सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली बिल्डर्स के खिलाफ जारी किया नोटिस
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को रियल स्टेट फर्म आम्रपाली बिल्डर्स को नोटिस जारी किया है। आम्रपाली समूह को इस नोटिस का चार सप्ताह में जबाव देने के लिए कहा गया है।आपको बता दें कि नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने आम्रपाली ग्रुप के अल्ट्रा होम्स को दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करने की अर्जी को मंजूरी दे दी थी।

आम्रपाली फ्लैट के खरीदारों ने सुप्रीम कोर्ट में ये अर्जी दाखिल की थी। आम्रपाली ग्रुप के ग्रेटर नोएडा प्रोजेक्ट के 55 फ्लैट खरीददारों ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्युनल (एनसीएलटी ) द्वारा दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया शुरु करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। ये दूसरा ऐसा मामला है जहां किसी कंपनी को दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।
आपको बता दें कि बैंक ऑफ बड़ौदा ने आम्रपाली इंफ्रास्ट्रक्चर को 97.30 करोड रुपए का लोन दिया, लेकिन आम्रपाली इसे नहीं चुका सका। बैंक के अलावा आम्रपाली ने ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का भी बकाया अब तक नहीं चुकाया है। बिल्डर की इस गलती का हर्जाना फ्लैट बायर्स को भुगतना पड़ रहा है, हलांकि एनसीएलसी ने बैंकों को होम बायर्स के साथ नरमी बरतने का आदेश दिया है आम्रपाली के खिलाफ निवेशकों ने ग्रेटर नोएडा में एफआईआर दर्ज करवाई थी। उसके खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
आम्रपाली ने फ्लैट खरीददारों से 80 से 90 प्रतिशत तक पैसे वसूल लिए, लेकिन पिछले 7 सालों में एक भी प्रोजक्ट पूरा नहीं किया। आम्रपाली के साथ-साथ जेपी इंफ्रा भी खुद को दिवालिया घोषित करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन कोर्ट ने कंपनी को 2000 करोड़ रुपए जमा कराने का आदेश दिया है। उसे 27 अक्टूबर तक का वक्त दिया गया है।












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