• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

Bank privatisation: अब इस बैंक के निजीकरण की तैयारी,सरकार बेचेगी अपनी हिस्सेदारी,क्या होगा खाताधारकों पर असर

|
Google Oneindia News

नई दिल्ली, जून 23। सरकार ने बैंकों के निजीकरण की तैयारी शुरू कर दी है। पहले खबर आई कि सरकार सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक का निजीकरण करने जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार इन दोनों बैंकों में अपनी 51 फीसदी हिस्सेदारी बेच सकती है। हालांकि इस पर अभी आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। वहीं अब खबर आ रही है कि सरकार एक और बैंक को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। मनी कंट्रोल की खबर क मुताबिक सरकार अब आईडीबीआई बैंक( IDBI Bank) में अपनी हिस्सेदारी को बेचने की योजना बना रही है। इसक लिए आरएफपी भी जारी कर दिया गया है।

 IDBI बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी मोदी सरकार

IDBI बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी मोदी सरकार

केंद्र सरकार ने IDBI बैंक में अपनी हिस्सेदारी को घटाने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। मीडिया में आई रिपोर्ट क मुताबिक बैंक ने अपने स्टॉक बेचने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने को लेकर सलाह देने के लिए ट्रांजैक्शन और लीगल एडवायर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल्स यानी RFP भी जारी कर दी गई है।

 13 जुलाई तक आवेदन का वक्त

13 जुलाई तक आवेदन का वक्त

खबर के मुताबिक RFP के लिए आवेदन की समयसीमा 13 जुलाई तक रखी गई है। सरकार बैंक में अपनी 26 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है। आपको बता दें कि बैंक में सरकार की हिस्सेदारी 45.5% की है। सरकार द्वारा 26 फीसदी हिस्सेदारी बचे जान के बाद इसका मैनेंजमेंट निजी हाथों में चला जाएगा। सरकार ने आरपीएफ में बेचे जाने वाली हिस्सेदारी अंकित नहीं किया है। फिलहाल सरकार ने आईडीबीआई में कितनी हिस्सेदारी बेचेगी इसका फैसला नहीं किया है। सरकार ट्रांजैक्शन एडवायजर की सलाह के बाद इस पर फैसला लेगी। आपको बता दें आईडीबीआई में आरबीआई के अलावा LIC सबसे बड़ा शेयर होल्डर है। इस बैंक में LIC की 49.24 फीसदी हिस्सेदारी और नॉन-प्रमोटर शेयरहोल्डिंग 5.29% है.

 इन दो सरकारी बैंकों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी

इन दो सरकारी बैंकों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक का निजीकरण किया जाएगा। इन दोनों बैंकों में सरकार अपनी 51 फीसदी हिस्सेदारी बेच सकती है। हालांकि इस पर अभी आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। सरकार की ओर से इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। आपको बता दें कि बजट घोषणा के दौरान ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दो सरकारी बैंकों और एक बीमा कंपनी के निजीकरण की घोषणा की थी, जिसके बाद नीति आयोग ने विनिवेश के लिए इन दोनों बैंकों के नामों की सिफारिश की। नीति आयोग की सिफारिशों के बाद सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए केंद्र सरकार अगला कदम उठा सकती है। फिलहाल इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

खाताधारकों पर असर

खाताधारकों पर असर

अगर सरकार इन बैंकों में अपनी हिस्सेदारी बेचती है और निजी हाथों में सौंपती है तो भी खाताधारकों पर कोई असर नहीं होगा। उनकी जमापूंजी पहले की तरह की बैंकों में सुरक्षित रहेगी। उन्हें उसी दर से ब्याज, एफडी पर इंटरेस्ट मिलता रहेगा।

<strong>SBI Doorstep Banking: एसबीआई ग्राहक घर बैठे उठाएं बैंकिंग सेवा का लाभ, जानें कैसे करें रजिस्ट्रेशन</strong>SBI Doorstep Banking: एसबीआई ग्राहक घर बैठे उठाएं बैंकिंग सेवा का लाभ, जानें कैसे करें रजिस्ट्रेशन

English summary
Bank privatisation: Now IDBI Bank privatisation process Started ,Government sell 28 percent Share
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X