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जहां मर्दों को सिखाया जाता है कि वे औरतों को कैसे रिझाएं?

By माइल्स बोनार

काला चश्मा पहने खड़े दो मर्द
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काला चश्मा पहने खड़े दो मर्द

मैं सेंट्रल लंदन के मशहूर सैवॉय होटल के सामने खड़े होकर छात्रों के एक समूह के साथ इंतज़ार कर रहा था. उन छात्रों ने 'स्ट्रीट अट्रैक्शन' के संस्थापक और हेड कोच को 700 डॉलर से ज़्यादा पैसे दिए.

इसके बाद एडी हिचेंस को सभी पुरुषों ने उनका परिचय जानने के लिए घेर लिया.

फिर एडी हिचेंस ने कहा, "हैलो! मैं एडी हूं. मैं हेट्रोसेक्शुल पुरुष (महिलाओं से आकर्षित होना वाला) हूं और मुझे सेक्स की लत है. मैं साल 2005 से 'गेम' में शामिल हूं और 2011 से इसकी कोचिंग दे रहा हूं."

'गेम' एक तरह का कारोबार है. अरबों रुपयों का कारोबार. ये एक ऐसा कारोबार है जहां मर्द, दूसरे मर्दों को सिखाते हैं कि औरतों को कैसे रिझाना है.

वैसे,अगर मर्द औरतों को रिझाने की कोशिश कर रहे हैं तो इसमें कुछ भी नया नहीं है. लेकिन आज के इस डिजिटल युग में ऐसे कोर्स ऑनलाइन भी मौजूद हैं जिनमें ये सिखाया जाता है कि एक बार में एक साथ कितनी ज़्यादा औरतों को सेक्स के लिए राज़ी किया जा सके और कितनी जल्दी.

यूट्यूब पर सर्च करने पर इस तरह के कई वीडियो मिल जाते हैं
Getty Images
यूट्यूब पर सर्च करने पर इस तरह के कई वीडियो मिल जाते हैं

ये तेज़ी से उभरती ग्लोबल इंडस्ट्री का हिस्सा है जो एक नेटवर्क के ज़रिए इंटरनेट वीडियो चैनल से जुड़े होते हैं और इन वीडियो चैनलों के हज़ारों सब्सक्राइबर होते हैं.

इन वीडियोज़ और 'बूटकैंप्स' में नियम सिर्फ़ मर्दों को ही बताए जाते हैं. औरतों को तो इस बात का भी पता नहीं होता है कि वो इस गेम का हिस्सा भी हैं.

ये एक ऐसा गेम है जो यौन उत्पीड़न को बढ़ावा देने वाला बन सकता है और अमूमन यौन संबंधों में जिस सहमति की बात की जाती है उसे पूरी तरह से झुठला सकता है.

हिचेंस ने बाकी ग्रुप को इशारा किया कि वो उन्हें अपने बारे में बताएं. उनका ये इशारा मेरे लिए भी था. मैं, जो एक अंडरकवर पत्रकार था और कुछ ऐसे दिखावा कर रहा था जैसे मैं अभी-अभी इसका हिस्सा बना हूं. इस ग्रुप में काफ़ी विविधता थी. अलग-अलग तरह के लोग. अलग-अलग देशों के लोग.एम्सटर्डम का एक शेफ़, अमरीका एक पूर्व नौसैनिक, एक सॉफ़्टवेयर इंजीनियर जो ब्राज़ील से था, डब्लिन का एक कंप्यूटर प्रोग्रामर और मैनचेस्टर का एक डॉक्टर.

इसके बाद परिचय देने की मेरी बारी आई.

मैंने कहा, "हाय! मेरा नाम माइकल गिब्सन है. मैंने ये नाम ख़ुद को याद करवाया था क्योंकि बतौर अंडरकवर पत्रकार यही मेरा नाम था. मैं डे-गेम में नया हूं. अभी हाल ही में मेरा मेरी गर्लफ्रेंड के साथ ब्रेकअप हुआ है. हम छह साल से साथ थे."

