Bandi Chhor Diwas: बंदी छोड़ दिवस पर निहंग फौज ने घोड़े और हाथियों के साथ दिखाए करतब, देखें Video
बंदी छोड़ दिवस के मौके पर अमृतसर में महल्ला (नगर कीर्तन) निकाला गया। निहंग फौज ने इस में हथियार और घुड़सवारी के जमकर करतब दिखाए। ये खास उत्सव सिखों के छठवें के गुरु श्री गुरु हरगोबिंद सिंह की वीरता के लिए जाना जाता है।
Bandi Chhor Diwas: बंदी छोड़ दिवस के मौके पर अमृतसर में महल्ला (नगर कीर्तन) निकाला गया। निहंग फौज ने इस में हथियार और घुड़सवारी के जमकर करतब दिखाए। ये खास उत्सव सिखों के छठवें के गुरु श्री गुरु हरगोबिंद सिंह की वीरता के लिए जाना जाता है। सिख जत्थेबंदियों के अनुसार इस दिन गुरु हरगोबिंद सिंह ने 52 राज्यों के बंदियों को मुक्त कराया था।

पंजाब के अमृतसर में बंदी छोड़ दिवस पर निहंग सिख जत्थेबंदियों ने कई कार्यक्रम आयोजित किए। इसमें उन्होंने महल्ला (नगर कीर्तन) निकाला। ये आयोजन महल्ला साहिब गुरुद्वारा बी-ब्लॉक रणजीत एवेन्यू में हुआ। जिसमें निहंग जत्थेबंदियों ने अपने कमाल के हुनर दिखाए।
#WATCH | Nihang Sikhs demonstrated their horse riding skills during 'Bandi Chhor Diwas' celebrations in Amritsar, Punjab earlier today. pic.twitter.com/98ZkI6Kxfv
— ANI (@ANI) October 25, 2022
ये है इतिहास
सिखों के छठवें गुरु श्री गुरु हरगोबिंद सिंह ने ग्वालियर के किले में 52 राज्यों के बंदियों को छुड़ाकर अमृतसर लाए थे। उस वक्त इस खुशी में ही संगतों की तरफ से घरों में देसी घी के दीये जलाए गए थे। तब से इसके अगले दिन सिख जत्थेबंदियां अपनी बहादुरी के जोहर दिखाने प्रचलन हो गया था। इसे मोहल्ला या नगर कीर्तन का नाम दिया गया।
नगर कीर्तन में गजब का हुनर
नगर कीर्तन में निहंग वे सभी कौशल का प्रदर्शन करते हैं, जिन्हें उनके सिख गुरुओं ने मुगलों के दौरान युद्ध करते हुए प्रयोग किया था। अमृतसर में ये करतब दिखाने के लिए दूर- दूर ने निहंग जत्थेबंदी एकत्र हुए। नगर कीर्तन नें सिख जत्थेबंदियों ने तीरअंदाजी,गतका और घुड़सवारी के कौशल का प्रदर्शन किया।












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