तमिलनाडु में दूसरे सीरो सर्वे के आए नतीजे, 23 फीसदी आबादी के अंदर मिली एंटीबॉडी
चेन्नई, जून 9। तमिलनाडु में किए गए दूसरे सीरो सर्वे में ये सामने आया है कि राज्य की कम से कम 23 फीसदी आबादी ने कोरोना के प्रति एंटीबॉडी हासिल कर ली है, जो कि पिछले साल किए गए पहले सीरो सर्वे के नतीजे से काफी कम है। पिछले सीरो सर्वे में राज्य के अंदर 31 फीसदी लोगों के अंदर एंटीबॉडी पाई गई थी। आपको बता दें कि दूसरा सीरो सर्वे इसी साल अप्रैल में किया गया है, जबकि पहला सीरो सर्वे अक्टूबर-नवंबर में किया गया था।

चेन्नई को छोड़कर सभी जिलों में हुआ सर्वे
हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, जन स्वास्थ्य और निवारक चिकित्सा निदेशालय के द्वारा ये सर्वे चेन्नई को छोड़कर सभी जिलों के अंदर किया गया है। आपको बता दें कि चेन्नई में पहले ही ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन के द्वारा दो सीरो सर्वे दिए जा चुके हैं।
दूसरे सर्वे में एंटीबॉडी की गिरावट की वजह?
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी के डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर प्रभदीप कौर का कहना है कि हम जानते हैं कि एंटीबॉडी केवल कुछ महीनों तक चलती हैं। इसलिए जो लोग पहली लहर के शुरुआती हिस्से में संक्रमित हो गए थे, उनमें अब दूसरी लहर में पता लगाने योग्य एंटीबॉडी नहीं बची है। उन्होंने बताया कि यही वजह है कि पहले सर्वे के मुकाबले दूसरे सर्वे में एंटीबॉडी में गिरावट देखी गई है। डॉक्टर प्रभदीप कौर ने आगे कहा कि यह प्रत्याशित है और भारत के साथ-साथ दुनिया भर में एंटीबॉडी में गिरावट देखी गई है।
22904 लोगों के लिए गए सैंपल
आपको बता दें कि इस सर्वे में 22,904 सैंपल की टेस्टिंग की गई। इनमें से 5,316 लोगों में कोरोना वायरस के खिलाफ आईजीजी (इम्युनोग्लोबुलिन जी-टाइप) एंटीबॉडी पाए गए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि तमिलनाडु में कोरोना के B.1.617.2 (डेल्टा) वेरिएंट का पता चला है।












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