और कुछ इस तरह मैं अपनी ज़िंदगी के सबसे अजीबोग़रीब लेकिन कभी नहीं भुलाए जाने वाले अनुभव से रूबरू होने वाला था. एक यात्रा... रिझाने के कथित कारोबार और उसकी दुनिया की..

ए गेम

अदनान अहमद की तस्वीर
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अदनान अहमद की तस्वीर

अदनान अहमद ने 'स्ट्रीट अट्रैक्शन' की ट्रेनिंग ली हुई थी.

फ़िलहाल वो जेल में है. उन पर जवान लड़कियों को डराने और और उनके साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप में केस चल रहा है और वो अदालत के फ़ैसले का इंतज़ार कर रहे हैं.

लेकिन सिर्फ़ एक साल पहले तक, वो ख़ुद को पिक अप आर्टिस्ट के तौर पर पेश किया करते थे. या यूं कहें इसका शो ऑफ़ किया करते थे. एडी-ए गेम.

अहमद अपने (विंग मेन) साथियों के साथ ग्लासगो शहर सिटी सेंटर के आस-पास घूमा करते थे और सड़क पर औरतों के साथ बात करते हुए चुपके से उनकी वीडियो बनाया करते थे.

यूनिवर्सिटी में उनके साथ पढ़ने वाले एक युवक ने मुझे बताया कि अहमद ने यू ट्यूब पर 250 से ज़्यादा वीडियो अपलोड किए थे जिसमें वो ये बता रहे थे कि उन्होने कितनी लड़कियों के साथ सेक्स किया है. इनमें उन लड़कियों के वीडियो भी शामिल थे जिनसे उन्होंने छिपाकर वीडियो बनाए थे.

अपने एक वीडियो में उन्होंने कहा था, "ज़्यादा औरतों के साथ सेक्स करने का कारण ये है कि सिर्फ़ बहादुर लोग ही ऐसा कर पाते हैं."

अदनान अहमद एक लड़की से बात करते हुए
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अदनान अहमद एक लड़की से बात करते हुए

ये सिर्फ़ एक मर्द के अंदर बसने वाली 'मिसॉजनी' (औरतों से नफ़रत और उन्हें नीचा समझने की भावना) नहीं थी. इससे ज़्यादा भी बहुत कुछ था.

इसमें बिज़नस था, सेल्स था, लाइफ़स्टाइल कोचिंग थी और कई जटिल शब्द थे जैसे : 'इन फ़ील्ड फ़ुटेज', 'एलएमआर', 'नंबर क्लोज़' और 'सार्जिंग'.

ये शब्द अहमद जैसे 'पिक-अप आर्टिस्ट' की भाषा के हैं जिन्हें वो 'गेम' के कारोबार में इस्तेमाल करते हैं.

एक वीडियो में अहमद ने एक ऐसी महिला को दिखाया जो एक कॉन्डोम के साथ सो रही थी. इसे अहमद ने 'सेम नाइट ले' कहा था

अहमद अपने सेक्स की ऑनलाइन ऑडियो भी पोस्ट करते थे. ये ऑडियो सुनकर ऐसा नहीं लगता कि उन औरतों को ये पता था कि इसे ऑनलाइन पोस्ट किया जाने वाला है. रिकॉर्डिंग के लिए उन लड़कियों की सहमति जैसे अहमद के लिए ज़्यादा मायने नहीं रखती थी.

अपने एक वीडियो में अहमद ने कहा, "अगर वो पूछती है कि आप कॉन्डोम क्यों इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसका मतलब वो सेक्स के लिए तैयार है. याद रखिए, ये बलात्कार नहीं है. उसकी हरकतों को सुनिए, उसके जिस्म को सुनिए...उसके शब्दों को नहीं."

