Rakesh Jhunjhunwala : कैंसर पीड़ितों के लिए दान, फ्री इलाज के लिए आंख अस्पताल का ख्वाब, जानिए चैरिटी लाइफ
46 हजार करोड़ रुपये से अधिक का एम्पायर खड़ा करने वाले झुनझुनवाला निवेश के अलावा चैरिटी भी करते थे। Rakesh Jhunjhunwala charity cancer treatment free eye treatment children welfare
नई दिल्ली, 14 अगस्त : राकेश झुनझुनवाला के अकस्मात निधन से देशभर में शोक की लहर है। पीएम मोदी ने झुनझुनवाला को जीवन से भरपूर करार दिया। बिग बुल के नाम से पॉपुलर राकेश के बारे में जानने की दिलचस्पी बढ़ रही है। 46 हजार करोड़ रुपये से अधिक का एम्पायर खड़ा करने वाले झुनझुनवाला निवेश के अलावा चैरिटी भी करते थे। जानिए चैरिटी में किस क्षेत्र में राकेश झुनझुनवाला कितना पैसा लगाते हैं। झुनझुनवाला अपनी कमाई का 25 फीसद दान करते थे।
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मुफ्त इलाज के लिए आखों का अस्पताल
बिग बुल राकेश की बिजनेस से जुड़ी जानकारी के मुताबिक वे स्वास्थ्य और शिक्षा पर काफी पैसा खर्च करते हैं। राकेश की चैरिटी पोर्टफोलियो के मुताबिक झुनझुनवाला कैंसर पीड़ित बच्चों के लिए दान करते थे। बिग बुल आंखों की बीमारी से पीड़ित मरीजों के मुफ्त इलाज के लिए आखों का अस्पताल बनाने की प्लानिंग भी कर रहे थे।

कमाई का 25 फीसदी हिस्सा चैरिटी में
धनकुबेर झुनझुनवाला कई स्वास्थ्य समस्याओं से भी पीड़ित थे। मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस लेने वाले बिग बुल को कुछ सप्ताह पहले ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। शायद बड़ी संख्या में लोगों की सेहत से जुड़ी परेशानी को देखते हुए बिग बुल अपनी कमाई का 25 फीसदी हिस्सा चैरिटी में देते थे। चैरिटी का बड़ा हिस्सा स्वास्थ्य और शिक्षा पर खर्च होता है।

15 हजार लोगों के मुफ्त इलाज का प्लान
46 हजार करोड़ रुपये के साम्राज्य के धनकुबेर राकेश झुनझुनवाला की चैरिटी पर इंडिया टुडे के मुताबिक, बिग बुल सेंट जूड में पैसे देते हैं। सेंट जूड कैंसर से पीड़ित बच्चों की ट्रीटमेंट पर काम करती है। आंख की बीमारी से पीड़ित लोगों की ट्रीटमेंट के लिए बिग बुल नवी मुंबई में आखों का अस्पताल बनाने की प्लानिंग कर रहे थे। इसमें हर साल 15,000 फ्री सर्जरी हो सकेगी।

बच्चों के यौन शोषण के खिलाफ RJ
राकेश झुनझुनवाला (RJ) बच्चों के यौन शोषण के खिलाफ भी काम करते रहे। RJ बच्चों के शोषण के बारे में जागरुकता पैदा करने लिए अगस्त्य इंटरनेशनल फाउंडेशन और अर्पण नाम की संस्थाओं में दान देते थे। RJ अशोक यूनिवर्सिटी के फ्रेंड्स ऑफ ट्राइबल्स सोसाइटी और ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट का सपोर्ट करने के लिए भी आर्थिक मदद देते रहे हैं।

5,000 रुपये लेकर आए दलाल स्ट्रीट
स्टॉक मार्केट यानी दलाल स्ट्रीट में राकेश झुनझुनवाला किसी परिचय के मोहताज नहीं। 46 हजार करोड़ का एम्पायर खड़ा करने वाले बिग बुल की स्टॉक मार्केट की कहानी भी दिलचस्प और रोमांचक है। 1985 में RJ जब कॉलेज में थे। उसी समय उन्होंने शेयर बाजार में निवेश शुरू कर दिया था। आज से 37 साल पहले बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक- BSE Sensex मात्र 150 अंकों के आस-पास कारोबार कर रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक RJ ने महज 5,000 रुपये के साथ निवेश की शुरुआत की। हालांकि, 37 साल पहले पांच हजार रुपये की रकम भी काफी अहमियत रखती थी। इसके बाद उन्होंने बिजनेस की शानदार समझ और मार्केट की बारीकियों का अध्ययन किया। इसी का नतीजा था कि RJ के निधन के समय उनकी नेटवर्थ करीब 46 हजार करोड़ रुपये थी।

धन की शोभा दान से है
बिग बुल राकेश झुनझुनवाला कई युवा आर्थिक पेशेवरों के लिए इंस्पिरेशन हैं, लेकिन राकेश झुनझुनवाला भी किसी को अपना इन्वेस्टमेंट गुरु मानते थे। युवा निवेशकों के गुरु झुनझुनवाला डी-मार्ट के संस्थापक राधाकिशन दमानी को बिजनेस गुरु मानते थे। RJ राधाकिशन दमानी का नाम बड़े ही अदब से लेते थे, जिनसे उन्होंने ट्रेडिंग के तमाम गुर सीखने के बाद करोड़ों रुपये का एम्पायर खड़ा कर दिया। RJ के 62 साल के जीवन को देखते हुए कहना गलत नहीं होगा कि भारत की नवीनतम विमानन कंपनी अकासा एयरलाइंस के संस्थापक RJ ने भारत के पुरखों की कहावत- 'धन की शोभा दान से है' को अपनी चैरिटी से सिद्ध किया है।












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