नोटबंदी के चलते घटी जीडीपी ग्रोथ की दर, पहुंची 7% पर
नोटबंदी का विकास पर असर नहीं पड़ा और विकास दर घटकर 7 प्रतिशत रह गई। साल 2017 के तीसरी तिमाही में विकास दर घटकर 7 प्रतिशत रह गया।
नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में देश की जीडीपी दर घट गई है। नोटबंदी का विकास पर असर नहीं पड़ा और विकास दर घटकर 7 प्रतिशत रह गई। साल 2017 के तीसरी तिमाही में विकास दर घटकर 7 प्रतिशत रह गया। नोटबंदी का विकास दर पर उतना असर नहीं पड़ा, जितने की उम्मीद की जा रही थी।

वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में जीडीपी विकास दर 7.3 फीसदी रही थी, जबकि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कृषि का विकास दर 6 फीसदी रहा। वहीं मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की विकास दर 8.3 फीसदी रहा। सबसे खास बात ये रही कि इस विकास दर पर नोटबंदी का असर नहीं पड़ा है। नोटबंदी के बाद अनुमान लगाया जा रहा था कि विकास दर 6.1 फीसदी तक घट सकती है।
माना जा रहा है कि नोटबंदी के चलते वित्त वर्ष 2017 की तीसरी तिमाही में जीडीपी विकास दर 6.1 फीसदी तक घट जाने का अनुमान था। लेकिन इसके मुकाबले 7 फीसदी वृद्धि दर थोड़ी राहत की खबर है। 8 सितंबर 2016 को नोटबंदी के बाद देशभर में कैश की किल्लत हो गई ती, जिसके बाद अंदाजा लगाया जा रहा था कि तीसरी तिमाही में विकास दर 6.1 फीसदी तक रहेगा, लेकिन विकास दर उम्मीद से अधिक रही। इससे पहले दूसरी तिमाही में विकास दर 7.4 प्रतिशत रहा।
केंद्रीय सांख्यिकी संगठन द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2017 में खत्म हो रहे वित्त वर्ष के सालाना विकास दर 7.1 बरकरार रखा गया है। आपको बता दें कि हर साल सीएसओ जीडीपी वृद्धि के अग्रिम आंकड़े फरवरी के पहले सप्ताह में पेश करता रहा है, लेकिन इस साल आम बजट पहली फरवरी को पेश किया गया इसलिए सीएसओ को अग्रिम आंकड़े भी करीब एक महीना पहले जारी करने पड़े।












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