निशाना

बेथ की तस्वीर
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बेथ की तस्वीर

मैं उन दो महिलाओं को ढूंढने में कामयाब रहा जिन्हें अहमद ने अप्रोच किया था. अहमद की नज़र बेथ पर तभी पड़ी थी जब वो ग्लासगो सिटी सेंटर से अपनी शिफ़्ट पूरी करने के बाद वापस लौट रही थीं

बेथ उस समय शॉपिंग स्ट्रीट से अकेले गुज़र रही थी.

बेथ याद करती हैं, "वो नवंबर की अंधेरी रात थी और अहमद अचानक ही मेरे रास्ते में आ गए.''

अहमद ने बेथ से पूछा, "ओह! तो तुम रूसी हो."

बेथ ने बताया, "अहमद बता रहे थे जब वो यूक्रेन में थे तब उन्होंने कुछ सेक्स वर्कर्स के साथ वक़्त बिताया था. वो कह रहे थे कि मैं 'सेक्स वर्कर्स से बेहतर होऊंगी. वो ये सब बेहद घिनौने अंदाज़ में कह रहे थे."

अहमद ने बेथ को अपना नाम ऐडी बताया था. वो बार-बार बेथ से उनका नंबर मांग रहे थे और उन्हें छूने की कोशिश कर रहे थे.

बेथ बताती हैं, "मैंने अनगिनत बार ना कहा. मैंने बहाने बनाए लेकिन फिर भी वो मेरा नंबर मांगते रहे. मैं बहुत डर गई थी फिर मुझे लगा कि अगर मै उन्हें अपना नंबर दे दूंगी तो वो मुझे जाने देंगे."

बेथ याद करती हैं, "अहमद को पता था कि मैं बस स्टॉप जा रही हूं. उन्हें ये भी पता था कि मैं बस का इंतज़ार करते हुए लगभग एक घंटे तक अकेले ही रहूंगी इसलिए मैं फ़ोन पर अपनी मां से लगातार आधे घंटे तक बात करती रही."

बेथ कहती हैं कि ये 'ख़तरनाक' था. वो उस रात डर के मारे सो नहीं पाईं.

अहमद जब ग्लासगो की एक 20 वर्षीय छात्रा को अप्रोच कर रहे थे तब उनकी एक दोस्त ने छिपकर उनका वीडियो बनाया था. बाद में अहमद ने ये वीडियो यूट्यूब पर अपलोड किया था.

अहमद की उस दोस्त का अनुभव भी कुछ वैसा ही था जैसा मैंने सड़क पर चलते-फिरते यौन उत्पीड़न का शिकार से सुना था.

वो कहती हैं, "हम नहीं चाहते कि अगर हम किसी के प्रस्ताव को ठुकराने पर हमें 'बिच' कहा जाए. हम नहीं चाहते कि किसी से बात न करने पर हमें 'घमंडी' कहा जाए.

एमिली
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एमिली

एक वीडियो में अहमद ने कहा था कि अगर वो एमिली से छुट्टियों पर मिले होते तो उनके साथ सेक्स ज़रूर करते. बाद में ये वीडियो डिलीट कर दिया गया था.

मैं एमिली से भी मिला. एमिली कहती हैं कि ये सब सुनकर वो ग़ुस्से से पागल हो गई थीं.

एमिली कहती हैं, "मर्दों का ये सोचना कि औरतें उनसे सेक्स करने को तैयार हैं, हमारे समाज की एक बड़ी समस्या है. मुझे लगता है कि ये सब बोलने से पहले उन्होंने ज़्यादा कुछ सोचा ही नहीं."


एमिली और बेथ अकेले नहीं थे. मैंने बीबीसी स्कॉटलैंड के डिजीटल प्लेटफॉर्म द सोशल के लिए एक वीडियो बनाया, जिसमें बाद में मुझे अहमद के बारे में पता चला. यह पहले ही कुछ दिनों में लगभग दो मिलियन बार देखा गया और वायरल हो गया.

