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अब फेक विज्ञापन देने वालों की खैर नहीं, हो सकती है 5 साल की जेल

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नयी दिल्ली। फेक विज्ञापन देने वाली कंपनियों और उन विज्ञापनों को करने वाले ब्रांड एंबेसडरों की अब खैर नहीं है। लोगों को भ्रामक विज्ञापन दिखाकर उन्हें चूना लगाने वालो को अब 5 साल की जेल हो सकती है। सरकार ने घटिया उत्पाद, खराब सेवा और भ्रामक विज्ञापन से ग्राहकों को चूना लगाने वालों को अब कड़ी सजा देने का फैसला किया है।

 consumer protection bill

लोगों को झांसा देकर सामान बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए विधेयक तैयार किया है। इस विधेयक के तहत पहली बार गलती करने पर 2 साल की सजा और 10 लाख रुपए का जुर्माने का प्रावधान है। वहीं दूसरी बार गलती करने पर पांच साल कैद की सजा और 50 लाख रुपये तक जुर्माने प्रावधान है।

आपको बता दें कि इससे पहले अगस्त में उपभोक्ता संरक्षण विधेयक को जांच के लिए संसद की स्थायी समिति के पास भेजा जा चुका है। अब इसे कैबिनेट के अलावा दूरसंचार मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग सहित संबंधित मंत्रालयों को भेजा गया है।

इस विधेयक के पास हो जाने के बाद अपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 75(A) के तहत भ्रामक विज्ञापन देने पर जिम्मेदार व्यक्ति को धारा 75(B) की तर्ज पर बिचौलिए की तरह सजा व जुर्माना होगा। वहीं विधेयक के मुताबिक धारा 75(E) के तहत झूठी गारंटी और गुणवत्ता में कमी पर 10 लाख तक जुर्माने का प्रावधान होगा।

English summary
The Centre has proposed a two-year imprisonment for first time offenders and five year imprisonment for second-time offenders for brand ambassadors if the products they endorse are found sub-standard.
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