चुनाव खत्म होते ही लगेगा महंगाई का झटका, 12 रु तक बढ़ सकते हैं Petrol-Diesel के दाम

चुनाव खत्म होते ही लगेगा महंगाई का झटका, 12 रु तक बढ़ सकते हैं Petrol-Diesel के दाम

नई दिल्ली, 7 मार्च। रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग का असर वैश्विक बाजार पर दिखने लगा है। दुनियाभर में तेल की कीमतों पर असर पड़ने की उम्मीद है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। आपूर्ति प्रभावित होने और युद्ध के कारण बनी तनाव की स्थिति के कारण तेल की कीमतों पर असर पड़ने लगा है। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी है, लेकिन भारत में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के कारण इसकी कीमतों में पिछले चार महीने से कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, लेकिन अब चुनाव खत्म हो गए हैं। ऐसे में जल्द ही महंगाई का झटका लगने वाला है।

तेल की कीमत देगी झटका

तेल की कीमत देगी झटका

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में लगातार तेजी जारी है। क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमत के बावजूद भारत में पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की वजह से पिछले चार महीनों से पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमत के कारण तेल कंपनियों पर दवाब की स्थिति बनी है, क्योंकि चुनाव के कारण वो कीमतों में बढ़ोतरी नहीं कर रहे हैं। सरकार के स्वामित्व वाली खुदरा तेल कंपनियों को इस वजह से भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

 16 मार्च तक तेल की कीमतों में 12 रुपए तक की बढ़ोतरी

16 मार्च तक तेल की कीमतों में 12 रुपए तक की बढ़ोतरी

चूंकि अब विधानसभा चुनाव खत्म हो चुके हैं, ऐसे में घरेलू तेल कंपनियां जल्द ही पेट्रोल-डीजल की कीमत में बढ़ोतरी कर सकती है। तेल कंपनियां सिर्फ लागत की भरपाई के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 12 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ोतरी कर सकती है। वहीं बाजार जानकारों की माने तो अगर तेल कंपनियां लागत के अलावा लाभ को भी जोड़े तो तेल की कीमतों में 15 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

 तेल की कीमतों पर युद्ध का असर

तेल की कीमतों पर युद्ध का असर

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत पर असर पड़ रहा है। आपूर्ति प्रभावित होने के साथ-साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दवाब बना हुआ है। आपको बता दें कि भारत अपनी जरूरत का 85 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है। आयात पर निर्भरता के कारण तेल की वैश्विक कीमत का असर घरेलू बाजार पर पड़ता है और घरेलू पेट्रोल-डीजल के दाम कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों से प्रभावित होते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में पेट्रोल डीजल की कीमत आने वाले दिनों में 15 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ सकती है।

9 साल के उच्चतम स्तर पर कच्चे तेल के दाम

9 साल के उच्चतम स्तर पर कच्चे तेल के दाम

युद्ध के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत 9 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। वैश्विक बाजार में कच्चा तेल बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं बाजार जानकारों का कहना है कि अमेरिका और यूरोपीय देशों की पाबंदियों के कारण रूस खुलकर तेल का निर्यात नहीं कर पा रहा है, जिसके कारण वैश्विक बाजार में कच्चा तेल 185 डॉलर तक पहुंचने के आसार हैं।

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