इसके बाद ग्लासगो की सड़कों पर महिलाओं के हक़ की बात करने वाले संगठन ने प्रदर्शन किया. स्कॉटलैंड की संसद में फर्स्ट मिनिस्टर निकोला स्टर्जन ने कहा कि वो इस रिपोर्ट को देखकर स्तब्ध हैं.

उसके बाद से महिलाएं लगातार अपनी आवाज़ उठा रही हैं. "ये आदमी मेरे ऑफिस के बाहर खड़ा होकर महीनों से मुझे रोज़ घूरा करता था...." "इस आदमी ने मुझसे पूछा कि क्या वो मेरे घर के रास्ते तक मेरे साथ चलेगा...और उसके बाद वो मेरे ऊपर हावी होने की कोशिश करने लगा."

लगभग सभी कहानियाँ असहज कर देने वाले घटनाक्रमों पर आधारित थीं. कई लोग तो ऐसे थे जो उत्पीड़न तक की रेखा पार करते दिखे.

कुछ मामलों में बाद में पता चला कि वे अपराधी थे.

मेरी रिपोर्ट के प्रकाशित होने के बाद क़रीब एक दर्जन से ज्यादा औरतों ने पुलिस के पास अलग-अलग तरह के विवरण पेश किए. वीडियो प्रकाशित होने के दो दिनों के भीतर, अहमद को धमकी देने और अपमानजनक व्यवहार करने के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया गया.


बूटकैंप्स

वेबसाइट
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वेबसाइट

जब मैंने पहली बार अहमद के संदर्भ में जांच शुरू की थी तो मुझे ख़ुद भी पता नहीं था कि वह एक ऐसे बिज़नेस से जुड़ा हुआ है.

बाद में मुझे ये भी पता चला कि वो दर्जनों पिक-अप आर्टिस्ट्स में से सिर्फ़ एक है. वे रिझाने के लिए अलग-अलग तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं और साथ ही एक-दूसरे के यू-ट्यूब चैनल को भी प्रमोट करते हैं.

लेकिन जब बात आई जल्दी परिणाम दिलाने का तो एक ग्रुप उस भीड़ में से अलग होकर खड़ा हो गया. इस कंपनी ने एक प्रस्ताव दिया, जिसे वे बूटकैम्प्स कहते हैं. उनका दावा था कि उनकी ट्रेनिंग से मर्द दो दिन में खूबसूरत ओरतों को रिझाने में कामयाब हो जाएंगे.

स्ट्रीट अट्रेक्शन के एक लाख दस हज़ार यू-ट्यूब सब्सक्राइबर हैं.

इसके संस्थापक एडी हिचेन्स पर गुप्त तौर से रिकॉर्ड किए गए यौन शोषण के वीडियो दिखाने का भी आरोप है.

एक वीडियो में वो यह कहते भी हैं कि इस तरह के बेहद निजी पलों को इस तरह रिकॉर्ड करना इतना आसान नहीं है.

"अगर लड़की को पता चल जाएगा कि शूटिंग हो रही है तो ज़ाहिर सी बात है कि वो नेचुरल नहीं रह जाती है और ज़्यादातर महिलाएं तो इज़्ज़त और सम्मान के कारण फिल्मिंग को अनुमति तक नहीं देती हैं."

"क्योंकि हमें सबकुछ बिल्कुल नेचुरल चाहिए था इसलिए हमें गुप्त तरीक़े से सबकुछ शूट किया."

ईयरफ़ोन शेयर करते दो लोग
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ईयरफ़ोन शेयर करते दो लोग

इससे भी बढ़कर, स्ट्रीट अट्रेक्शन ने अदनान को ट्रेंड किया और उसे नाम दिया अदनान ए गेम अहमद. जिस बूटकैंप में अहमद गए उसे फ़िल्माया भी गया और बाद में उसे उनके यू-ट्यूब चैनल पर भी अपलोड किया गया.

