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मुकेश अंबानी ने दिखाया बड़प्पन, छोटे भाई को जेल जाने से बचाया, अनिल ने कहा-शुक्रिया भैया

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    Anil Ambani को Mukesh Ambani ने जेल जाने से बचाया, कहा भाई का एहसान नहीं भूलेंगा | वनइंडिया हिंदी

    मुंबई। भारत के ही नहीं बल्कि एशिया के भी सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी केवल एक बड़े उद्योगपति ही नहीं हैं बल्कि वो बड़े दिल वाले बड़े भईया भी है, यह कहना हमारा नहीं बल्कि उनके छोटे भाई अनिल अंबानी का है, जिनके मुश्किल वक्त में उनके बड़े भाई मुकेश ने उनकी आर्थिक मदद करके उन्हें जेल जाने से बचाया है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट के तय किए गए डेडलाइन से ठीक एक दिन पहले एरिक्सन का 550 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान किए जाने के बाद रिलायंस कम्युनिकेशंस (Rcom) के चेयरमैन अनिल अंबानी ने बड़े भाई मुकेश अंबानी और उनकी पत्नी नीता अंबानी का ''समय पर मदद'' देने के लिए शुक्रिया अदा किया है।

    छोटे भाई ने बड़े भाई को कहा-शुक्रिया

    छोटे भाई ने बड़े भाई को कहा-शुक्रिया

    अनिल अंबानी की कंपनी की ओर से एक बयान मीडिया में जारी किया गया है, जिसमें अनिल अंबानी की ओर से कहा गया है कि मैं अपने बड़े भाई मुकेश और उनकी पत्नी का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं, जिन्होंने इस चुनौतीपूर्ण और मुश्किल वक्त में मेरा साथ दिया। उन्होंने समय पर सहयोग देकर हमारे मजूबत पारिवारिक मूल्यों की अहमियत को जताया है। मैं और मेरा परिवार अतीत से बाहर निकल चुके हैं और इस एहसान से हम अभिभूत हैं, मैं और हमारा पूरा परिवार उनका शुक्रगुजार है।

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     550 करोड़ रुपये का बकाया और ब्याज का भुगतान

    550 करोड़ रुपये का बकाया और ब्याज का भुगतान

    बयान में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक एरिक्सन का 550 करोड़ रुपये का बकाया और ब्याज का भुगतान कर दिया गया है।आरकॉम ने एरिक्सन को कुल करीब 580 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, जिसमें ब्याज की रकम भी शामिल है। अनिल अंबानी के साथ साथ आरकॉम की दो इकाइयों के चेयरमैन छाया विरानी और सतीश सेठ पर जेल जाने का खतरा मंडरा रहा था लेकिन अब सब सही हो गया है।

    अनिल अंबानी पर मंडरा रहा था जेल जाने का खतरा

    अनिल अंबानी पर मंडरा रहा था जेल जाने का खतरा

    आपको बता दें कि रिलायंस कम्युनिकेशन के चेयरमैन अनिल अंबानी जेल जाने से बच गए हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई डेडलाइन से ठीक एक दिन पहले ही अनिल अंबानी ने स्वीडिश कंपनी एरिक्सन को बकाया 550 करोड़ रुपए चुका दिए हैं। दरअसल 19 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने इस विवाद पर सुनवाई करते हुए अंबानी को अवमानना का दोषी ठहराया था और उन्हें 1 महीने के भीतर एरिक्सन को 550 करोड़ रु. चुकाने का आदेश दिया था। कोर्ट से साफ किया था कि अगर वह ऐसा करने में नाकाम रहते हैं, तो उन्हें तीन महीने के लिए जेल जाना पड़ सकता है। एरिक्सन ने बकाया रकम नहीं चुकाने के मामले में अनिल अंबानी, रिलायंस टेलीकॉम के चेयरमैन सतीश सेठ और रिलायंस इन्फ्राटेल की चेयरपर्सन छाया विरानी और एसबीआई के चेयरमैन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना की याचिका दायर की थी।

    आखिर क्या है पूरा मामला

    आखिर क्या है पूरा मामला

    आपको बता दें कि एरिक्सन और आरकॉम के बीच पेमेंट को लेकर विवाद चल रहा है। साल 2014 में RCom ने टेलीकॉम नेटवर्क के लिए एरिक्सन के साथ 7 साल की डील की थी। इस मामले में स्वीडिश कंपनी ने आरोप लगाया कि आरकॉम ने 1,500 करोड़ रुपए की बकाया रकम नहीं चुकाई। इसके बाद कोर्ट ने सेटलमेंट कराते हुए आरकॉम को एरिक्सन को 550 करोड़ रुपए का भुगतान करने का आदेश दिया।

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    English summary
    Industrialist Anil Ambani who avoided jail by paying back Swedish telecom giant Ericsson a day before a Supreme Court deadline, profusely thanked elder brother and India's richest man Mukesh Ambani for his "timely support".
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