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'कंपनी डूबे या मर जाए' पर सुपरटेक को खरीदारों का पैसा करना होगा वापस

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नई दिल्ली। रियल स्टेट की जानी-मानी कंपनी सुपरटेक को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बड़ा धक्का लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा एक्सप्रेस-वे पर बने सुपरटेक एमेराल्ड कोर्ट प्रॉजेक्ट को लेकर सख्त फैसला सुनाते हुए कंपनी को 4 हफ्तों के भीतर खरीददारों के पैसे लौटाने का आदेश दिया है।

 supertech

लौटाना होगा पैसा

सुपरटेक की किसी भी दलील को मानने से इंकार करते हुए कोर्ट ने कहा कि कंपनी डूब जाए या मर जाए हमें इससे कोई मतलब नहीं। उसे खरीदारों को पैसा वापस करना होगा। कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाते हुए कंपनी को आदेश दिया है कि वो 4 हफ्तों के भीतर 17 खरीदारों का पैसा जनवरी 2015 से अब तक के मूलधन का 10 फीसदी सालाना दर के वापस करे।

बिल्डर की मनमानी

आपको बता दें कि नोएडा अथॉरिटी ने 2006 में सुपरटेक को 17.29 एकड़ जमीन आवंटित की थी, जहां सुपरटेक ने 15 टावरों का निर्माण किया गया था। इन टावरों में प्रत्येक में सिर्फ 11 मंजिल ही बनी थी, लेकिन बाद में कंपनी ने सभी टावरों पर दो-दो मंजिले और बनाने शुरू कर दिए। इसे लेकर वहां के आरडब्ल्यूए ने आपत्ति दर्ज कराई और मामला कोर्ट तक पहुंच गया।

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English summary
The Supreme Court directed Supertech to pay 10% per month of the invested amount from 5 January 2015 to 17 home buyers within four weeks.
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