शायद यही वजह थी कि मैं सेंट्रल लंदन के सेवॉय होटल के बाहर बतौर ट्रेनी आर्टिस्ट खड़ा था. मैंने कैमरे और माइक्रोफ़ोन को छिपाने के लिए एक मोटा कोट पहन रखा था और चूंकि मौसम खुला हुआ था इसलिए मैं पसीने से तर-बतर था.

बूट कैंप में कुल छह विद्यार्थी थे और स्ट्रीट अट्रेक्शन के संस्थापक हंचेस भी वहां मौजूद थे.

मुझे कुछ भी नहीं पता था कि क्या करना है. यह पहला टेस्ट था और मैं पहले ही टेस्ट में संघर्ष कर रहा था.

मैं कैंप के बाकी छात्रों की तरह लंदन ब्रिज पर इधर से उधर घूम रहा था. जिस पर से रंग-बिरंगे कपड़े पहने महिला प्रदर्शनकारियों का एक हुजूम गुज़र रहा था. साथ में वर्दी पहने कुछ पुलिस वाले भी थे.

मैं लड़कियों के एक जोड़े के पास जाकर खड़ा हो गया. मुझे पता नहीं चल रहा था कि क्या कहना चाहिए.

मैंने यूं ही पूछा कि क्या ये कोई कार्यक्रम है?

उन्होंने मुझे बताया कि यह एक प्रदर्शन है.

मेरा सवाल शायद बेहद सहज था इसलिए उनमें से एक महिला ने मुझे फ़्लायर दे दिया.

इस तरह यह बात विनम्रतापूर्वक समाप्त हो गई और मैं लौट आया.

ट्रेनिंग की ज़बान में इसे कोल्ड अप्रोच कहते हैं.

मुझे बताया गया कि इस बात से कोई फ़र्क नहीं पड़ता है कि मैं उस महिला को पसंद करता हूं या नहीं. हिचेन्स ने हम सभी को एक-एक टारगेट दिया. जिसे हमें कई विपरीत परिस्थितियों को झेलते हुए पूरा करना था.

इसके बाद हमें माइक लगाया जाना शुरू किया गया ताकि प्रशिक्षक यानी हेचेंस हमारी बातों को सुनते रहें.

मैं एक ऐसे ग्रुप का पर्दाफ़ाश करने जा रहा था. उस समूह का जो महिलाओं की गुप्त तरीक़े से रिकॉर्डिंग करते थे. मुझे ये बात लगातार याद रखनी थी कि मैं अंडरकवर हूं.

लेकिन जब मैं आगे बढ़ा तो पूरे वक़्त मेरे दिमाग में मेरी बहन और मेरे चचेरे भाइयों के ख्याल आते रहे. मैं सोचता रहा कि जिससे मैं मिलने जा रहा हूं अगर वो मेरे ही जानने वाले निकल गए तो...

डॉक्टर रशेल ओ नील
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डॉक्टर रशेल ओ नील

लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स की डॉ. रेचल ओ नील ने दस सालों तक इस इंडस्ट्री के बारे में जानकारी जुटाई है.

मैंने बाद में उनसे इस संबंध में बात की, उनका कहना था 'यह महिलाओं को रिझाने के लिए एक खाका तैयार करते हैं. जिसका प्रयोग पुरुष महिलाओं को आकर्षित करने के लिए करते हैं.'

वो कहती हैं 'इसमें एक स्क्रिप्ट दी जाती है. जिसमें वो सब लिखा होता है जिसका दिनचर्या के तौर पर आपको पालन करना होता है.'

'ये प्रशिक्षण शिविर ज़्यादातर सड़कों पर, बार, कैफ़े या ऐसी किसी सार्वजनिक जगह पर ट्रेनिंग देने में यक़ीन करते हैं. वे तकनीक़ सिखाकर, छात्रों को काम में लगा देंगे.'

इसका एक मतलब यह हुआ कि एक बिल्कुल अनजान औरत को रिझाने का काम.

