आम बजट से किन शेयर्स के बढ़ेंगे दाम, पढ़ें हर सेक्टर से जुड़े Top शेयर्स की लिस्ट
लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार ने नई सरकार के अपने पहले बजट में कई अप्रत्याशित कदम उठाए हैं। एक तरफ जहां कैपिटल एक्सपेंडीचर और फिस्कल डेफिसिट के लक्ष्य को स्थिर रखा गया है।
दूसरी तरफ सरकार ने कर नीतियों में बड़े बदलाव किए हैं। खासकर एलटीसीजी, एसटीसीजी और एसटीटी में बदलाव किए गए हैं जोकि बाजार को प्रभावित करते हैं। संशोधित कर व्यवस्था के तहत नए आयकर लाभ करदाताओं को कुछ राहत प्रदान करते हैं।

मिडकैप-स्मॉल कैप पर दिखेगा असर
एक्सपर्ट का कहना है कि कुल मिलाकर बजट में राजकोषीय अनुशासन और खास सेक्टर्स पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया गया है। मिडकैप और स्मॉल कैप के कई शेयर जिनका मूल्यांकन काफी अधिक है, उनपर इसका असर देखने को मिलेगा।
सौर ऊर्जा के शेयर
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 1 करोड़ घरों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य ऊर्जा लागत को कम करना, जीवन स्तर में सुधार करना और आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देना है।
सरकार के इस ऐलान का असर टाटा पावर, अडानी ग्रीन एनर्जी और वारी एनर्जी जैसी रूफटॉप सोलर समाधान बनाने वाली कंपनियों पर पड़ेगा और इन कंपनियों को इसका लाभ हो सकता है।
बैंकिंग सेक्टर
इसके साथ ही सीतारमण ने मुद्रा लोन की सीमा को भी 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया है। सैमको सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट राज गायकर ने कहा कि मुद्रा लोन पीएसयू बैंकों, छोटे वित्त बैंकों और एनबीएफसी के जरिए वितरित किए जाते हैं।
इसलिए सीमा विस्तार की घोषणा से एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक जैसी कंपनियों को फायदा होगा।
कृषि क्षेत्र से जुड़े शेयर
वित्त मंत्री ने कृषि उद्योग के लिए कई उपायों की घोषणा की। इनमें राज्यों के साथ साझेदारी में 6 करोड़ किसानों के लिए तीन साल के भीतर भूमि के लिए सार्वजनिक बुनियादी ढांचे का डिजिटलीकरण शामिल है।
सैमको सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट टी मनीष ने कहा कि इससे सीडीएसएल, सीई इंफो सिस्टम्स, जेनेसिस जैसी कंपनियों को फायदा होगा। साथ ही कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों के लिए 1.52 लाख करोड़ रुपये के प्रावधान से कावेरी सीड्स और धानुका एग्रीटेक जैसी कंपनियों को मदद मिलेगी।
खाद्य स्टॉक
नई कर व्यवस्था के तहत संशोधित टैक्स स्लैब, स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये किए जाने से लोगों को टैक्स में लगभग 17,500 रुपये की बचत होगी। इससे एचयूएल, आईटीसी, डाबर, नेस्ले जैसी एफएमसीजी कंपनियों को सीधे लाभ होगा और पॉलीप्लेक्स और यूफ्लेक्स जैसे आपूर्तिकर्ताओं को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ होगा।
हाउसिंग सेक्टर
शहरी गरीबों के आवास के लिए 10 लाख करोड़ रुपये के आवंटन से छोटे आकार की हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों को काफी फायदा होगा। इससे एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएनबी हाउसिंग), हुडको (हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) और आधार हाउसिंग फाइनेंस जैसी कंपनियों को आने वाली तिमाहियों में मुनाफा देखने को मिलेगा।
ऑटोमोबाइल सेक्टर
सरकार ने ग्रामीण विकास के लिए 2.66 लाख करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है। साथ ही ग्रामीण रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से कौशल विकास पहल की है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आय का स्तर बढ़ सकता है और दोपहिया वाहनों और एंट्री लेवल वाहनों की बिक्री बढ़ेगी। हीरो मोटोकॉर्प और मारुति सुजुकी जैसी कंपनियों को इसका लाभ मिल सकता है।












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