कोरोना के कहर के बीच लगा बड़ा झटका, PPF-सुकन्या समेत इन सेविंग स्कीम की ब्याज दरों में भारी कटौती
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच केंद्र सरकार ने नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट और पीपीएफ समेत स्मॉल सेविंग स्कीम्स पर ब्याज दरों में भारी कटौती की है। नई ब्याज दरें वित्तवर्ष 2021-21 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के लिए है। सरकार ने स्मॉल सेविंग स्कीम्स पर 1.4 फीसदी तक ब्याज दरें घटा दी हैं। स्मॉल सेविंग स्कीम्स पर ब्याज तिमाही आधार पर अधिसूचित किया जाता है।
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PPF पर ब्याज दर में 0.80 फीसदी की भारी कटौती
PPF पर ब्याज दर में 0.80 फीसदी की भारी कटौती की गई है। इस कटौती के बाद अप्रैल-जून तिमाही के दौरान PPF पर 7.1 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा। जबकि किसान विकास पत्र पर 0.70 फीसदी ब्याज दर घटाकर 6.9 फीसदी कर दी गई है। नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर ब्याज दर में 1.10 फीसदी की कटौती की गई है और इसके तहत निवेशकों को 6.8 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा। हालांकि, बचत खाता (सेविंग अकाउंट) पर ब्याज दर 4 फीसदी ही रखने का फैसला किया गया है।
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम पर ब्याज दर हुई कम
इसके अलावा 5 साल के रेकरिंग डिपॉजिट पर भी ब्याज दर में 1.4 फीसदी की भारी कटौती की गई है, जिसके बाद नई दर 5.8 फीसदी होगी। वहीं, 5 साल के सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम पर ब्याज दर को 7.4 फीसदी कर दिया गया है। इसमें 1.2 फीसदी की कटौती की गई है। इसके पहले, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम पर ब्याज दर 8.6 फीसदी थी।वहीं, सुकन्या समृद्धि योजना पर ब्याज दर 8.4 फीसदी से घटाकर 7.6 कर दिया गया है जो पहली तिमाही से लागू होगा। जबकि एक से तीन साल की मियादी जमा राशि पर ब्याज दर 5.5 फीसदी कर दी गई है जोकि इसके पहले 6.9 फीसदी थी। इसमें 1.4 फीसदी की कटौती की गई है। वहीं, 5 साल के टर्म डिपॉजिट पर ब्याज दर को 7.7 से घटाकर 6.7 फीसदी कर दिया गया है।

बैंकों ने ग्राहकों को तीन EMI में दी है राहत
हालांकि, कोरोना संकट को देखते हुए रिजर्व बैंक द्वारा ईएमआई पर छूट दिए जाने के बाद कई बैंकों ने ग्राहकों को राहत देते हुए तीन महीनों की लोन ईएमआई टालने का ऐलान किया है। पिछले दिनों भारतीय रिजर्व बैंक ने कोरोना वायरस और लॉकडाउन की स्थिति को देखते हुए टर्म लोन लेने वाले ग्राहकों को यह राहत दी थी कि अगले तीन महीने उन्हें अपनी किस्त नहीं चुकाने की छूट होगी। आरबीआई की घोषणा के बाद अधिकांश बैंक ने मार्च की ईएमआई को जून में लेने की बात कही है।वहीं, कुछ बैंको ने ईएमआई की विकल्प रखा है। अगर कोई ईएमआई का भुगतान करता रहना चाहता है तो वो भुगतान कर सकता है।












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