EMI नहीं दे पाए तो कोई बात नहीं, पढ़ें मोदी सरकार का 'टेंशन फ्री' प्लान
नई दिल्ली। दिनों दिन बढ़ती महंगाई और खर्चों की वजह से ही ऐसा कई बार देखने को मिलता है कि लोग अपनी ईएमआई समय पर नहीं चुका पाते हैं। यह स्थिति तब और भी खतरनाक हो जाती है, जब नौकरी जाने या रोजगार छिन जाने की वजह से कोई व्यक्ति दिवालिया हो जाता है और बैंक उससे पूरे पैसे मांगता है। अब ऐसी स्थिति से आपको मोदी सरकार बचाएगी।

सरकार ने बनाया है ये प्लान
सरकार ऐसे इंडिविजुअल्स को दिवालिया घोषित करने की एक ऐसी प्रक्रिया तैयार करने जा रही है, जिसके चलते आर्थिक संकट की वजह से आप मुसीबत में नहीं फंसेंगे, बल्कि उस मुश्किल की घड़ी से निपटने के लिए आपको आसान रास्ते मुहैया कराए जाएंगे। इस नए नियम का मुख्य उद्देश्य अधिक मानवीय बनना है, क्योंकि ऐसी मुसीबतों में अक्सर मध्यम वर्ग के लोग या फिर वह किसान फंसते हैं जो उचित कारणों के चलते अपने कर्ज की रकम नहीं चुका पाते हैं।

क्या होगा इस नियम में?
इस नियम के तहत वक्त पर कर्ज की रकम नहीं चुका पाने वाले व्यक्तियों को इस बात के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा कि वह बैंक का सारा पैसा एक ही बार में दें। ऐसी स्थिति में कर्जदाता को ऐसी सुविधा मुहैया कराई जाएगी, जिससे वह अपना कर्ज आसानी से और बिना किसी आर्थिक दलदल में फंसे दे के। इसके लिए ही सरकार दिवालियापन कानून बनाने जा रही है। अक्सर देखा गया है कि ऐसी परिस्थितियों से न निकल पाने की स्थिति में बहुत से लोग आत्महत्या जैसे खतरनाक कदम भी उठा लेते हैं। मोदी सरकार के इस तोहफे से सभी को राहत मिलेगी।

काउंसलिंग होगी अनिवार्य
इस कानून पर काम कर रहा वर्किंग ग्रुप कई पहलुओं पर विचार कर रहा है। इनमें से एक है काउंसलिंग को अनिवार्य बनाया जाना, जैसा कि सिंगापुर में होता है। सरकार एक ऐसा ढांचा बनाना चाहती है, जो उन लोगों को मदद मुहैया करा सके, जो पहले से ही किसी परेशानी में हैं।












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