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बिगड़ेगा खाने का स्वाद, प्याज के बाद कुकिंग ऑयल हुआ महंगा, अभी और होगी बढ़ोतरी

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नई दिल्ली। प्याज की बढ़ती कीमतों ने लोगों के किचन का बजट बिगाड़ दिया है। प्याज के अलावा लहसुन, सब्जियों और फलों की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी के बाद अब कुकिंग ऑयल के दाम बढ़ते जा रहे हैं। पिछले दो महीने के दौरान खाने के तेल के दाम 15 फीसदी तक बढ़ गए हैं। पिछले एक साल में खाने के खाने के तेल के भाव 8 फीसदी से लेकर 40 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। इस बढ़ोतरी के पीछे कई कारण जिम्मेदार है। इन कारणों में से एक कारण NRC भी है।

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...तो इस वजह से महंगा हुआ तेल

...तो इस वजह से महंगा हुआ तेल

सीएनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार ने कुकिंग ऑयल की बढ़ोतरी कीमत पर लगाम लगाने के लिए पाम ऑयल पर ड्यूटी घटाने की तैयारी कर चुकी थी, लेकिन मलेशिया के प्रधानमंत्री द्वारा एनआरसी (NRC) पर दिए गए बयान के बाद सरकार ने इसे रोक दिया। ऐसे में लोगों को तेल की बढ़ोतरी कीमत से राहत नहीं मिल सकी और न ही अगले कुछ दिनों में मिलने के आसान दिख रहे हैं।

मलेशिया के पीएम ने दिया बयान

मलेशिया के पीएम ने दिया बयान

अगर आंकड़ों पर नजर डाले को पिछले साल के मुकाबले इस साल मूंगफली के तेल की कीमत में 6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वहीं सनफलावर ऑयल के दाम में 12 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। रेपसीड ऑयल पिछले साल के मुकाबले इस साल 7 फीसदी महंगा हो गया तो वहीं पाम ऑयल 33 फीसदी महंगा हो गया। पिछले कुछ दिनों में पाम ऑयल का दाम 40 फीसदी तक बढ़ गया है। मलेशिया में इस बार पाम ऑयल का उत्पादन काफी कम हुआ है, जिसके बाद मलेशिया की सरकार ने पाम ऑयल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी लगा दी है।

तेल का आयात हुआ महंगा

तेल का आयात हुआ महंगा

लगातार बढ़ रहे दाम को कंट्रोल करने के लिए केंद्र सरकार पाम ऑयल पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाने की तैयारी कर रही थी और उम्मीद की जा रही थी कि बढ़की कीमत को रोकने के लिए 5 फीसदी तक इंपोर्ट ड्यूटी कम कर देती, लेकिन NRC पर मलेशिया के प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए विवादित बयान के बाद सरकार ने इसका फैसला टाल दिया। इसके अलावा एनआरसी पर दिए गए बयान का असर भारत-मलेशिया के संबंधों पर भी पड़ा है। इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती नहीं दोनो पर घरेलू बाजार में तेज की कीमतों पर असर पड़ता दिख रहा है। आने वाले दिनों में घरेलू बाजार में खाने के तेल के दाम और बढ़ सकते हैं।

ये भी है कीमत में बढ़ोतरी की वजह

ये भी है कीमत में बढ़ोतरी की वजह

भारत दुनिया का दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य तेल आयातक है। भारत जरूरत का अधिकांश हिस्सा आयात करता है। वहीं इस साल बारिश के कारण खरीफ सीजन में सोयाबीन की फसल कमजोर रहने और रबी तिलहनों की बुवाई सुस्त रहने के बाद तेल के लिए भारत को आयात पर निर्भर रहना होगा। मलेशिया से पाम तेल आयात लगातार महंगा होने के साथ-साथ अजेंटीना में सोया तेल पर नियार्त शुल्क बढ़ने से भारत में सोया तेल आयात की लागत बढ़ सकती है।

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English summary
After onion, garlic and vegetables, prices of edible oil have registered a sharp jump due to shortage supply of kharif crops and costlier imports.
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