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Alert! बंद हो रहे हैं ATM, हो सकती है कैश की किल्लत, जानें क्या है वजह

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नई दिल्ली। ATM से ट्रांजैक्शन की सुविधा के साथ जिस रफ्तार से बढ़ी है उसी रफ्तार से एटीएम की संख्या में कमी आती जा रही है। आपको एटीएम या तो बंद मिलेंगे या फिर बिना कैश के मिलेंगे। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मुताबित पिछले दो सालों में एटीएम की संख्या में बड़ी कटौती हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में एटीएम की संक्य़ा में आ रही गिरावट के कारण कैश की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।

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 एटीएम की संख्या में गिरावट

एटीएम की संख्या में गिरावट

पिछले दो सालों से एटीएम की संख्या में गिरावट आ रही है। सख्त नियमों के कारण देश में ATM चलाना ज्यादा महंगा पड़ रहा है, जिसकी वजह से सैकड़ों एटीएम(ATM) या तो बंद हो गए हैं या बंद होने के कगार पर हैं। ऐसे में आरप को कैश की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। कैश निकालने के लिए लंबी-लंबी कतारें लगानी पड़ सकती है। बैंकों में घंटों लाइन में लगकर कैश निकालने का इंतजार करना पड़ सकता है।

 पहले ही कम हैं ATM की तादात

पहले ही कम हैं ATM की तादात

RBI की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले दो सालों में देश में ATM की संख्या में गिरावट आई है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के मुताबिक ब्रिक्स देशों में शामिल देशों के मुकाबले भारत ऐसा देश है जहां एटीएम की संख्या पहले से कम है। यहां प्रति 100,000 लोगों पर कुछ एटीएम हैं। आपको बता दें कि कॉन्फिडेरेशनल ऑफ एटीएम इंडस्‍ट्रीज (CATMi) ने पिछले साल चेतावनी दी थी कि साल 2019 में भारत के आधे से ज्यादा एटीएम बंद हो जाएंगे। रिपोर्ट के मुताबिक देश में करीब 2 लाख 38 हजार एटीएम हैं, जिनमें से करीब 1 लाख 13 हजार एटीएम मार्च 2019 तक बंद होने थे।

 क्यों कम हो रहे हैं ATM

क्यों कम हो रहे हैं ATM

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के सख्त नियमों के कारण एटीएम चलाना महंगा हो रहा है। एटीएम मशीनों में जरूरी बदलाव करने पड़ रहे हैं। आरबीआई ने एटीएम हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को अपग्रेड करने का निर्देश दिया है। कैश मैनेजमेंट स्टैंडर्ड और कैश लोडिंग को लेकर भी आरबीआई ने सख्त नियम कर दिए हैं। इस बदलाव के लिए अच्छी खासी रकम खर्च करनी पड़ रही है। ऐसे में एटीएम चलाना महंगा साबित हो रहा है। इसके अलावा सरकारी बैंकों के कई ब्रांच बंद किए गए हैं। बैंकों के विलय की वजह से कई ब्रांच बंद किए गए। ऐसे में ब्रांच बंद होने की वजह से एटीएम की संख्या में भी कमी आई, क्योंकि अधिकांश ब्रांच में एटीएम इंस्टॉल किए होते हैं।

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English summary
India already has the fewest ATMs per 100,000 people among BRICS nations, according to the International Monetary Fund.
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