हमें कुछ लड़कियों को दिखाया गया और हमसे कहा गया कि हम उन्हें अप्रोच करें लेकिन वो बेहद कम उम्र की लग रही थीं. मैंने हिचेंस से कहा कि वो मुझे देखने में बेहद छोटी लगी.

हिचेन्स ने मुझे समझाया कि मुझे इतनी नुख़्ता-चीनी करने की ज़रूरत नहीं है.

उसने कहा 'इसमें कोई हर्ज नहीं है. भले वो देखने में कमज़ोर लगती हो लेकिन चाहे कोई भी हो उसे रोकने में कोई बुराई तो नहीं है. यह एक अच्छा टारगेट है.'

एलएमआर- सेक्स के लिए अंतिम मिनट पर मना करना

बूटकैंप के दो दिन पूरे हो चुके थे. हम ट्राफलगर स्क्वायर में थे. कोच जार्ज मैसी ने हमें एलएमआर के बारे में उस दिन बताया.

इसका मतलब है सेक्स के लिए अंतिम मिनट में मना कर देना. ये सबक उस वक़्त के लिए था जब कोई महिला सेक्स के लिए एकदम अंतिम समय में मना कर दे. यह ट्रेनिंग उस स्थिति से निपटने के लिए थी.

मैसी ने समझाया "तुम्हें आगे बढ़कर ये करना चाहिए."

"परिस्थितियां ऐसी हैं कि तुम इसके लिए ज़िम्मेदारी लो...हां मैं बस एक जानवर हूं और मैं इससे इनक़ार नहीं कर सकता. "

हिचेन्स के एक वीडियो में वो कहते हैं कि तुम्हें आगे बढ़ना चाहिए बावजूद इसके कि तुम बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहे हो. हिचेंस आगे कहते हैं "अगर वो तुमसे यह कहती है कि हम अभी नहीं कभी और या अगली बार सेक्स करेंगे तो तुम इसका जवाब दे सकते हो. तुम कह सकते हो कि समय क्यों बर्बाद करें. और यह क्यों मान लेना कि जो आज हो रहा है वो कल भी होगा ही."

डॉ. रशेल ओ नील ने कहा कि एलएमआर इस विचार के साथ तैयार किया गया है कि अमूमन औरतें सेक्स करने से पहले थोड़ा प्रतिरोध करती ही हैं.

गेम कोच
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गेम कोच

इसके बाद मेसी ने हमें एक दूसरे कोच से मिलवाया. जिसका नाम रिचर्ड हुड था. मेसी ने उन्हें किंग ऑफ़ एलएमआर कहकर मिलवाया.

हुड किसी सामान्य शख़्स से इतर, बेहद दबाव से गुज़र रहे सेल्समैन की तरह लग रहे थे. वो बिल्कुल भी वैसे नहीं लग रहे थे जैसे उन्हें वाक़ई इस बात की मालूमात हो कि एक औरत क्या चाहती है.

उन्होंने हमें बताना शुरू किया, "जब आप अपार्टमेंट में पहुंचे तो सबसे पहले उसे उसके जूते उतारने के लिए कहें. ठीक दरवाज़े के पास से ही आप अपने जूते उतारने लगें. यह मूल रूप से आगे बढ़ने का पहला हिस्सा है."

"कुछ लड़कियां परेशान कर सकती हैं. अगर वे अपने जैकेट और जूते नहीं उतारती हैं तो यह निराशाजनक तो है लेकिन कोई बात नहीं...अगर ऐसा है तो यह उस दिन के लिए पर्यात है."

"कभी-कभी लोग थोड़े बहुत शर्मीले होते हैं या थोड़ा बहुत डरते भी हैं उन्हें पूर्ण सहमति चाहिए होती है. मेरे कहने का मतलब ये कि वे लिखित में चाहते हैं कि उनके बीच में जो कुछ भी हो उसके लिए रज़ामंदी हो. लेकिन आप इसके बिना भी या किसी भी तरह से इसमें शामिल हो सकते हैं. बस आपको आगे बढ़ना होता है. "

मैंने आपराधिक मामलों को देखने वाली एक वक़ील केट पार्कर से पूछा कि उन्होंने उन पुरुषों को किस तरह से डील किया जिन्होंने अंतिम समय में सेक्स के लिए प्रतिरोध सुना. मैंने उन्हें कोच के कुछ वीडियो भी दिखाए.

