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Corona से लड़ाई लंबी, अगले 2 महीने में 2.7 करोड़ मास्क, 50000 वेंटिलेटर, 1.5 करोड़ PPE किट की जरूरत

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस के संक्रमण ने रफ्तार पकड़ ली है। मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। खबर लिखे जाने तक भारत कोरोना वायरस के जहां 109 लोगों की मौत हो गई तो वहीं संक्रमित मरीजों की संख्या 4 हजार को पार कर चुकी है। कोरोना वायरस के इस महामारी से निपटने के लिए अस्पतालों में डॉक्टर्स, नर्स और स्वास्थ्यकर्मी जुटे हुए हैं। केंद्र सरकार कोरोना वायरस के लड़ने के लिए कमर कस चुकी है। केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस के इलाज में इस्तेमाल होने वाले निजी सुरक्षा अपकरण, जांच किट, मास्क, सेनिटाइजेंशन आदि के बारे में अनुमान लगा रही है। केंद्र सरकार ने कोरोना के इलाज में पूरी ताकत झोंक दी है। कुध प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसकी कमान संभाल रखी है। पीएम मोदी कोरोना के पल-पल के अपटेड पर नजरें बनाए हुए हैं। वहीं लोगों से बार-बार घरों में रहने की अपील की जा रही है।

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 देश में 2.7 करोड़ मास्क की जरूरत

देश में 2.7 करोड़ मास्क की जरूरत

केंद्र सरकार के अनुमान के मुताबिक भारत में कोरोना वायरस के इलाज में इस्तेमाल होने वाले निजी सुरक्षा उपकरण (PPE Kit) और डायग्नॉस्टिक किट (Diagnostic Kit) की मांग में तेजी से बढ़ोतरी होगी। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत के मुताबिक अगले दो महीनों में कोरोना वायरस के इलाज के दौरान इस्तेमाल होने वाले निजी सुरक्षा उपकरणों में बढ़ोतरी होगी।

अगले 2 महीने में चाहिए 50000 वेंटिलेटर

अगले 2 महीने में चाहिए 50000 वेंटिलेटर

इसके तहत भारत में 2 महीनों में करीब 2 करोड़ 70 लाख N-95 मास्क, 1 करोड़ 50 लाख PPE किट, 16 लाख के करीब डायग्नॉस्टिक किट , 50000 वेंटिलेटर की जरूरत पड़ेगी। इंडियन एक्सप्रेस ने इस बारे में रिपोर्ट छापी है, जिसके मुताबिक जून 2020 तक देश में 27 मिलियन मास्क, 1.6 मिलियन टेस्ट किट, 15 मिलियन पीपीई किट और 50 बजार वेंटिलेटर्स की जरूरत पड़ सकती है।

 निर्यात पर लगी पूरी तरह से रोक

निर्यात पर लगी पूरी तरह से रोक

रिपोर्ट के मुताबिक देश के पास फिलहाल 16,000 वेंटिलेटर मौजूद है, बाकी के लिए ऑर्डर दे दिया गया है। वहीं विदेशों से सुरक्षा किट और जांच किट मंगाने के लिए सरकार कोशिश कर रही है। विदेश मंत्रालय विदेशों से पीपीई किट, जांच किट, मास्क आदि इंपोर्ट कराने में जुट गई है। सरकार कोरोना के इलाज में कोई कमी नहीं आने देना चाहती है। सरकार ने इसी के तहत देश के किसी भी तरह के मेडिकल अपकरणों के एक्सपोर्ट पर पाबंदी लगा दी है। सरकार ने सर्जिकल मास्क, टेक्सटाइल रॉ मटेरियल और मास्क बनाने में इस्तेमाल होने वाले रॉ मेटेरियर के निर्यात पर भी रोक लगा दी है। पीपीई किट के निर्यात को भी पूरी तरह से रोक दिया गया है। देश में कोरोना के इलाज में इस्तेमाल में आने वाली चीजों को बाहर भेजने पर रोक लगाया गया है।

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English summary
The central government has calculated that the country will require about 27 million N95 masks, 15 million PPEs, 1.6 million diagnostic kits, and 50,000 ventilators in next two months.
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