'अगर आप दोनों ने गटर में जाने का फैसला किया है...', दिल्ली हाईकोर्ट ने अशनीर ग्रोवर और भारत पे की लगाई क्लास
Ashneer Grover-BharatPe Row: भारत पे और उसके पूर्व एमडी अश्नीर ग्रोवर के बीच तल्खी बढ़ती ही जा रही है। अब दिल्ली हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को असभ्य भाषा का प्रयोग करने से बचने के लिए कहा है।

Ashneer Grover-BharatPe Row:दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को भारतपे के पूर्व प्रबंध निदेशक अशनीर ग्रोवर (Ashneer grover) और भारत पे (BharatPe) के अधिकारियों को एक दूसरे के खिलाफ असंसदीय या अपमानजनक तरीके से बोलने के लिए फटकार लगाई। हाई कोर्ट ने दोनों को ऐसा करने से परहेज करने को भी कहा। इसके अलावा हाईकोर्ट ने दोनों को कॉर्पोरेट में एक इज्जतदार व्यक्ति होने का भी नाम दिलाया।
अगर आप दोनों ने गटर में जाने का फैसला किया है, तो कृपया वहीं रुकें: हाईकोर्ट
न्यायमूर्ति प्रतीक जालान ने दोनों पक्षों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली भाषाओं पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह शहर के कोने में कुछ प्रतिद्वंद्वी गिरोहों के बीच की लड़ाई नहीं है। ये कॉर्पोरेट लोग हैं, शिक्षित लोग हैं, मुखर लोग हैं जो निश्चित रूप से एक दूसरे के खिलाफ अपनी शिकायतों को अधिक परिष्कृत तरीके से सुन सकते हैं। सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि अगर आप दोनों ने गटर में जाने का फैसला किया है, तो कृपया वहीं रुकें। भारत पे कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव नायर और दयान कृष्णन ने ग्रोवर के कुछ ट्वीट्स का हवाला दिया जिसमें आरोप लगाया गया था कि फर्म ने वकीलों और फिक्सरों पर कई करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
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अशनीर ग्रोवर के खिलाफ 81 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था
इससे पहले 11 मई को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover) के खिलाफ 81 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। प्राथमिकी, जो BharatPe कंपनी द्वारा दायर एक शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी। इस FIR में उनके अशनीर की पत्नी माधुरी जैन ग्रोवर और तीन रिश्तेदारों - दीपक गुप्ता, सुरेश जैन और श्वेतांक जैन के नाम का भी उल्लेख है।
अशनीर ग्रोवर के वकील ने भी उठाए सवाल
दूसरी ओर, ग्रोवर (Ashneer Grover) की ओर से पेश अधिवक्ता गिरिराज सुब्रमण्यम ने BharatPe के कुछ ट्वीट्स पर प्रकाश डाला और कहा कि भारत पे कंपनी के अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर उनके मुवक्किल के खिलाफ इसी तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है और प्रेस में ग्रोवर के खिलाफ आरोप लगाए हैं। इसके बाद पीठ ने कहा कि इस तरह के बयान दो पक्षों को नहीं देने चाहिए।












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