रिलायंस जियो बिना जानकारी के दूसरे देशों को बेच रहा है आपका पर्सनल डाटा, एनॉनमस का दावा

नई दिल्‍ली। भारत में 4जी सर्विस लाने वाली रिलायंस पर पर्सनल डाटा अमेरिका और सिंगापुर में बेचकर पैसे बनाने का आराेेप लगा है। यह दावा हैकर्स ग्रुप एनॉनमस ने किया है।

Hacker Activist Group Anonymous Claims Jio Is Selling Your Data Without Your Knowledge!

एनॉनमस ने एक अंंग्रेजी वेबसाइट को बताया कि रिलायंस अपनी दो एप(माय जियो एवं जियो डायलर) के जरिए यूजर्स की व्‍यक्तिगत सूचना मैड मी नामक एड नेटवर्क को बेच रहा है। एनॉनमस एक ऐसा हैकर्स ग्रुप है जो कि कंपनियों और सरकारों के गलत कामों को एक्‍सपोज करता है। उसने जियो वाली खबर को अपने ट्विटर अकाउंट (@redteamin) से शेयर भी किया है।

एनॉनमस के मुताबिक, रिलायंस जियो बिना यूजर्स की इजाजत के उनका पर्सनल डाटा बेचकर पैसा कमा रहा है।

एनॉनमस ने इससे संबंधी एक विस्‍तृत ब्‍लॉग भी शेयर किया है। इसमे कुछ कदम दिए गए हैं जिनको फॉलो कर कोई भी यूजर यह जान सकता है कि जियो इंटरनेशनल सर्वर्स से कौन सा डाटा शेयर कर रहा है।

रिलायंस ने दी यह सफाई

हालांकि, इस पूरे मामले पर रिलायंस जियो इंफोकाॅम के प्रवक्‍ता ने सफााई देते हुए हैकर ग्रुप के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्‍होंने कहा कि जियो अपने कस्‍टमर्स की सुरक्षा और निजता को गंभीरता से लेता है। जियो किसी भी दूसरी कंपनी से अपने कस्‍टमर्स का डाटा शेयर नहीं करता है।

जियो अपने यूजर्स से ली गई किसी भी जानकारी को केवल सर्विस क्‍वॉलिटी बेेहतर करने के उद्देश्‍य से लेता है।

Hacker Activist Group Anonymous Claims Jio Is Selling Your Data Without Your Knowledge!

पिछले साथ जियो चैट पर उठाया सवाल

आज से एक साल पहले इसे एनॉनमस हैकर ग्रुप ने दावा किया था कि रिलायंस जियो चैट एप जियो चैट के जरिए पर्सनल डाटा एक चाईनीज आईपी पर भेजा जाता है। इसका सीधा मतलब था कि चैट करने वाले का पूरा डिटेल चाइनीज कंपनी को जाता थाा और कोई भी आपकी व्‍यक्तिगत चैट में घुसकर यह जान सकता था कि आप अपने दोस्‍तोंं से क्‍या चैट कर रहे हैं।

जियो एप खुद भी चाइनीज भाषा मेंं एनकोड की गई थी, जो कि इशारा करती थी कि इसे किसी चाइनीज कंपनी ने ही बनाया होगा। हालांकि, बाद में जियो ने इन सभी आरोपों से इनकार कर दिया था।

हालांकि, एनॉनमस ने बाद में यह भी बताया कि जियाे एप पिछले साल के तुलनात्‍मक रूप से अब चैट करने के लिए ज्‍यादा सुरक्षित है।

इन दो जियो एप से है खतरा

इस है‍क्टिविस्‍ट ग्रुप ने कहा कि उसने रिलायंस जियो की सभी एप की टेस्टिंग की तो पाया कि माय जियो एप और जियो डायलर देश के बाहर एक एड नेटवर्क कंपनी को व्‍यक्तिगत डाटा बेच रही है।

जब एनॉनमस से पूछा गया कि उन्‍होंने जियो एप को फिर से टेस्टिंग के लिए क्‍यों चुना तो जवाब था कि रिलायंस की गलत बातों को हम पिछले साल भी सबके सामने लाए थे और उन्‍हें सबक सिखाया था। रिलायंस नेट न्‍यूट्रैलिटी का उल्‍लंघन कर रही थी।

एनॉनमस ने इससे पहले कई सरकारी कंपनियों की गलत बातों को भी उजागर किया है। इनमें ट्राई और बीएसएनएल भी शामिल हैं। यह ग्रुप नेटवर्क न्‍यूट्रैैलिटी के पक्ष में आवाज उठाता रहा है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+