Phalodi Satta Market: छिंदवाड़ा सीट पर किसका पलड़ा भारी? फलौदी सट्टा बाजार के भाव ने सबको चौंकाया!
मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव (Madhya Pradesh Loksabha Election 2024) के लिए मतदान 13 मई को खत्म हो गया था। इसके बाद से बीजेपी और कांग्रेस के उम्मीदवारों की धड़कने यह जानने के लिए तेज हो गई वह अपनी सीट जीत पाएंगे या नहीं?
इस बीच फलोदी सट्टा बाजार (phalodi satta bazaar prediction) के भावों ने बीजेपी-कांग्रेस दोनों पार्टियों की टेंशन बढ़ा दी है। छिंदवाड़ा सीट पर भी फलोदी बाजार में जो भाव चल रहा है वह बीजेपी की टेंशन बढ़ाने वाला है।

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार फलोदी सट्टा बाजार छिंदवाड़ा सीट में नकुलनाथ का भाव 70 से 80 पैसा व भाजपा की विवेक बंटी का भाव 1.25 रुपये चल रहा है। इस हिसाब से बीजेपी के विवेक बंटी की छिंदवाड़ा सीट पर कमजोर स्थिति बताई जा रही है।
फलौदी सट्टा बाजार ने दी कमलनाथ को बड़ी आस
फलौदी सट्टा बाजार कमलनाथ के लिए तो खुशखबरी दी है, पर कांग्रेस के लिए अच्छी खबर नहीं दी है। ऐसा इसलिए क्योंकि फलौदी सट्टा बाजार के अनुमान के अनुसार मध्य प्रदेश लोकसभा चुनाव में 2024 का परिणाम 2019 की तरह ही रहने वाला है। यानि कि छिंदवाड़ा लोकसभा सीट पर कांग्रेस जीत रही है तो वहीं अन्य लोकसभा सीटों पर बीजेपी चुनाव जीत सकती है। हालांकि अंतिम परिणाम 4 जून को सामने आएंगे। तभी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
अधूरा रह जाएगा बीजेपी का मिशन-29?
मध्य प्रदेश में बीजेपी ने मिशन-29 का लक्ष्य रखा है। मध्य प्रदेश की सभी सीटों को जीतने के लिए पार्टी ने पूरी ताकत झोंकी है। भाजपा का दावा है कि प्रदेश की सभी 29 सीटों पर जीत हासिल होगी, हालांकि फलौदी सट्टा बाजार के अनुमान से भारतीय जनता पार्टी के मिशन-29 को झटका लग सकता है।
छिंदवाड़ा लोकसभा सीट एक मात्र ऐसी लोकसभा सीट है। जिस पर 2019 में कांग्रेस को जीत मिली थी। उस दौरान मध्य प्रदेश में कांग्रेस बहुत बुरी तरह चुनाव हारी थी। यही कारण है कि भारतीय जनता पार्टी ने छिंदवाड़ा जीतने के लिए तभी से मेहनत शुरू कर दी थी। आये दिन मुख्यमंत्री के दौरे हों या फिर जनसभा, छिंदवाड़ा में आयोजित होने लगे थे। चुनाव के दौरान कई पूर्व मंत्री, विधायकों और नेताओं ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया।
ऐसे में कांग्रेस के लिए वहां अपनी जमीन बचा पाना सबसे ज्यादा मुश्किल नजर आ रहा था। लगातार कमजोर होती कांग्रेस को देख कमलनाथ और पूरे नाथ परिवार ने जमीन पर उतरकर मोर्चा संभाला। यहां तक कि कमलनाथ प्रदेश की किसी सीट पर प्रचार करने तक नहीं गए। जब तक कि छिंदवाड़ा के चुनाव संपन्न नहीं हो गए। अब इसी मेहनत का परिणाम कहें या फिर कांग्रेस का गढ़ कहें जिसको लेकर फलौदी सट्टा बाजार का अनुमान सामने आया है।
नोट: (Oneindia Hindi इस तरह के किसी सट्टा बाजार और सटोरियों पर ना तो भरोसा करता है और न ही इसकी पुष्टि करता है)












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