RBI Monetary Policy: शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति का किया ऐलान, रेपो रेट 6.5%
RBI Monetary Policy: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास आज आरबीआई की मौद्रिक नीति का ऐलान कर दिया है। आरबीआई गवर्नर ने मौद्रिक नीति कमेटी के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि ब्याज दरों में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है। रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे 6.5 फीसदी ही रखा गया है।
इसके साथ ही शक्तिकांत दास ने वित्त वर्ष 2024 के लिए सीपीआई महंगाई दर के 5.4 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में जीडीपी दर 7 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।

आरबीआई ने लगातार पांचवी बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। इसे 6.5 फीसदी पर ही बरकरार रखा है। मौद्रिक कमेटी के 6 में से 5 सदस्यों ने रेपो रेट में बदलाव नहीं करने का समर्थन किया था। मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी की दरों को 6.25 फीसदी और 6.75 फीसदी रखा गया है।
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि भारत में आर्थिक गतिविधियों में जुलाई से सितंबर माह के बीच काफी उछाल देखने को मिला है जिसने देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार दी है। साथ ही जीएसटी कलेक्शन में भी बढ़ोत्तरी हुई है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि महंगाई दर 4.5 फीसदी रहने का अनुमान है।
बता दें कि आरबीआई ने फरवरी 2023 में रेपो रेट में बढ़ोत्तरी की थी, उस वक्त रेपो रेट को 6.5 फीसदी कर दिया गया था। एक्सपर्ट्स का कहना था कि आरबीआई बहुत जरूरी ना हो तो ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी नहीं करेगा। ब्याज दरों में कटौती अगले साल जून माह में हो सकती है।
अधिकतर रिपोर्ट का कहना है कि आरबीआई ब्याज दरों में कमी भी नहीं करेगा। एचएसबीसी चीफ इंडिया इकोनॉमिक्स प्रांजुल भंडारी ने कहा कि हमे उम्मीद है कि रेपो रेट 6.5 फीसदी ही रहेगी, लिक्विडिटी को भी स्थिर रखने की कोशिश की जाएगी, ताकि बाजार में कैश फ्लो के साथ महंगाई को भी नियंत्रित रखा जा सके।
बता दें कि रिजर्व बैंक का मुख्य काम देश में उत्पादों की कीमतों को नियंत्रित रखना होता है जिससे महंगाई अधिक ना बढ़े। इसके लिए आरबीआई अलग-अलग टूल का इस्तेमाल करती है जिसमे मुख्य रूप से रेपो रेट, रिवर्स रेपो रेट, एसएलआर, सीआरआर हैं।












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