधित करने, संघर्ष को रोकने और शांति व समृद्धि को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभाएंगे."

चीन के रक्षा मंत्री वेई ने कहा कि चीन अमेरिका से नहीं डरता है. उन्होंने कहा, "किसी को भी अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए चीनी सशस्त्र बलों की प्रतिबद्धता और क्षमता को कम नहीं आंकना चाहिए."

वेई ने कहा हम वॉशिंगटन से "चीन को बदनाम और नियंत्रित करने की कोशिश बंद करने का आग्रह करते हैं. अमेरिका को चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना बंद करना चाहिए. चीन के हितों को नुकसान पहुंचाना बंद करना चाहिए."

वेई ने कहा वॉशिंगटन के साथ हमारे संबंध एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं. उन्होंने कहा, "संघर्ष से देश या दुनिया को कोई फायदा नहीं होगा." उन्होंने आगे कहा कि "जो लोग चीन को विभाजित करने के प्रयासों में ताइवान की स्वतंत्रता का समर्थन करते हैं, उनके लिए निश्चित रूप से अच्छे परिणाम नहीं होंगे."

ताइवान को लेकर चीन और अमेरिका के बीच तनाव तेजी से बढ़ा है. खासकर जब चीन ने ताइवान के वायु रक्षा क्षेत्र में अपनी सैन्य घुसपैठ को तेज कर दिया है.

अमेरिका और चीन के बीच एक लंबे समय से चले आ रहे समझौते के तहत, वॉशिंगटन "एक-चीन" नीति का पालन कर रहा है. इस राजनीतिक स्थिति के मुताबिक अमेरिका ताइवान की राजधानी ताइपे को आधिकारिक रूप से मान्यता देने के बजाय बीजिंग के साथ सभी मुद्दों को निपटाने के लिए बाध्य है. ताइवान खुद को एक स्वतंत्र देश मानता है, लेकिन चीन इसे अपने देश का हिस्सा मानता है. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हाल ही में ताइवान के साथ "पूर्ण एकीकरण" के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है.

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1949 से ही ताइवान की एक स्वतंत्र सरकार है लेकिन चीन उसे अपना हिस्सा मानता है और इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच लगातार तनाव बना रहता है.

हाल के महीनों में ताइवान ने अपने वायु रक्षा क्षेत्र में चीनी वायु सेना द्वारा उकसाने वाली उड़ानों की शिकायत की. इसी साल 23 जनवरी को ताइवान के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने अपने वायु रक्षा क्षेत्र में 39 चीनी लड़ाकू विमानों को राडार में पकड़ा.

एए/वीके (एएफपी, एपी, रॉयटर्स)

Source: DW

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