क्या है 'हेलिकॉप्टर मनी' कोरोना संकट के बीच क्यों हो रही है इसकी चर्चा ?

नई दिल्ली। देश में कोरोना संकट के बीच आर्थिक संकट गहरा गया है। संक्रमण पर नियंत्रण पाने के लिए देशभर में लॉकडाउन कर दिया गया। इसकी मियाद 14 अप्रैल को खत्म हो रही है, लेकिन कोरोना वायरस के गहराते संकट को देखते हुए अंदाजा लगाया जा रहा है कि इसे और बढ़ाया जा सकता है। कई राज्य में इसे बढ़ाकर 30 अप्रैल तक कर दिया गया है। ऐसे में इसमें कोई आशंका नहीं है कि लॉकडाउन की वजह से आर्थिक गतिविधि ठप होने के कारण देश को भारी नुकसान हो रहा है। सरकार ने राहत पैकेज की घोषणा तो की, लेकिन वो गरीबों और मजदूर वर्ग के लिए था। अब उम्मीद की जा रही है कि सरकार लॉकडाउन की वजह से हो रहे आर्थिक नुकसान को देखते हुए हर सेक्टर के लिए वित्तीय पैकेज की घोषणा मांग की जा रही है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने रिजर्व बैंक से हेलिकॉप्टर मनी जारी करने की मांग की है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि ये 'हेलिकॉप्टर मनी' क्या होती है।

क्या है हेलिकॉप्टर मनी

क्या है हेलिकॉप्टर मनी


आर्थिक संकट के बीच खर्च कम हो जाता है तो सरकार मुफ्त पैसे बांटकर लोगों के खर्च और उपभोग को बढ़ावा देती है। लोगों के खर्च में बढ़ोतरी होने से मांग बढ़ती है और अर्थव्यवस्था में सुधार आता है। यही पैसा 'हेलिकॉप्टर मनी' कहलाता है। सरकार आर्थिक संकट के दौरान हेलीकॉप्टर मनी का इस्तेमाल करती है। इसके जरिए सीधे उपभोक्ताओं के खाते में पैसे भेजे जाते हैं। इसके पीछे मकसद होता है कि पैसे होने पर लोगों का खर्च बढ़ेगा। लोग अपना खर्च बढ़ाएं तो मांग बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था में मजबूती आएगी। इस हेलीकॉप्टर मनी के जरिए सरकार का मकसद होता है कि जैसे-जैसे बाजार में ग्राहकों की डिमांड बढ़ेगी वैसे ही देश की इकोनॉमी भी मजबूत होती जाएगी और देश आर्थिक संकट से बाहर आ सकेगा।

 कब पहली बार हुआ हेलीकॉप्टर मनी का इस्तेमाल

कब पहली बार हुआ हेलीकॉप्टर मनी का इस्तेमाल

हेलीकॉप्टर मनी की खोज साल 1969 में नोबेल पुरस्कार सम्मानित अमेरिकी अर्थशास्त्री मिल्टन फ्रीडमैन ने किया था। इस हेलीकॉप्टर मनी का इस्तेमाल सरकार उस वक्त करती है जब देश में आर्थिक संकट चरम पर हो, देश में मंदी की स्थिति बन गई हो। ऐसे में सरकार गिरती अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए बड़े पैमानें पर नोटों की छपाई करती है और बाजार की लिक्वीडिटी को बनाए रखने के लिए जनता से खरीददारी की अपील करती है। सरकार लोगों के खाते में सीधे पैसा भेजती है, ताकि लोगों का खर्च बढ़े।

 क्वांटिटेटिव ईजिंग से अलग है हेलीकॉप्टर मनी

क्वांटिटेटिव ईजिंग से अलग है हेलीकॉप्टर मनी

इस दौरान छपाई की गई रकम को सरकार को सेंट्रल बैंक को रिफंड नहीं करना पड़ता है। इस पैसे के जरिए सरकार मांग में तेजी लाने की कोशिश करती है। पैसे की सप्लाई बढ़ने से मांग और महंगाई में तेजी आती है और अर्थव्यवस्था में सुधार होता है। हेलीकॉप्टर मनी क्वांटिटेटिव ईजिंग से थोड़ा अलग होता है। क्वांटिटेटिव ईजिंग के तहत भी सेंट्रल बैंक नोटों की छपाई बढ़ाता है, लेकिन इसका इस्तेमाल वो सरकारी बॉन्ड खरीदने में करता है। बाद में सरकार को ये पैसा वापस करना होता है।

कोरोना वायरस की वजह से शुरू हुई चर्चा

कोरोना वायरस की वजह से शुरू हुई चर्चा

एक बार फिर से इस हेलीकॉप्टर मनी की चर्चा शुरू हुई है। दरअसल कोरोना वायरस की वजह से देश की अर्थव्यवस्था हिल गई है। ऐसे में एक बार फिर से 'हेलीकॉप्टर मनी' की चर्चा शुरू हो गयी है। लॉकडाउन औक कोरोना वायरस के कारण इकोनॉमी पर पड़े असर की वजह से इसके प्रचलन में आने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद दुनिया में ऐसे हालात पैदा हुए हैं कि सुपरपावर अमेरिका, जापान सहित दुनिया के कुछ अन्य देश इस हेलीकॉप्टर मनी का इस्तेमाल कर सकते हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+