Unified Pension Scheme: कैसे होगी 50% पेंशन की गणना, OPS-NPS वालों को मिलेगा लाभ? UPS से जुड़े हर सवाल का जवाब

Unified Pension Scheme: केंद्र की मोदी सरकार ने एकीकृत पेंशन योजना यानि Unified Pension Scheme (OPS) का ऐलान कर दिया है। इस योजना को 1 अप्रैल 2025 से लागू किया जाएगा। इस योजना के तहत सरकारी कर्मचारियों को उनकी मूल सैलरी का 50 फीसदी पेंशन के तौर पर मिलेगा।

सरकार ने यूपीएस के तहत कर्मचारियों को उनके मूल वेतन का 50 फीसदी पेंशन के तौर पर देने की गारंटी दी गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि इस 50 फीसदी की गणना कैसे होगी, कौन इस स्कीम का लाभ ले सकता है, क्या ओपीएस के लाभार्थी इसका लाभ ले सकते हैं। इन तमाम सवालों के जवाब हम आपको इस लेख के जरिए देने की कोशिश करेंगे।

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कैसे होगी 50 फीसदी सैलरी की गणना

आपके रिटायर होने से पहले पिछले 12 महीने की बेसिक सैलरी का औसत निकाला जाएगा और उसका 50 फीसदी आपको पेंशन के तौर पर मिलेगा। हालांकि इसमे एक शर्त है कि आपकी नौकरी कम से कम 25 वर्ष की होनी चाहिए।

25 साल की सेवा जरूरी

अगर आपकी सेवा अवधि 25 वर्ष से कम है तो उसी अनुपात में आपकी पेंशन कम हो जाएगी। लेकिन सरकार ने इस बात का खास खयाल रखा है कि अगर किसी ने 10 साल की नौकरी कर ली है तो आपको कम से कम 10 हजार रुपए की मासिक पेंशन जरूर मिले।

यूपीएस की ओपीएस से तुलना

यूपीएस की तुलना ओपीएस से नहीं की जा सकती है। पुरानी पेंशन स्कीम के तहत पूरा योगदान सरकार दे रही थी। एनपीएस के तहत सरकार और कर्मचारी दोनों योगदान दे रहे थे।

लेकिन यूपीएस के तहत सरकार ने अपना योगदान बढ़ा दिया है, जबकि कर्मचारी के योगदान को नहीं बढ़ाया गया है। कर्मचारी को 10 फीसदी ही योगदान देना होगा। जबकि सरकार 18.5 फीसदी का योगदान देगी।

क्या सरकार का योगदान भविष्य में बढ़ेगा?
यूपीएस में सरकार के योगदान की समीक्षा हर 3 वर्ष में की जाएगी। समीक्षा में यह देखा जाएगा कि क्या 18.5 फीसदी के योगदान को बढ़ाने की जरूरत है। समीक्षा में इसे घटाने पर विचार नहीं किया जाएगा। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि समीक्षा के दौरान कर्मचारी का योगदान नहीं बढ़ाया जाए।

क्या OPS-NPS वालों को मिलेगा इसका लाभ?

एक सवाल यह उठता है कि जिन लोगों ने एनपीएस को चुन लिया है और वो नौकरी कर रहे हैं क्या वो यूपीएस को चुन सकते हैं। तो इसका जवाब है, हां, वो यूपीएस को चुन सकते हैं। सरकार ने इन लोगों को राहत देते हुए विकल्प दिया है कि अगर आपने एनपीएस को चुन लिया है तो आप यूपीएस को अपना सकते हैं।

जिन कर्मचारियों ने 2004 के बाद एनपीएस के तहत रिटायरमेंट लिया है क्या वो भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। सरकार ने इन लोगों को भी राहत देते हुए कहा कि 2004 के बाद जिन लोगों ने एनपीएस के तहत रिटायरमेंट लिया है और वो यूपीएस को अपनाना चाहते हैं तो वो इसे चुन सकते हैं।

सरकार की ओर से इ कर्मचारियों को एरियर का भुगतान किया जाएगा। जो एरियर बनेगा सरकार उसपर ब्याज भी देगी। इसके साथ ही पीपीएफ पर भी ब्याज दिया जाएगा।

फैमिली पेंशन क्या है?
यूपीएस में फैमिली पेंशन का भी प्रावधान किया गया है। अगर पेंशनधारक की मृत्यु हो जाती है और उसपर कोई निर्भर है तो परिवार को फैमिली पेंशन दी जाएगी। पेंशन धारक ने जो अंतिम पेंशन ली है, उसका 60 फीसदी परिवार को फैमिली पेंशन के तौर पर मिलेगी।

वीआरएस वालों का क्या होगा?
अगर आप 60 वर्ष से पहले वीआरएस ले रहे हैं तो आपकी पेंशन 60 वर्ष की उम्र से ही शुरू होगी। सुपरएनुएट होने पर आपकी ग्रैच्युटी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा और आपको एक महीने की सैलरी का 10वां हिस्सा दिया जाएगा। इसका आपकी पेंशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

क्या महंगाई दर का मिलेगा लाभ?
यूपीएस की खास बात यह है कि इसमे महंगाई सूचकांक यानि Inflation Iindexation को भी शामिल किया गया है। कर्मचारियों को डियरनेंस रिलीफ यानि डीआर की व्यवस्था की गई है। सरकार का मानना है कि एरियर के तौर पर करीब 800 करोड़ खर्च होगा। जबकि यूपीएस लागू होने के पहले वर्ष 6250 करोड़ रुपए का खर्च होगा।

क्या ओपीएस से होनी चाहिए तुलना?
यूपीएस की तुलना ओपीएस से नहीं की जा सकती है। दोनों में कई बड़े अंतर हैं, लिहाजा दोनों की तुलना करना गलत होगा। हालांकि एनपीएस से जरूर ओपीएस की तुलना की जा सकती है। ओपीएस की तुलना में यूपीएस कहीं बेहतर और फायदेमंद है।

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