एक और बैंक का विलय, जानिए ग्राहकों के पैसे का क्या होगा, क्यों पड़ी जरूरत ?
एक और बैंक का विलय, जानिए ग्राहकों के पैसे का क्या होगा, क्यों पड़ी जरूरत ?
नई दिल्ली, 23 नवंबर। आरबीआई ने एक और बैंक के विलय की तैयारी शुरू कर दी है। भारी कर्ज और घाटे में चल रहे पीएमसी बैंक के विलय की तैयारियां शुरू कर दी है। संकटग्रस्ट पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव (PMC) का अधिग्रहण दिल्ली के यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक (USFB) करने जा रही है, जिसके लिए RBI ने मसौदा तैयार किया है। ऐसे में सवाल ये कि इस बैंक के खाताधारकों का क्या होगा, उनकी जमापूंजी का क्या होगा और इसके विलय की जरूरत क्यों पड़ी है।

पीएमसी बैंक का विलय
PMC बैंक का विलय दिल्ली के USFB करने जा रही है। आरबीआई ने अपना मसौदा जारी कर 10 दिसंबर तक सुझाव मांगें हैं, जिसके बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड, सेंट्रम ग्रुप और भारतपे का ज्वाइंट वेंचर है। अब ये पीएमसी बैंक का अधिग्रहण करने जा रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि खाताधारकों की जमापूंजी का क्या होगा।
क्या होगा जमाधारकों का
अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के 3 से 10 सालों के भीतर पीएमसी बैंक के जमाधारकों की पूरी पूंजी लौटाई जाएगी। खाताधारकों की जमापूंजी को वापसी का प्लान तैयार है, जिसके मुताबिक खाताधारकों को 5 लाख तक की रकम तुरंत ही DICGC के तहत मिल जाएगी। उसके बाद 5 लाख से अधिक के जमा में से 50 हजार अगले दो सालों में, 1 लाख अगले तीन सालों में, 3 लाख अगले 4 सालों में और 5 लाख 5 सालों में जबकि जिन खाताधारकों के अकाउंट में इससे भी अधिक रकम हैं उन्हें 10 सालों में ये रकम वापस मिलेगी।
क्यों पड़ी विलय की जरूरत
सितंबर 2019 में पीएमसी बैंक पर आरबीआई ने कई पाबंदियां लगाई। बैंक ने खाताधारकों को तय सीमा तक ही धन निकासी की छूट दी। बैंक की वित्तीय हालत देखकर कई तरह से पाबंदियां लगा दी गई। बैंक की वित्तीय हालात में कोई सुधार नहीं देखते हुए अब इसके विलय की तैयारी शुरू कर दी गई है।












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