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बटाला ब्लास्ट: 24 लोगों की मौत, जांच में हुए सनसनीखेज खुलासे

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बटाला। पंजाब के गुरदासपुर जिला के बटाला में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे में 24 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन है, इसको लेकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी माथापच्ची करने में लगे हैं। लेकिन सच यह है कि शायद ही अब इन मौतों के जिम्मेदार शख्स को सजा दिलाई जा सके। चूंकि अब तक हुई जांच में कई सनसनीखेज मामलों का पता चला है।

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इससे पहले भी यहां हो चुके थे दो हादसे

नियम कायदों को धता बताते हुए घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में यह पटाखा बनाने वाली फैक्ट्री चल रही थी, लेकिन किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। बताया जा रहा है कि इसका लाइसेंस समयसीमा 2013 में ही खत्म हो चुका था। इससे पहले भी यहां दो हादसे हो चुके थे, लेकिन अवैध तौर पर यहां बेखौफ होकर पटाखे बनाये जा रहे थे। यह पटाखा फैक्ट्री ऐसे शख्स के नाम पर चलाई जा रही थी, जिसकी मौत करीब दस साल पहले हो चुकी थी। यह सब कैसे चलता रहा इसका जवाब न तो प्रशासन के पास है, न ही पुलिस के पास। हैरानी की बात है कि पुलिस ने फैक्ट्री मालिक और उसके सभी परिजनों पर मामला दर्ज किया है जिनमें सात की मौत हो चुकी है, जिससे पुलिस की मंशा पर सवाल उठने लगे हैं।

10 साल पहले खत्म हो चुका था पटाखा फैक्ट्री का लाइसेंस

हैरानी की बात है कि पटाखा फैक्ट्री का लाइसेंस दस साल पहले खत्म हो चुका था। इसके बावजूद प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। वर्ष 2017 में इसी फैक्ट्री में हादसा हुआ था और धमाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और तीन लोग घायल हो गए थे। उसके बाद मजिस्ट्रेट जांच के साथ पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने जांच के आदेश जारी किए थे। जांच के बाद फैक्ट्री के मालिक को क्लीयरेंस दे दी गई थी। इसके बाद पटाखे तैयार करने का काम दोबारा धड़ल्ले से शुरू हो गया। सबसे दिलचस्प बात है कि पूरी जांच में फैक्ट्री का लाइसेंस समाप्त होने जैसे तथ्य पर ध्यान नहीं दिया गया।

एसएसपी ने कहा- हमें फैक्ट्री के बारे में नहीं पता था

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उपिंदरजीत सिंह घुम्मन ने बताया कि इस फैक्ट्री में हुए विस्फोट में 24 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया, हमें फैक्ट्री के (संचालन) के बारे में पता नहीं था। 2013 में कारखाने के लाइसेंस की समय सीमा खत्म हो गई थी। फिलहाल हम कुछ नहीं कह सकते। हम मजिस्ट्रेट जांच के बाद ही कुछ कह सकते हैं। ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा राहत और बचाव कार्यों की देखरेख कर रहे हैं। उन्होंने पीड़ितों के स्वास्थ्य के बारे में पूछताछ करने के लिए बटाला के सिविल अस्पताल का दौरा किया।

तलाशी अभियान समाप्त

विस्फोट में कुल 24 लोग मारे गए और 18 लोग घायल हुए हैं। बुधवार को अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट होने के बाद क्षतिग्रस्त हुए इमारत के मलबों में राहत बचाव दल ने लापता लोगों की तलाश बंद कर दी। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के एक अधिकारी ने बताया, तलाश अभियान समाप्त हो चुका है। उपायुक्त विपुल उज्जवल ने बताया कि फैक्ट्री के मालिक ने लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन दिया था।

फैक्ट्री मालिक को थी पंजाब के राजनेता की शह!

बड़ी संख्या में पीड़ितों के परिवार के सदस्यों ने आवासीय क्षेत्र में अवैध फैक्ट्रियों के संचालन की जांच करने में असफल रहे राज्य सरकार के खिलाफ नारे लगाए। स्थानीय विधायक लखबीर सिंह लोधीनंगल ने अवैध फैक्ट्री के संचालन की जांच करने में प्रशासनिक असफलता को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, क्षेत्र में अभी भी कई अवैध फैक्ट्रियों का संचालन हो रहा है। दूसरी ओर, चर्चाएं हैं कि फैक्ट्री मालिक को पंजाब के एक राजनेता का आशीर्वाद प्राप्त था। कहा जा रहा है कि फैक्ट्री को लेकर जब-जब जांच बैठाई गई, राजनेता उसकी सिफारिश कर कार्रवाई से बचा लेता था। सारी जांच बस महज औपचारिकता रह जाती थी। इससे फैक्टी मालिक का हौसला बढ़ता गया और वह लगातार भारी मात्रा में अवैध पटाखे तैयार करता रहा। आखिर में वह खुद भी इसका शिकार हो गया।

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batala cracker factory blast shocking disclosure in investigation
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