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छत्तीसगढ़: बेटे की मौत के बाद नहीं दिया 'मृत्यु भोज', बिरादरी ने गांव से बेदखल किया पूरा परिवार

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मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में एक अजीबोगरीब मामला देखने को मिला है। यहां 20 साल के बेटे की मौत के बाद गांव वालों को 'मृत्यु भोज' नहीं दिया। लिहाजा गांव वालों ने इस परिवार को गांव से बेदखल कर दिया। गांववालों की उपेक्षा के कारण इस परिवार का जीना दूभर हो गया है। बता दें कि इस परिवार के 20 साल के बेटे की दो साल पहले मौत हो गई थी। जब से यह पूरा परिवार दर-दर की ठोकर खा रहा है।

Villagers social boycott a family after 20-year-old son death

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, संतन नीरमलकर, उनकी पत्नी और पांच बच्चे गांव की किसी दुकान से सामान नहीं खरीद सकते और न ही किसी से बात कर सकते हैं। उन्होंने अब तक कई सरकारी अधिकारियों को इस बारे में लिखा और मदद मांगी मगर सब व्यर्थ गया। संतन नीरमलकर की मानें तो मृत्यु उपरान्त 'मृत्यु भोज' का आयोजन किया जाता है, जिसमें गांव के हर परिवार को भोजना करना होता है।

उन्होंने कहा, 'मैं बहुत गरीब हूं इसलिए इतना बड़ा भोज नहीं कर सका। जितनी मेरी क्षमता थी मैंने उतना किया। मगर हमारी बिरादरी के लोगों ने हमें समाज से बेदखल कर दिया। मुझे हर रोज अब पास के गांवों में मजदूरी के लिए जाना होता है। मेरे बच्चे सामान लेने भी पास के गांवों में जाते हैं।' इस मामले पर मुंगेली के एएसपी सीडी टिर्की ने कहा कि उन्हें इस मामले में शिकायत मिली है। शिकायत के बाद मामले में जांच के आदेश दिए गए थे। अगर पैसों की वसूली की जा रही है या किसी तरह की धमकी दी जा रही है, तभी ऐक्शन लिया जा सकता है।'

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English summary
Villagers social boycott a family after 20-year-old son death
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