क्या आप भी कॉन्टैक्ट लेंस लगाकर सोते हैं ? हो जाएं सावधान, शख्स ने इसी गलती से गवांई एक आंख की रोशनी
कॉन्टैक्ट लेंस लगाकर एक शख्स सो गया, जिस कारण उसकी आंख में ऐसी समस्या हुई कि उसकी दाहिनी आंख की रोशनी चली गई।

आंख की रोशनी कम होने पर चश्मा लगाने के बजाय कई लोग कॉन्टैक्ट लेंस लगाना पसंद करते हैं। उसमें कई लोग ऐसे होते हैं जो कई बार कॉन्टैक्ट लेंस लगाकर सो तक जाते हैं। ऐसा अगर आप भी करते हैं तो तुरंत सुधर जाइए क्योंकि ऐसा ही कुछ अमेरिका के माइक क्रुमहोल्ज़ ने किया और उनकी आंखों में घातक संक्रमण हो गया और एक छोटी सी गलती के कारण उनकी एक आंख की रोशनी चली गई।

कॉन्टैक्ट लेंस लगाकर सो गया और उठा तो....
21 साल के माइक फ्लोरिडा में रहते हैं और वो पार्ट टाइम जॉब करते हैं। काम करते समय उसे कुछ देर के लिए नींद आ गई और कॉन्टैक्ट लेंस निकाले बिना ही सो गया। जब वो नींद से उठा तो उसे उसकी आंखों में दाद सिंप्लेक्स वायरस टाइप 1 (HSV-1) हो गया था। जिसके कारण उसकी आंख में सूजन आ गई थी।

आंख में संक्रमण के कारण मांस खाने वाले पनप गए पराजीव
जब वो डॉक्टर के पास गया तो माइक को दाद सिंप्लेक्स वायरस टाइप 1(HSV-1) होने का पता चला। डॉक्टरों ने उसका इलाज किया, लेकिन उसकी हालत बिगड़ती चली गई। अंत में उन्हें दुर्लभ मांस खाने वाले परजीवियों, एसेंथामोइबा केराटाइटिस के कारण होने वाले संक्रमण का पता चला। उसे एक गंभीर संक्रमण हो गया जिसके कारण उसकी दाहिनी आंख की रोशनी तक चली गई।

संक्रमण के कारण दाहिनी आंख की रोशनी चली गई
एक महीने के अंदर ही पांच अलग-अलग आई स्पेलिस्ट और दो कॉर्निया विशेषज्ञों ने उसकी आंखों का चेकअप करवाया, इसके बावजूद उसकी एक छोटी सी गलती की वजह से उसकी एक आंख की रोशनी गवां दी। 50 दिनों के अंदर माइक की दाहिनी आंख की रोशनी चली गई थी।

होता था असहनीय दर्द
माइक क्रुमहोल्ज़ अब काला चश्मा पहनने है और बेडरूम में भी ये पहने रहते हैं। हालांकि माइक के परिवार ने उनका पूरा साथ दिया और वे हमेशा उनकी मदद के लिए मौजूद रहे। डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी आंखों के पिछले हिस्से में रुक-रुक कर तेज दर्द होता था जिसे 2 हफ्ते तक लगातार सहना उनके लिए मुश्किल था।

माइक अब लोगों को कर रहे जागरूक
अमेरिका के माइक क्रुमहोल्ज़ ने जो गलती की वो कोई और ना करें इसलिए वो कॉन्ट्रेस लेंस पहनने वालों के लिए जागरूकता फैलाने और दुर्लभ बैक्टीरिया से लड़ने के दौरान खुद को सहारा देने के लिए एक GoFundMe पेज शुरू किया। वो अन्य लोगों से अपील कर रहे हैं कि जो कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं, वे उसे पहन कर ना सोएं और न ही इसे पहनकर स्नान करें।

क्या माइक की कभी लौट पाएंगी आंखों की रोशनी
अमेरिका के रहने वाले माइक की एक सर्जरी हुई है जिसे पीडीटी (फोटोडायनामिक थेरेपी) कहा जाता है, जो कंजंक्टिवल फ्लैप का ट्रांसफर है। माइक को आई ट्रांसप्लॉन्ट की आवश्यकता हो सकती है। डॉक्टरों को उम्मीद है कि इससे संक्रमित आंख में उसे कम से कम उनकी आंख की खोई 50 प्रतिशत दृष्टि लौटाएगा।
नोट- सभी फोटो सोशल मीडिया से












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