जून की रिटेल महंगाई दर में भारी कमी, 1.54 फीसदी के निचले स्तर पर पहुंची
रिटेल मंहगाई दर में भारी कमी आने के बाद आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई पर इंट्रस्ट रेट में कटौती का दबाव होगा।
नई दिल्ली। जून में रिटेल महंगाई दर में भारी गिरावट आई है, रिटेल महंगाई दर घटकर 1.54 फीसदी तक पहुंच गई है। मई में रिटेल महंगाई दर 2.18 फीसदी रही थी। उस समय भी महंगाई दर अपने निचले स्तर तक पहुंची थी।

महीने दर महीने आधार पर जून में शहरी इलाकों की महंगाई दर 2.13 फीसदी से घटकर 1.41 फीसदी रही है। महीने दर महीने आधार पर जून में ग्रामीण इलाकों की महंगाई दर 2.3 फीसदी से घटकर 1.59 फीसदी रही है।
महीने दर महीने आधार पर जून में खाद्य महंगाई दर 1.05 फीसदी के मुकाबले 1.17 फीसदी रही है। महीने दर महीने आधार पर जून में सब्जियों की महंगाई दर 13.44 फीसदी के मुकाबले 16.53 फीसदी रही है। महीने दर महीने आधार पर जून में फलों की महंगाई दर 1.4 फीसदी से बढ़कर 1.98 फीसदी रही है।
रिटेल मंहगाई दर में भारी कमी आने के बाद आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई पर ब्याज दर में कटौती का दबाव होगा।वहीं चीफ इकॉनमिक अडवाइजर का कहना है कि जून का CPI में कमी माइक्रोइकॉनमी स्थिरता को दिखाता है।
इंडस्ट्री की ग्रोथ को भी झटका लगा है। मई में देश की औद्योगिक उत्पादन दर में कमी आई है और ये घटकर 1.7 फीसदी रही है। अप्रैल में आईआईपी ग्रोथ 2.8 फीसदी रही थी। ये उत्पादन दर नवंबर 2016 के बाद से सबसे निचले स्तर पर है। अप्रैल में आईआईपी ग्रोथ 3.1 फीसदी से संशोधित कर 2.8 फीसदी की गई है। देश का औद्योगिक उत्पादन घटकर 1.7 फीसदी हुआ है जो पिछले साल मई के मुकाबले तो भारी गिरावट है। मई 2016 में देश की आईआईपी की विकास दर 8 फीसदी थी।












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