अगर आपका है PF अकाउंट तो ये बातें जानना है बेहद जरुरी
नयी दिल्ली। पीएफ यानी कि पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी की आपकी भविष्य निधि। पब्लिक प्रोविडेंट फंड भारत में एक अच्छा, फायदेमंद और सुरक्षित निवेश का विकल्प माना जाता है। जहां इंप्लॉई प्रोविडेंट फंड की सविधा सिर्फ सरकारी या निजी कंपनी में नौकरीपेशा लोगों को होती है तो वहीं पीपीएफ खाते का दायरा काफी बड़ा होता है। इसे कोई भी भारतीय खुलवा सकता है। नौकरी में रहते हुए निकाल सकते हैं PF का पैसा, जानें क्या हैं शर्ते?

जरुर जानें पीपीएफ के बारे में ये बातें
- भारत का कोई भी नागरिक पीपीएफ अकाउंट खोल सकता है।
- इसके लिए डाकघर या बैंक से संप र्क करने की जरुरत है।
- पीपीएफ अकाउंट नाबालिगों के लिए भी खोला जा सकता है।
- इसका लॉकिंग पिरियड 15 वर्षों का होता है।
- पीपीएफ एकाउंट में जमा राशि को न तो कोई कोर्ट जब्त कर सकती है और न ही भारत सरकार।
- पीपीएफ एकाउंट में किसी भी तरह की ज्वाइंट होल्डिंग नहीं हो सकती है।
- ये एकाउंट एक ही व्यक्ति के नाम पर खुल सकता है। 1 जून से PF निकासी में बड़ा बदलाव, कैसे होगा आपका फायदा
पीपीएफ पर कितना ब्याज
- वित्तीय वर्ष 2016-17 के मुताबिक पीपीएफ पर ब्याज दर 8.1 फीसदी है।
- जिसकी गणना वार्षिक आधार पर होती है।
- वित्तीय वर्ष के अंत में एकाउंट में क्रेडिट कर दी जाती हैं।
- ब्याज की गणना हर महीने की 5 तारीख से लेकर आखिरी दिन के बीच मिनिमम बैलेंस के आधार पर की जाती है। पढ़ें: कैसे जानें 5 मिनट में अपना PF बैलेंस?
निवेश सीमा
पीपीएफ में आप कम से कम 500 और अधिकतम 1.50 लाख सलाना जमा करा सकते हैं। अगर आप इससे ज्यादा जमा कराते हैं तो उसपर आपको ब्याज नहीं मिलता है। 1.50 से अधिक जमा कराने पर आपको टैक्स में भी छूट नहीं मिलती।
पीपीएफ से निकासी
पीपीएफ से पैसे निकालने के लिए सबसे अहम बात ये होती है कि आपका अकाउंट कितने वर्ष एक्टिव है।
अगर पूरा पैसा निकालना है तो पीपीएफ अकाउंट 15 साल पुराना होना चाहिए।
पहली निकासी अकाउंट खोलने के 7 वर्षों में कर सकते हैं।
कैसे ले पीपीएफ से लोन
पीपीएफ पर लोन लेने के लिए अकाउंट खोलने के तीसरे और छठे महीने के बीच ही लोन लिया जा सकता है।
पीपीएफ से लोन लेने पर मौजूदा ब्याज दर से 2 फीसदी अतिरिक्त ब्याज लगाया जाता है।इसमें
रिपेमेंट की समय अवधि 24 महीने होती है।
मैच्योरिटी से पहले पीपीएफ खाते को बंद करना
आपका पीपीएफ अकाउंट स्पेशल केस में ही बंद हो सकता है जैसे कि गंभीर बीमारी, बच्चे की पढ़ाई आदि। ऐसी स्थिति में आपको ब्याज का भुगतान करते समय 1 फीसदी अतिरिक्त पेमेंट करनी होगी। हलांकि इसके लिए आपके पीपीएफ अकाउंट कम से कम 5 साल पुराना होना चाहिए।
क्या करें अगर अकाउंट होल्डर की हो जाए मृत्यु
- पीपीएफ अकाउंट खोलते समय आपको नोमिनेशन फाइल करना अनिवार्य होता है।
- ऐसे में अकाउंट होल्डर की मृत्यु हो जाने पर पीपीएफ अकाउंट की राशि नॉमिनी को दे दी जाती है। नॉमिनी न होने की हालत में इ से अकाउंट होल्डर के उत्तराधिकारी को दे दी जाती है।
- हलांकि ऐसी स्थिति में आप अकाउंट के मैच्योरिटी तक उसे एक्टिक रख सकते हैं।












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