छतरपुर में मुस्लिम समाज ने कोतवाली थाने का किया घेराव, जान बचाकर भागे पुलिसकर्मी, वीडियो आया सामने
chhatarpur News: छतरपुर में बुधवार शाम एक समुदाय के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर नाराज लोगों ने सिटी कोतवाली पर पथराव किया। इस हिंसक घटना में थाना प्रभारी अरविंद कुंजर, आरक्षक भूपेंद्र कुमार, और एडीएम के गनमैन राजेंद्र चढ़ार घायल हो गए हैं। थाना प्रभारी की हालत गंभीर है और उनका इलाज आईसीयू में चल रहा है।
छतरपुर कोतवाली थाने में मुस्लिम समाज के द्वारा पथराव का वीडियो सामने आया है। बता दे महाराष्ट्र में रामगिरि महाराज द्वारा पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब पर टिप्पणी को लेकर छतरपुर में मुस्लिम समाज ने कोतवाली थाने का किया घेराव था। इस टिप्पणी से नाराज होकर स्थानीय समुदाय के लोग शाम करीब 5 बजे थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया। धीरे-धीरे भीड़ बढ़ती गई और वे थाने के बाहर नारेबाजी करने लगे।

भीड़ ने धीरे-धीरे तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न की और कुछ लोगों ने थाने की ओर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। पुलिस ने मेन गेट को बंद कर दिया, लेकिन भीड़ ने पत्थरबाजी जारी रखी। पुलिसकर्मी बाउंड्री वॉल पर चढ़कर भीड़ को शांत करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन स्थिति नियंत्रित नहीं हो पाई। थाना प्रभारी अरविंद कुंजर भी पथराव के दौरान थाने के बाहर ही थे और उन्हें गंभीर चोटें आईं।
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घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर पार्थ जायसवाल और एसपी अगम जैन अस्पताल पहुंचे। कलेक्टर ने स्थिति की जानकारी देते हुए कहा, "पथराव में टीआई और दो पुलिसकर्मियों को चोट आई है। उनका इलाज चल रहा है। एसपी के साथ शहर में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए निकला हूं। हम स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।"
पुलिस ने मामले में करीब 30 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है, जिनमें कुछ महिलाएं भी शामिल हैं। कलेक्टर और एसपी ने सुनिश्चित किया है कि शहर में सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखा जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने छतरपुर में तनाव को बढ़ा दिया है और पुलिस प्रशासन को स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने की आवश्यकता महसूस हो रही है। स्थानीय प्रशासन का ध्यान वर्तमान में स्थिति को शांत और नियंत्रण में लाने पर केंद्रित है।

विस्तार जानिए पूरा मामला
छतरपुर के सिटी कोतवाली पर बुधवार शाम को हुई पत्थरबाजी की घटना में थाना प्रभारी अरविंद कुंजर, आरक्षक भूपेंद्र कुमार और एडीएम के गनमैन राजेंद्र चढ़ार गंभीर रूप से घायल हो गए। थाना प्रभारी अरविंद कुंजर को सिर, हाथ, पैर और सीने में पत्थर लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, एक समुदाय के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी से नाराज होकर लोगों ने थाने पर हमला किया। इस दौरान थाना प्रभारी अरविंद कुंजर ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन पत्थरबाजी के कारण वे गंभीर रूप से घायल हो गए। एक पुलिसकर्मी भी इस पथराव में घायल हुआ।
घटना के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों ने वीडियो रिकॉर्ड किया जिसमें एक महिला पुलिसकर्मी की आवाज सुनाई देती है, "परिसर में जो गाड़ी खड़ी है, उसमें कुछ लोग बैठे हैं। वे मर जाएंगे, उन्हें बाहर निकालिए।" यह बयान स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है कि किस हद तक थाने पर हमला हुआ था।
एडीएम के गनमैन राजेंद्र चढ़ार और आरक्षक भूपेंद्र कुमार ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि थाने के बाहर लगभग 600-700 लोग जमा थे और वे एक व्यक्ति पर एफआईआर की मांग कर रहे थे। तभी अचानक पत्थरबाजी शुरू हो गई। दोनों ने बताया कि पत्थरबाजी के दौरान वे खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागे, इसी बीच एक पत्थर सीधे राजेंद्र चढ़ार के सिर पर लगा और इसके बाद और पत्थर लगते गए।
पुलिस ने हालात को संभालने के लिए तत्काल कार्रवाई की और 30 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। कलेक्टर पार्थ जायसवाल और एसपी अगम जैन ने स्थिति का जायजा लिया और शहर में सुरक्षा व्यवस्था को सख्त करने का निर्देश दिया। पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता अब घायलों को उचित इलाज दिलाना और शहर में शांति बनाए रखना है।












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