Budaun: बेटे को करोड़पति बनाने के लिए मां ने 'नवजात' को ढाई लाख में बेचा, बोली- 'अब बेटा नहीं, पैसा चाहिए'
बदायूं की एक महिला के पहले से ही पांच बेटे हैं और 26 जनवरी को उसने छठे बेटे को जन्म दिया। उसके बाद अपने नवजात शिशु को करोड़पति देखने के लिए उसने ढाई लाख रुपए में बेच दिया

उत्तर प्रदेश के budaun जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। एक मां ने अपने बेटे को ढाई लाख रुपए में बेच दिया। इस मामले में उसे केवल एक लाख रुपए मिले और बचे हुए पैसे दलाल ले लिए। पूरे पैसे न मिल पाने के बाद महिला पुलिस के पास पहुंचकर बेटे के अपहरण की शिकायत की। पुलिस द्वारा जांच पड़ताल किया गया तो मामला नवजात के बेचने का निकला। फिलहाल नवजात को पुलिस ने बरामद कर लिया लेकिन अब उसकी मां ही उस बच्चे को लेने से इनकार कर रही है।

गणतंत्र दिवस के दिन अस्पताल में हुआ था जन्म
दरअसल बदायूं जिले के फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला ने बीते 26 जनवरी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आसफपुर में बेटे को जन्म दिया था। इसके पहले से ही उसे पांच बेटे हैं। महिला द्वारा बताया गया कि उसके गांव और समीप के दूसरे गांव में रहने वाले कुछ लाेग उससे मिले और बोले लोगों ने उसे और उसके पति को बहला फुसलाकर उसका बच्चा दूसरे को बेचने की बात करने लगे। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उन लोगों द्वारा कहा गया कि यदि तुम अपने बच्चों को बेच देती हो तो वह करोड़पति हो जाएगा और इसके बदले में तुमको रुपए भी मिलेंगे। साथ ही लोगों द्वारा यह भी कहा गया था कि तुमको अपने बच्चे से मिलने भी दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि उसके बाद महिला उनकी बातों में आ गई और अपने बच्चे को ढाई लाख रुपए में बेच दी।

दलालों ने ले लिए डेढ़ लाख रुपए
महिला द्वारा लिखा पढ़ी करते हुए अपने बच्चे को मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र के रहने वाले प्रमोद को बेच दिया गया। हालांकि इस दौरान दलालों ने यह बताया था कि प्रमोद मुरादाबाद का रहने वाला है। पैसे का लेन देन नगद में हुआ था और उस समय महिला और उसके पति को बताया गया कि एक लाख रुपए अभी ले लो बाकी पैसे बाद में दिए जाएंगे। बाद में महिला और उसके पति ने दलालों से डेढ़ लाख रुपए की मांग की तो उन लोगों ने रुपए देने से इनकार कर दिया। रुपए ना मिल पाने के बाद नाराज महिला फैजगंज बेहटा थाने पहुंची और अपने बेटे के अपहरण का रिपोर्ट दर्ज करा दिया। महिला द्वारा नवजात बच्चे का अपहरण किए जाने के मामले को पुलिस ने गंभीरता से लिया और उसके द्वारा बताए गए दलालों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई तो इस पूरे मामले का खुलासा हुआ।

खरीद लिया साइकिल, मोबाइल और अनाज
जांच पड़ताल और पूछताछ के बाद मेरठ के रहने वाले प्रमोद के पास से पुलिस ने नवजात बच्चे को बरामद कर लिया। इस दौरान प्रमोद द्वारा स्टांप पेपर भी दिखाया गया जिस पर लिखा पढ़ी हुई थी। फिलहाल बच्चे को लेकर पुलिस जब फैजगंज बेहटा थाने पहुंची तो महिला ने अपने बच्चे को लेने से इनकार कर दिया। महिला का कहना है कि उसे जो रुपए मिले थे उसमें उसने अपने पति के लिए नई साइकिल और मोबाइल साड़ियां और घर में खाने पीने के लिए अनाज व अन्य सामग्री खरीद ली है। महिला का यह भी कहना है कि पहले से ही उसके पास पांच बेटे हैं और अब छठे बेटे को लेकर वह क्या करेगी? दंपति का कहना है कि उसका पैसा उसे दिलाया जाए और वह बच्चे को अपने पास नहीं रखना चाहती है। ऐसे में अब पुलिस भी उलझी हुई है।

बेटे की मौत के बाद दंपती ने खरीदा था दूसरा बेटा
वहीं इस मामले में मेरठ के रहने वाले दंपति से पुलिस ने पूछताछ किया तो पता चला कि वर्ष 2021 में कोरोना वायरस संक्रमण के चलते उनके बेटे की मौत हो गई थी। घर पर केवल दो बेटियां थी ऐसे में दंपति द्वारा किसी का बच्चा गोद लेने के लिए योजना बनाई गई। उसके बाद दंपती द्वारा अपने जिले से बाहर के लोगों से संपर्क किया गया। इसी बीच उनकी मुलाकात नहड़ौली के रहने वाले कुछ लोगों से हुई और उन लोगों ने बताया कि वे उन्हें बच्चा उपलब्ध करा देंगे लेकिन उसकी कीमत हमको चाहिए। ऐसे में मेरठ का दंपति राजी हो गया और महिला को बच्चा होने के बाद दंपति हॉस्पिटल में पहुंचे और लिखा पढ़ी करवाने के बाद बच्चे को अपने साथ लेकर चले गए थे। दंपति द्वारा भी बताया गया कि उन्होंने ढाई लाख रुपए दिए थे। फिलहाल पुलिस द्वारा बताया गया कि गोद लेने की बात सामने आने के बाद बाल कल्याण समिति को सूचना दे दी गई है। बाल कल्याण समिति के अधिकारियों के अनुसार ही गोद लेने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
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