• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

Airtel ने बकाया AGR में से दूरसंचार विभाग को चुकाए 10,000 करोड़ रुपए, 35,000 करोड़ का है कर्ज

|

नई दिल्‍ली। भारती एयरटेल ने एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) के बकाया 35,586 करोड़ रुपए में से 10,000 करोड़ का भुगतान दूरसंचार विभाग को कर दिया है। पीटीआई के मुताबिक कंपनी ने यह जानकारी दी है। बता दें शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने एजीआर वैधानिक बकाये के भुगतान में देरी को लेकर शीर्ष टेलीकॉम कंपनियों को कड़ी फटकार लगाया थी। फटकार के बाद शुक्रवार शाम को विभाग ने दूरसंचार कंपनियों को आधी रात तक 1.47 लाख करोड़ रुपये बकाया राशि चुकाने के निर्देश दिए।

Airtel ने बकाया AGR में से दूरसंचार विभाग को चुकाया 10,000 करोड़ रुपए, 35,000 करोड़ का है कर्ज

सुप्रीम कोर्ट के 23 जनवरी, 2020 तक बकाया भुगतान कर देने के आदेश के बावजूद रिलायंस जियो को छोड़कर किसी दूरसंचार कंपनियों ने एजीआर के बकाए का भुगतान नहीं किया था। कोर्ट ने कंपनियों को 17 मार्च तक बकाए की पूरी रकम के भुगतान के लिए कहा था और कोर्ट की अवहेलना करने पर अवमानना की कार्रवाई करने की भी बात कही थी। इसके बाद अब भारती एयरटेल ने अपने बकाया एजीआर का एक हिस्सा दूरसंचार विभाग को चुका दिया है।

वोडाफोन-आइडिया पर 53,038 करोड़ रुपए बकाया

वोडाफोन-आइडिया ने शनिवार को कहा था कि वह आकलन कर रही है कि कितना भुगतान कर सकती है। वोडाफोन-आइडिया पर एजीआर के 53,038 करोड़ रुपए बकाया हैं। कंपनी के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने पिछले दिनों यह भी कहा था कि भुगतान की राशि में छूट नहीं मिली तो कंपनी बंद करनी पड़ सकती है।

'प्‍यार' की तलाश में मादा भेड़िये ने पैदल किया 14000 KM का सफर, पहुंची कैलिफोर्निया और मिली मौत

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Bharti Airtel makes payment of Rs 10,000 crore to telecom department towards AGR dues.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more
X