ग्रेजुएट चायवाली के बाद अब बुलंदशहर के कपल ने खोला Couple Chai Wala स्टॉल, मिलती है इतने फ्लेवर्ड की चाय

ग्रेजुएट चायवाली के बाद अब बुलंदशहर के कपल ने खोला Couple Chai Wala स्टॉल, मिलती है इतने फ्लेवर्ड की चाय

बुलंदशहर, 28 मई: अपनी ठेठ पंचलाइनों की वजह से प्रियंका गुप्ता 'ग्रेजुएट चायवाली' के रुप काफी मशहूर हो गई। सोशल मीडिया ही नहीं, बल्कि मीडिया की भी सुर्खियों में छाई रही थीं। तो वहीं, अब उत्तर प्रदेश के जिला बुलंदशहर का एक और 'चायवाला कपल' इन दिनों सुर्खियों में छाया हुआ है। बुलंदशहर जिले की इस दंपत्ति ने अपने चाय के स्टॉल का नाम भी 'कपल चाय वाला' रखा है। बता दें कि यह दंपत्ति पोस्ट ग्रेजुएट है और दोनों ने प्राइवेट नौकरी छोड़कर चाय का स्टॉल खोला है।

Recommended Video

    ग्रेजुएट चायवाली के बाद अब बुलंदशहर के कपल ने खोला Couple Chai Wala स्टॉल
    जानिए कहा खुला है 'कपल चाय वाला' का स्टॉल

    जानिए कहा खुला है 'कपल चाय वाला' का स्टॉल

    'कपल चायवाला' नाम से यह स्टॉल बुलंदशहर सिटी के जिला पंचायत मॉल में खुला है। कपल चायवाला नाम से टी स्टॉल खोलने वाले इस दंपति की कहानी भी बड़ी दिलचस्प हैं। पोस्ट ग्रेजुएट कपल लक्ष्मण और राजकुमारी ने बताया कि हम दोनों पति-पत्नी पोस्ट ग्रेजुएट हैं। हमने चाय का काम नौकरी से परेशान होकर शुरू किया है। सरकारी नौकरी में भी काफी प्रयास किया, मगर सरकारी नौकरी भी नहीं मिल सकी। 10 साल प्राइवेट जॉब भी की। राजकुमारी का कहना है कि फिर हमने सोचा कि जितनी मेहनत हम दूसरों के लिए करते है उतनी हम अपने लिए क्यों ना करें।

    मिलती है 67 तरह की गर्म और ठंडी चाय

    मिलती है 67 तरह की गर्म और ठंडी चाय

    इसलिए हमने अपने और अपनी फैमली के बारे में सोचा और चाय की दुकान खोली। हमारी दुकान में 67 तरह की गर्म और ठंडी चाय है। ये सभी अलग-अलग तरह के फलेवर हैं और सभी अच्छी वैरायटी है। हमें टी स्टॉल खोलने की प्रेरणा पीएम मोदी से मिली कि चाय का काम इतना छोटा नहीं है। वहीं, राजकुमारी के पति लक्ष्मण ने बताया कि प्राइवेट जॉब में परेशानियों को देखते हुए हमने चाय का स्टोल खोला है।

    कोरोना काल में आधी हो गई थी सैलरी

    कोरोना काल में आधी हो गई थी सैलरी

    लक्ष्मण लोधी और राजकुमार लोधी बुलंदशहर जिले के अमरगढ़ के रहने वाले है। फिलहाल बुलंदशहर में एक किराए के मकान में रहते हैं। एमए पास राजकुमारी लोधी की माने तो प्रथम श्रेणी में इंटर पास करने के बाद बीए, एमए एनटीटी, कंप्यूटर डिप्लोमा किया जब सरकारी जाब नहीं मिली तो 10 साल एक प्राइवेट स्कूल में जॉब की। स्कूल में वेतन के रुप में महज 09 हज़ार रुपए मिलते थे। कोरोना काल मे ऑनलाइन क्लास के दौरान भी वेतन आधा हो गया था। ऐसे ही कुछ कहानी राजकुमारी के पति लक्ष्मण लोधी की भी है।

    दोनों ने ठानी आत्मनिर्भर बनने की

    दोनों ने ठानी आत्मनिर्भर बनने की

    लक्ष्मण की माने तो पोस्ट ग्रेजुएट करने के बाद भी नौकरी नहीं मिली तो मजबूर होकर एक फैक्ट्री में प्राइवेट नौकरी की। लेकिन अपेक्षित वेतन नहीं मिला। आर्थिक तंगी से जूझते रहे, कोरोना काल ने तो कमर तोड़कर रख दी। राजकुमारी और लक्ष्मण ने प्राइवेट जॉब छोड़कर चाय की दुकान खोल आत्मनिर्भर बनने की ठानी और बुलंदशहर के बुलंद सिटी माल मे किराये पर दुकान ले 'कपल चाय वाला' दुकान खोल ली।

    चाय की होती है होम डिलीवरी

    चाय की होती है होम डिलीवरी

    शहर में चाय की हजारों दुकान है मगर उनकी चाय की दुकान में खास क्या है पूछने पर राजकुमारी लोधी ने कहा कि चाय की दुकान कुछ खास बने और दुकान पर चाय की चुस्की लेने वालों की भीड़ लगे बस यही ठान कर कपल चाय वाला नाम से दुकान खोली और उनकी दुकान पर 67 प्रकार की फ्लेवर्ड चाय मिलती है। यह स्पेशल चाय की वैरायटी है। साथ ही, दुकान पर होम डिलीवरी चाय की सुविधा भी है। दंपति का दावा है कि 15 मिनट में चाय की डिलिवरी दे दी जाती है।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+