Devkinandan Thakur: जब तक जनसंख्या नियंत्रण कानून नहीं, गोद में खिलाओ 5-5 बच्चे, खुला सांड की तरह है कुछ लोग
एमपी में कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने फिर विवादित बयान दिया है। छिंदवाड़ा में बोले कि जब तक जनसंख्या नियंत्रण कानून नहीं तब तक हिन्दू 5-5 बच्चे अपनी गोद में खिलाए।

Devkinandan Thakur: भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने के बयानों के बीच कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर का एक और बड़ा बयान सामने आया हैं। एमपी के छिंदवाड़ा में आयोजित शिव महापुराण के मौके पर उन्होंने कहा कि देश में जब तक जनसंख्या नियंत्रण कानून नहीं, तब तक सनातनी लोग अपनी गोद में कम से कम 5-5 बच्चे खिलाए। भीड़ भरे कथा पंडाल से देवकीनंदन बोले कि कुछ लोगों को सांड की तरह खुला छोड़ दिया हैं। ऐसी स्थितियों में भविष्य में देश की हालत पर भी चिंता जताई।

हिन्दू राष्ट्र के मुद्दे पर कथा वाचकों के बयान तेज होते जा रहे हैं और बहस बढ़ती ही जा रही है। बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री के बयानों के बीच देवकीनंदन ठाकुर के धारदार बयान सामने आ रहे हैं। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में आयोजित शिव महापुराण कथा के समापन अवसर पर देवकीनंदन ने जनसंख्या कानून की अलग अंदाज में वकालत की। कथा मंच से वह बोले कि बहुसंख्यक सनातनी धर्म के लोगों की वजह से देश में सेकुलरवाद है। जिस दिन यह स्थिति अल्पसंख्यक में तब्दील होगी, तो देश की हालत अलग रहेगी। भक्तों की भारी भीड़ के बीच उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों को खुले सांड की तरह छोड़ दिया गया हैं।

जनसंख्या वृद्धि और नियंत्रण पर अपने अंदाज में तंज कसते हुए देवकीनंदन बोले कि जब तक जनसंख्या नियंत्रण कानून न बने तब तक हर हिन्दू अपनी गोद में पांच-पांच बच्चे खिलाए। यानि कम से कम इतने बच्चे पैदा करें। यह पहला मौका नहीं है जब किसी कथा वाचक द्वारा ऐसा बयान दिया गया। इससे पहले सार्वजनिक मंचों से भी जनसंख्या वृद्धि को लेकर अलग-थलग बयान आते रहे है। जो बहस का मुद्दा रहे। लेकिन धार्मिक आयोजनों के जरिए एक के बाद एक इसी मुद्दे पर टिप्पणी के कई मायने निकलने शुरू हो गए हैं। देवकीनंदन ने मौलाना मदनी के बयान पर भी तल्ख़ एतराज जताया और नसीहत दी है।












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