उन्होंने मुझे बताया कि यह वाक़ई परेशानी में डालने वाला होता है.

स्कॉटलैंड में रेप क्राइसेस की प्रमुख सैंडी ब्रिंडले ने मुझे बताया, "मुझे लगता है कि पिक-अप आर्टिस्ट वास्तव में पुरुषों की कोई मदद नहीं कर रहे हैं. और मेरी उन्हें यही सलाह होगी कि वे इससे दूर रहें वरना उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.

आमना-सामना

रिचर्ड हुड
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रिचर्ड हुड

बूटकैंप के पांच महीने और उसके बाद मैं लंदन वापस आ गया था. और अब मुझे बतौर बीबीसी पत्रकार इन पिक अप कोच से आमने-सामने होना था.

बहुत बार के इनक़ार के बाद अंत में मुझे एडी हिचेंस कोचिंग के एक दूसरे ग्रुप के मर्दों से मिलने का मौका मिला. मैंने उससे पूछा कि आख़िर उसने महिलाओं के ऊपर सेक्स के लिए दबाव क्यों डाला. इससे वो नाराज़ हो गया था.

उसने कहा यह बिलकुल ग़लत है. उसने मुझे ही इस बात के लिए दोषी बताया कि मैं बातों को उलझा रहा हूं. उसने मुझसे कहा, "यह एक कला है. यह जो कुछ भी है, इसमें आपसी सहमति होती है."

"हम वास्तव में पुरुषों की मदद करते हैं ... हम जो कुछ भी करते हैं वो बलात्कार को रोकने के लिए करते हैं. हम नहीं चाहते हैं कि वो कुछ भी ग़ैर कानूनी करें."

रिचर्ड हुड ने साफ़ इनकार कर दिया कि वो पुरुषों को ऐसा कुछ सिखाते हैं.

उन्होंने मुझसे कहा, हमने कभी भी औरतों की फ़िल्म नहीं बनाई. हमारे साथ कलाकार थीं.

फिर मैंने उनसे पूछा कि क्या फिर तुमने कुछ भी ग़लत नहीं किया?

इसके जवाब में उन्होंने कहा, नहीं. मैंने कुछ ग़लत नहीं किया.

उन्होंने यह भी मानने से इनक़ार कर दिया कि वो जो कुछ कर रहे हैं वो क़ानून तोड़ना है.

मेरी रिचर्ड हुड से बात के बाद स्ट्रीट अटरेक्शन ने गुप्त तरीक़े से फ़िल्माए गए सभी वीडियो डिलीट कर दिये. ये वही वीडियो थे जिसे लेकर मैंने सवाल किये थे.

इसके बाद जब मेरी डॉक्यूमेंट्री ब्रॉडकास्ट हुई उसके कुछ दिनों बाद ही यू-ट्यूब ने 'स्ट्रीट अट्रैक्शन' के 100 से ज़्यादा वीडियो डिलीट कर दिये.

यू-ट्यूब के एक प्रवक्ता ने मुझे बताया किउनके प्लेटफॉर्म से एडी ए गेम एंड 'स्ट्रीट अट्रैक्शन' चैनल को टर्मिनेट कर दिया गया है.

"यू-ट्यूब यौन हिंसा, ग्राफिक सामग्री या परेशान करने वाली किसी भी सामग्री को प्रतिबंधित करने के लिए प्रतिबद्ध है."

जॉर्ज मैसी नाम के एक अन्य 'स्ट्रीट अट्रैक्शन' कोच ने बाद में मुझे बताया कि उनका मानना था कि वो "डेटिंग के क्षेत्र में लोगों की मदद" कर रहे हैं.

