RBI लाने वाला है नया पेमेंट सिस्टम, युद्ध और आपदाओं के समय भी कर सकेंगे भुगतान

भारतीय रिजर्व बैंक एक लाइटवेट पेमेंट और सेटलमेंट सिस्टम लाने की योजना बना रहा है। जो युद्ध और आपदा के समय काम करेगा।

RBI plans new payment system will be able to make payments even during war and calamities

दुनियाभर में लगातार बढ़ रहे साइबर हमलों को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक एक लाइटवेट पेमेंट सेटलमेंट सिस्टम (एलपीएसएस) लॉन्च करने की योजना बना रहा है। जो युद्ध और प्राकृतिक आपदाओं के समय कम से कम कर्मचारियों द्वारा कहीं से भी संचालित किया जा सकेगा।

यह नया पेमेंट सिस्टम आरटीजीएस, एनईएफटी और यूपीआई जैसी मौजूदा भुगतान प्रणालियों के लिए उपयोग की जाने वाली पारंपरिक तकनीकों से अलग होगा। आरबीआई ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट 2023-23 में इस नए हल्के और पोर्टेबल पेमेंट सिस्टम के कॉन्सेप्ट का उल्लेख किया है।

देश में हल्के पोर्टेबल भुगतान प्रणाली की आवश्यकता की व्याख्या करते हुए केंद्रीय बैंक ने कहा, आरटीजीएस, एनईएफटी और यूपीआई जैसी मौजूदा पारंपरिक भुगतान प्रणालियों को बड़ी मात्रा में भुगतान करने के लिए डिजाइन किया गया है। जिसके कारण वे जटिल वायर्ड नेटवर्क पर निर्भर हैं।

प्राकृतिक आपदाओं और युद्ध जैसी भयानक घटनाओं के समय आरटीजीएस, एनईएफटी और यूपीआई जैसे मौजूदा पारंपरिक भुगतान सिस्टम अस्थायी तौर पर पहुंच से बाहर हो जाते हैं। आरबीआई इन्ही दिक्कतों से छुटकारा पाने के लिए ये नया पेमेंट सिस्टम लाने वाली है।

आरबीआई कहा कहना है कि, नए पेमेंट सिस्टम को इस तरह बनाया जाएगा। जो न्यूनतम हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर पर कम लोगों द्वारा कहीं से भी संचालित किया जा सकेगा। केंद्रीय बैंक ने कहा कि जरूरत पड़ने पर इसे सक्रिय किया जाएगा। सामान्य स्थिति में मौजूदा पेमेंट सिस्टम एक्टिव रहेंगे।

आरबीआई ने कहा कि यह उन लेनदेन को प्रोसेस करेगा जो अर्थव्यवस्था की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं जैसे कि सरकार और बाजार से संबंधित लेनदेन। यह प्राणाली जीरो डाउन टाइम की स्थिति में भुगतान सुनिश्चित कर सकती है। इस भुगतान प्रणाली का उद्देश्य अर्थव्यवस्था की तरलता बरकरार रखना है। यह निर्बाध आवश्यक भुगतान सेवाओं की सुविधा प्रदान करेगा, जैसे थोक भुगतान, इंटरबैंक भुगतान और प्रतिभागी संस्थानों के लिए नकदी का प्रावधान।

एलपीएसएस विषम परिस्थितियों में भुगतान और निपटान प्रणाली के लगातार कामकाज को सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। भुगतान प्रणाली के क्षेत्र में यह एक बंकर के रूप में कार्य करेगा। जिससे डिजिटल भुगतान और वित्तीय बाजार के बुनियादी ढांचे में जनता के विश्वास को बढ़ेगा।

आरबीआई केंद्रीकृत भुगतान प्रणालियों में payee name लुकअप लागू करने के विकल्प भी तलाश रहा है। रिज़र्व बैंक ने भुगतान प्रणालियों की सुरक्षा और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न सक्रिय पहल की हैं।

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