बागेश्वर धाम में फिर हादसा, धर्मशाला की दीवार ढही, एक श्रद्धालु की मौत, 11 घायल— आखिर कब सुधरेंगी व्यवस्थाएं?

बागेश्वर धाम में दीवार गिरने से एक भक्त की मौत हो गई और ग्यारह अन्य घायल हो गए। इस घटना से पहले हुई दुर्घटनाओं के बाद साइट के प्रबंधन को लेकर गंभीर सुरक्षा संबंधी चिंताएँ बढ़ गई हैं।

MP News: आस्था का केंद्र माने जाने वाले बागेश्वर धाम में मंगलवार तड़के फिर एक बड़ा हादसा हुआ। एक धर्मशाला की दीवार गिरने से उत्तर प्रदेश की एक महिला श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य श्रद्धालु घायल हो गए।

इससे पहले 3 जुलाई को टेंट गिरने से एक बुजुर्ग की जान चली गई थी। मात्र 5 दिन के भीतर दो बड़ी घटनाएं होने से श्रद्धालुओं में डर और आक्रोश है, वहीं धाम प्रबंधन और प्रशासन की लचर तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं।

Tragic Wall Collapse at Bageshwar Dham Leaves One Dead and Many Injured

मंगलवार तड़के दीवार ढही, मची चीख-पुकार

छतरपुर जिले के गढ़ा गांव स्थित बागेश्वर धाम में सुबह करीब 3:30 बजे धर्मशाला की पुरानी दीवार भरभरा कर गिर गई। इस दौरान वहां सो रहे श्रद्धालु मलबे में दब गए। अनीता देवी खरवार (40), निवासी अदलहाट गांव, जिला मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश), की मौके पर ही मौत हो गई। घटना में घायल 11 अन्य श्रद्धालुओं में चार की हालत गंभीर बताई जा रही है जिन्हें ग्वालियर रेफर किया गया है।

घटना के तुरंत बाद बमीठा थाना पुलिस और प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचीं और रात में ही राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

छतरपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. आरपी गुप्ता ने बताया, "सुबह भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने के कारण धर्मशाला की दीवार कमजोर होकर ढह गई। मलबे में दबने से एक महिला की मौत हो गई, और 10-12 लोग घायल हुए हैं। गंभीर रूप से घायल चार लोगों को ग्वालियर रेफर किया गया है, जबकि बाकियों की हालत स्थिर है।"

घटना की सूचना मिलते ही बमीठा थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को मलबे से निकालकर तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। मृतक अनीता देवी के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया, और प्रशासन ने उनके परिजनों को मुआवजे का आश्वासन दिया है।

घायलों की सूची

घायलों में शामिल हैं:

  • मुंशीलाल कश्यप
  • पूनम देवी कहार
  • बीना देवी कश्यप
  • मंजू देवी कुर्मी
  • अरविंद कुमार पटेल
  • प्रिया कुमारी खखार
  • अंशिका कुमारी कहार
  • कौशल सोनी
  • गुलाबचंद साहू
  • धनेश्वरी देवी
  • अन्य

इनमें से ज्यादातर उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, जो बागेश्वर धाम में दर्शन करने आए थे।

Bageshwar: पांच दिन पहले टेंट हादसा, एक और श्रद्धालु की मौत

यह बागेश्वर धाम में पांच दिन के भीतर दूसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले, 3 जुलाई 2025 को धाम परिसर में टेंट गिरने से उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के सिकंदरपुर निवासी श्यामलाल कौशल (50) की मौत हो गई थी। यह हादसा सुबह करीब 7 बजे उस समय हुआ, जब भारी बारिश और तेज हवा के कारण टेंट का एक हिस्सा ढह गया। लोहे का एंगल श्यामलाल के सिर पर लगा, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में 8 लोग घायल हुए थे, जिनमें राजेश कुमार कौशल, सौम्या, पारुल, और उन्नति शामिल थे।

बमीठा थाना प्रभारी आशुतोष श्रुतिया ने बताया, "3 जुलाई को बारिश के कारण टेंट में पानी भर गया था, और तेज हवा के दबाव से टेंट का एक हिस्सा गिर गया। इसमें चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे, और एक की मौत हो गई।"

हादसों का कारण: बारिश या लापरवाही?

दोनों हादसों के पीछे भारी बारिश को प्राथमिक कारण बताया जा रहा है। 8 जुलाई के हादसे में अधिकारियों ने कहा कि तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से धर्मशाला की पुरानी दीवार कमजोर हो गई थी। इसी तरह, 3 जुलाई को टेंट हादसा भी बारिश और तेज हवा के कारण हुआ था। हालांकि, इन हादसों ने धाम प्रबंधन की संरचनात्मक सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं।

  • पुरानी संरचनाएं: धर्मशाला की दीवार पुरानी और कमजोर थी, जिसे समय रहते ठीक नहीं किया गया।
  • अस्थायी ढांचे: 3 जुलाई को टेंट और पॉलिथीन से बने अस्थायी ढांचे भारी बारिश और भीड़ के दबाव को सहन नहीं कर सके।
  • भीड़ प्रबंधन की कमी: दोनों हादसों के समय भारी भीड़ थी, खासकर क्योंकि 1 से 12 जुलाई तक बागेश्वर धाम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव और धीरेंद्र शास्त्री का जन्मदिन (4 जुलाई) मनाया जा रहा था।

धीरेंद्र शास्त्री का बयान और अपील

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दोनों हादसों पर दुख जताया है। 3 जुलाई के टेंट हादसे पर उन्होंने कहा, "किसी ने गलत खबर फैलाई कि टीन शेड गिरा, जबकि यह पॉलिथीन का पंडाल था, जिसमें बारिश का पानी भर गया और वह ढह गया। हमें इस हादसे का बहुत दुख है।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हादसा उनके मुख्य पंडाल से दूर पुराने दरबार क्षेत्र में हुआ था।

8 जुलाई के हादसे के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने श्रद्धालुओं से गुरु पूर्णिमा का पर्व अपने घरों पर मनाने की अपील की। उन्होंने कहा, "लाखों लोग बागेश्वर धाम पहुंच रहे हैं, लेकिन बारिश और भीड़ के कारण व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। हम नहीं चाहते कि किसी श्रद्धालु की आस्था को चोट पहुंचे या उनकी जान को खतरा हो।"

उन्होंने सभी कार्यक्रम रद्द करने की घोषणा भी की थी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

प्रशासन की कार्रवाई

  • जांच शुरू: प्रशासन ने दोनों हादसों की जांच के आदेश दिए हैं। दीवार गिरने के कारणों का पता लगाने के लिए एक समिति गठित की गई है।
  • मुआवजा: मृतक अनीता देवी के परिजनों को शासन की ओर से मुआवजा देने का वादा किया गया है।
  • अस्पताल में इलाज: घायलों को छतरपुर जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है। गंभीर घायलों को ग्वालियर रेफर किया गया है, जहां उनकी स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।
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