उनका कहना था कि बहुत से पुरुषों ने उन्हें ख़त लिखकर धन्यवाद भी किया था. कुछ ऐसे भी थे जिन्हें एक अच्छा रिलेशन मिल गया था.

एडी
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एडी

हिचेन्स ने यह मानने से इनक़ार कर दिया कि उसने अपने छात्रों को कभी यह कहा था कि वे किशोर उम्र की लड़कियों को भी अप्रोच कर सकते हैं.

उन्होंने कहा, "जो चीज मैं सिखाता हूं वह बिल्कुल अलग था. मैं हमेशा उनसे कहता था कि आगे बढ़ने से पहले यह ज़रूर पता कर लें कि लड़की की उम्र कितनी है."

'धमकी और अपमानजनक'

इस बीच ग्लासगो में अदनान के मामले की सुनवाई भी पूरी हो गई.

18 साल की एक पीड़िता ने उनके ख़िलाफ़ सुबूत दिए. जिसमें यह साबित हो रहा था कि अदनान ने उसे रोका था.

उन्होंने बताया "उसने अपना हाथ मेरी पीठ पर कमर के पास रख दिया था. उसने अपना हाथ मेरे गाल के पास ले जाकर मुझे चूमने की कोशिश की. मैंने उसका हाथ झटकते हुए उससे पूछा कि वो क्या कर रहा है. इसके बाद मैंने वहीं खड़े एक आदमी से पूछा कि क्या मैं उसके बगल में थोड़ी देर खड़ी हो सकती हूं क्योंकि मैं अकेला और डरा हुआ महसूस कर रही थी."

इसके जवाब में अहमद ने कहा कि महिलाओं के प्रति उसका अप्रोच हानि रहित था और जैसे ही उसे पता चला कि वे किशारावस्था में हैं वो उनसे दूर हो गया.

लेकिन ज्यूरी ने उनकी बात नहीं मानी.

अहमद को धमकी देने और अपमानजनक व्यवहार जैसे पांच आरोपों में दोषी ठहराया गया और उसे हिरासत में भेज दिया गया.

वह पहले ही नौ महीने जेल में रिमांड पर बिता चुके थे.

रीटा
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रीटा

जब केस चल रहा था, रीटा महिलाओं के समर्थन के लिए अदालत में खड़ी थीं.

वह उन कुछ औरतों में से थीं जिन्होंने अहमद की गतिविधियों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई थी. और यह उन्हीं की वजह से था कि मैंने ख़ुद को इस ए-गेम की पड़ताल करने के लिए राज़ी किया.

रीटा को लगा कि वो एडी को जानती थीं.

दोनों ग्लासगो में साथ में पढ़े थे.

रीटा ने बाद में अहमद की कई ऐसी तस्वीरें दिखाईं जिसमें वो अर्द्धनग्न महिलाओं के साथ थे.

रीटा ने कहा कि यह समस्या पूरी दुनिया में फैली हुई है.

"मैं बस इतना चाहती हूं कि महिलाएं और किशोरावस्था में क़दम रखने वाली लड़कियां इस तरह के मर्दों से दूर रहें. वो चाहे कॉलेज हो या नौकरी की जगह."

पुरुषों के ख़िलाफ़ खड़ी महिलाएं
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पुरुषों के ख़िलाफ़ खड़ी महिलाएं

इस डॉक्यूमेंट्री के रिलीज़ होने के बाद 'स्ट्रीट अट्रैक्शन' ने एक बयान जारी कर कहा कि उन्होंने कोई भी ग़लत काम नहीं किया है. उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया है कि उन्होंने नाबालिगों के साथ यौन संबंध बनाने की कभी भी वकालत नहीं की और ना ही किसी को ऐसा करने के लिए प्रशिक्षित किया है.

BBC Hindi
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English summary
Where men are taught how to woo women?
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