टिकट न मिलने पर फूट-फूटकर रोयी कांग्रेस नेता गीता रानी शर्मा, बोली- 10 मार्च तक खाना नहीं खाऊंगी

टिकट न मिलने पर फूट-फूटकर रोयी कांग्रेस नेता गीता रानी शर्मा, बोली- 10 मार्च तक खाना नहीं खाऊंगी

बुलंदशहर, 20 जनवरी: 'लड़की हूं लड़ सकती हूं' नारे के साथ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उत्तरी कांग्रेस पार्टी ने आज अपने प्रत्याशियों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में भी कांग्रेस पार्टी ने 16 महिलाओं को टिकट दिए है। लेकिन, बुलंदशहर सदर सीट पर टिकट मांग रही महिला प्रत्याशी गीता रानी शर्मा को टिकट ना दिए जाने पर उनका दर्द मीडिया के सामने छलका गया। हालांकि, उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया है।

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    टिकट न मिलने पर फूट-फूटकर रोयी कांग्रेस नेता गीता रानी शर्मा, बोली- 10 मार्च तक खाना नहीं खाऊंगी
    Congress worker Geeta Rani Sharma cried for not getting ticket

    कांग्रेस कार्यकर्ता गीता रानी शर्मा की मानें तो वो पिछले काफी समय से कांग्रेस से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही थीं। लेकिन कांग्रेस ने आज जो अपने प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की है उसमें अपना नाम नहीं होने पर वह फूट-फूटकर रोने लगीं। इसके साथ उन्‍होंने कांग्रेस पर धोखेबाजी का आरोप लगाया है। गीता रानी शर्मा ने कहा कि मेरा परिवार 1990 से कांग्रेसी है और मैं पिछले काफी समय से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही थी।

    बताया कि प्रियंका गांधी के 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' स्‍लोगन से मुझे बहुत उम्‍मीद मिली थी, लेकिन कांग्रेस ने मेरा टिकट काट दिया। परिवार की कुर्बानियों का कांग्रेस से ये सिला मिला है। प्रियंका गांधी को संबोधित करते हुए गीता रानी शर्मा ने कहा कि पार्टी को सर्वे के आधार पर टिकट देना चाहिए था, लेकिन यहां ऐसा नहीं किया गया है। इसके साथ उन्‍होंने रोते हुए कहा कि मैं किसी दल में नहीं जाऊंगी और निर्दलीय मैदान में उतरूंगी। वहीं, उन्‍होंने 10 मार्च तक खाना नहीं खाने और भूख हड़ताल पर बैठने का ऐलान किया है।

    सरकार नौकरी छोड़ राजनीति में उतरीं
    गीता रानी शर्मा की मानें तो राजनीति के लिए पुलिस की सरकार नौकरी छोड़कर एलएलबी करने का फैसला किया था। वह इस वक्‍त एलएलबी की छात्रा हैं। जबकि उनका परिवार कांग्रेसी है, इसलिए वह बचपन से कांग्रेस कार्यकर्ता हैं। बता दें कि कांग्रेस ने बुलंदशहर की सदर सीट पर सुशील चौधरी को अपना प्रत्याशी बनाया है। बता दें, सुशील चौधरी ने 2017 का विधानसभा चुनाव लड़ा था। 2020 में हुआ उप-चुनाव भी सुशील चौधरी ने लडा था, लेकिन 10 हजार 300 वोट पाकर चौथे स्थान पर रहे थे।

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