दादा की हत्या कर सूटकेस में रखी लाश, रोज दिखाता था अगरबत्ती
चेन्नई। बड़े-बुजुर्गों अपने बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के साथ अपने जीवन के अनुभव हमेशा साझा करते हैं। साथ ही वह उनसे उम्मीद रखते हैं कि जो गलतियां हमने की अपने जीवन काल में वह उनकी आने वाली पीढ़िया ना करें। लेकिन आज का युवा सुनना थोड़ा कम पसंद है। लेकिन चेन्नई की ये घटना आपको सोचने पर मजबूर कर देगी क्या युवा पीढ़ी के अंदर धैर्य ने अपनी जगह खो दी है।

दरअसल चेन्ने के माधवरम में एक युवक ने अपने दादा की रोज-रोज की नसीहतों से तंग आकर उनकी हत्या कर दी। 25 साल के एस जेरॉम बॉस्को ने अपने 70 वर्षीय दादा मैक्सवेल जे. विलियम्स की हत्या कर दी। हत्या भी ऐसी कि सुनकर आप दहल जायेंगे।
पुलिस के मुताबिक माईकल ने अपने दादा की गला घोंटकर हत्या की थी। उसने अपने दादा के हाथ बांध दिये उसके बाद उनके शव को छत पर दो दिनों के लिए रख दिया था। शव के पास से बदबू ना आये इसलिए शव के पास रोज अगरबत्ती जलाता था। बाद में माईकल ने अपने दादा के शव को सूटकेस में रखकर सड़क के किनारे फेंक दिया। बाद में पुलिस ने सिनाख्त के बाद शव की पहचान की।
विलियम्स चेन्नई पोर्ट ट्रस्ट के रिटायर्ड कर्मचारी थे, साथ ही वह ज्यादातर समय अपने बेटे के साथ ऑस्ट्रेलिया में रहते थे। विलियम्स 2 महीने पहले ही चेन्नै आए थे जहां वह अपने पोते माइकल बॉस्को के साथ रहते थे। पुलिस के मुताबिक विलियम्स का पोता बॉस्को नशे का आदि था। बॉस्को एक रीयल स्टेट में कार्यरत था लेकिन उसने अपनी नौकरी छोड़ दी थी।
बॉस्को के दादा हमेशा उससे नशे की लत छोड़ने के लिए कहते थे, लेकिन दादा की नसीहतों से वह काफी झुंझला गया था। पुलिस ने बताया कि एक दिन बॉस्को अपने दादा को लेकर बैंक गया जहां से उन्होंने 80,000 रुपये निकाले। घर पहुंचने पर बॉस्को से उन रुपयों में से 10,000 रुपये चुरा लिया लेकिन जब उसके दादा को इसकी खबर हुई तो उन्होंने बॉस्को से नशे की लत छोड़कर नौकरी करने की नसीहत दी। जिसपर बॉस्को अपना आपा खो बैठा और उसने अपने दादा की हत्या कर दी।












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