Gold Silver Crash: सोना-चांदी में पैसा लगाया है?संभल जाइए! एक झटके में 20,000 सस्ती हुई सिल्वर, गोल्ड भी धड़ाम
Gold Silver ETF Price Crash: सोना और चांदी पिछले कुछ दिनों से निवेशकों को मालामाल कर रहे थे। हर दिन नए रिकॉर्ड बन रहे थे और कीमतें लगातार ऑल टाइम हाई की तरफ बढ़ रही थीं। लेकिन गुरुवार को तस्वीर अचानक बदल गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सोना-चांदी में ऐसा झटका लगा कि निवेशकों के होश उड़ गए।
एक ही झटके में चांदी करीब 20 हजार रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई, जबकि सोने के दाम भी 4 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक टूट गए। इसी गिरावट का असर गोल्ड और सिल्वर ETF पर भी साफ दिखा और कई ETF में 20 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।

खुलते ही सिल्वर क्रैश, रिकॉर्ड रैली पर लगा ब्रेक (Silver Price Crash)
MCX पर बुधवार को 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी जबरदस्त तेजी के साथ ₹3,25,602 प्रति किलो पर बंद हुई थी। बाजार में माहौल ऐसा था कि निवेशक और ऊंचे स्तर की उम्मीद कर रहे थे। लेकिन गुरुवार सुबह कारोबार शुरू होते ही चांदी फिसलकर ₹3,05,753 प्रति किलो पर आ गई। यानी कुछ ही मिनटों में एक किलो चांदी करीब ₹19,849 सस्ती हो गई। जिन निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर खरीदारी की थी, उन्हें भारी झटका लगा।
सोना भी नहीं बच पाया, 4 हजार तक टूटा भाव (Gold Price Crash)
चांदी के साथ-साथ सोने की चमक भी फीकी पड़ गई। बीते तीन कारोबारी सत्रों में सोना लगातार लाइफ टाइम हाई बना रहा था। बुधवार को 5 फरवरी एक्सपायरी वाला सोना ₹1,52,862 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। लेकिन गुरुवार को कारोबार शुरू होते ही सोने में तेज बिकवाली दिखी और भाव गिरकर ₹1,48,777 प्रति 10 ग्राम तक आ गया। यानी सोना एक झटके में ₹4,085 प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया।
ट्रंप कनेक्शन से बदला गेम
सोना-चांदी में आई इस अचानक गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़ा माना जा रहा है। बीते दिनों ट्रंप के लगातार टैरिफ धमकियों, वेनेजुएला, ईरान और खासतौर पर ग्रीनलैंड को लेकर दिए गए बयानों से वैश्विक तनाव बढ़ गया था। इस तनाव के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना-चांदी की ओर दौड़े और कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गईं।
लेकिन अब ट्रंप के सुर बदलते नजर आ रहे हैं। ग्रीनलैंड को लेकर उन्होंने कहा है कि अमेरिका और NATO के बीच ऐसा समझौता किया जाएगा, जिससे दोनों संतुष्ट होंगे। उन्होंने यह भी साफ किया कि ग्रीनलैंड पर कब्जे के लिए न तो सैन्य कार्रवाई होगी और न ही टैरिफ लगाए जाएंगे। इसी बयान के बाद बाजार में टेंशन कम हुई और सेफ हेवन एसेट्स से पैसा निकलने लगा।
India-US ट्रेड डील से भी बदला माहौल
ग्रीनलैंड के अलावा ट्रंप ने दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान भारत और अमेरिका के रिश्तों पर भी बात की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की और कहा कि भारत-अमेरिका के बीच एक बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है। इस बयान से ग्लोबल मार्केट में पॉजिटिव सेंटिमेंट बना, जिसका असर शेयर बाजार के साथ-साथ सोना-चांदी पर भी दिखा।
Gold और Silver ETF में मची तबाही
सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट का सीधा असर ETF पर पड़ा। Tata Silver ETF करीब 21 प्रतिशत टूटकर ₹26.41 तक आ गया। Groww Silver ETF, Axis Silver ETF और 360 One Silver ETF में करीब 16 प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं SilverBees, HDFC Silver ETF, ICICI Prudential Silver ETF जैसे कई फंड 14 से 15 प्रतिशत तक टूट गए।
गोल्ड ETF भी पीछे नहीं रहे। Birla Sun Life Gold ETF करीब 12 प्रतिशत गिरा, जबकि Axis Gold ETF, Tata Gold ETF और Bandhan Gold ETF में 10 से 11 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
आगे क्या करना चाहिए निवेशकों को
एक्सपर्ट्स का मानना है कि ट्रंप के बयानों से फिलहाल जियोपॉलिटिकल टेंशन जरूर कम हुई है, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। यही वजह है कि लॉन्ग टर्म में सोना अभी भी मजबूत बना रह सकता है। गोल्डमैन सैक्स ने दिसंबर 2026 के लिए गोल्ड का टारगेट 5,400 डॉलर प्रति औंस तक बताया है। हालांकि शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
नोट- किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।












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