तमिलनाडु निकाय चुनाव BJP के लिए बना संजीवनी, 2011 की तुलना में किया शानदार प्रदर्शन
चेन्नई, 23 फरवरी: तमिलनाडु निकाय चुनाव के नतीजों में सत्तारूढ़ पार्टी डीएमके ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए बड़ी जीत हासिल की है। एक तरफ जहां डीएमके ने ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन सहित सभी 21 नगर निगमों में बहुमत हासिल किया है, तो दूसरी तरफ बीजेपी का भी तमिलनाडु में चौंकाने वाला प्रदर्शन देखने को मिला है। पिछली बार (2011) की तुलना में इस बार शहरी चुनावों में बीजेपी अपने वार्डों की संख्या बढ़ाने में कामयाब रही है।

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2011 की तुलना में बेहतर प्रदर्शन
तमिलनाडु में 11 साल के बाद 19 फरवरी को शहरी स्थानीय निकाय चुनाव के लिए वोटिंग हुई, जिसके बाद 22 फरवरी को तस्वीरें साफ हो गई
बीजेपी को नहीं मिला कहीं भी बहुमत
हालांकि स्थानीय निकाय में बीजेपी कहीं भी बहुमत हासिल नहीं कर पाई, लेकिन पार्टी के लिए जीत किसी संजीवनी से कम नहीं है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी ने राज्य में 649 शहरी स्थानीय निकायों की 12,838 सीटों में से लगभग 43% सीटों पर 5,480 उम्मीदवार उतारे थे। क्योंकि भाजपा ने डीएमके और एआईडीएके के बाद बाकी के दलों की तुलना में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। चेन्नई निगम के वार्ड 134 से भाजपा प्रत्याशी उमा आनंदन को पार्षद चुना गया है।
कई वार्डों में बीजेपी ने जीत की हासिल
तिरुनेलवेली के पनागुडी नगर पंचायत के चौथे वार्ड में भी लकी ड्रा से एक भाजपा उम्मीदवार के जीतने की खबर है। क्योंकि अन्नाद्रमुक और भाजपा दोनों उम्मीदवारों ने 266 वोट हासिल किए थे, इसलिए यह निर्णय लिया गया कि विजेता का चुनाव लकी ड्रा द्वारा किया जाएगा। ड्रॉ में भाजपा प्रत्याशी मनुवेल को विजेता घोषित किया गया। इधर, तिरुपार के वार्ड नंबर 9 से बीजेपी प्रत्याशी ने बड़ी जीत हासिल की है। बीजेपी कैंडिडेट को कुल 230 वोट मिले, जबकि डीएमके के प्रत्याशी को सिर्फ 30 वोटों के अंतर से अपनी जमानत गंवानी पड़ी है।
अकेले चुनाव लड़ने का किया था फैसला
वहीं करूर जिले में वार्ड नंबर 3 में भी बीजेपी ने अपना झंडा लहराया है। इसी के साथ नागरकोइल निगम में वार्ड नंबर 9 में भी भाजपा प्रत्याशी जीता है। इस तरह से तमिलनाडु निकाय चुनाव में बीजेपी की जीत लोगों को चौंका रही है। बता दें कि 31 जनवरी को तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने घोषणा की कि थी AIADMK के साथ सीट बंटवारे की वार्ता के दौरान गतिरोध के बाद पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी। इससे साफ होता है कि धीरे-धीरे बीजेपी दक्षिण में भी पार्टी को फैलाने में कामयाब हो रही है।
डीएमके ने मारी बाजी
नतीजों में डीएमके ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन सहित सभी 21 नगर निगमों में बहुमत हासिल किया है। इसके अलावा 138 नगरपालिकाओं और 490 नगर पंचायतों में में जीत हालिस की है। सत्ताधारी दल ने निगमों में 946, नगरपालिकाओं में 2,360 और नगर पंचायतों में 4,388 वार्ड जीत कर पार्टी को बुलंद किया है।












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