घर के पास पड़े टुकड़े को समझ रही थी कचरा, सामने आई सच्चाई तो निकली करोड़ों की चीज
नई दिल्ली, 07 जनवरी: कई बार लोगों के जीवन में ऐसी अप्रत्याशित घटनाएं घट जाती हैं, जो उनकी पूरी लाइफ को ही बदल डालती है। ऐसी ही कुछ मलेशिया में रहने वाली एक महिला के साथ हुआ। समुद्र के किनारे रह रही मिलता की किस्मत ने ऐसी पलटी खाई कि, वो रातों-रात अमीर हो गई। दरअसल महिला समुद्र में तैर रहे एक टुकड़े को कचरा समझ रही थी। दरअसल वो निकली व्हेल की उल्टी। जिसकी कीमत बाजार में करोड़ों रुपए होती है। व्हेल की उल्टी को बाजार में एम्बरग्रीस के नाम से जाना जाता है।

समुद्र से मिले 'कचरे' ने पलटी किस्मत
ये घटना मलेशिया के तेरेंगानू इलाके के मारंग की है। खबरों के मुताबिक, आइदा अपने परिवार के साथ मछली पकड़ती थी,फिर बाजार में उसे बेचकर मिलने वाले पैसे से अपना गुजारा करती थी। उस दिन आइदा जरीना मलेशियाई मत्स्य विकास प्राधिकरण की इमारत के पास के तट पर मछली पकड़ रही थीं, तभी उसे समुद्र में एक प्लास्टिकनुमा कचरा नजर आई, आइदा ने सोचा कि समुद्र में कचरा तैर रहा है, उसने ' कचरे' को पानी से निकाला और उसे फेंकने के लिए किनारे तक ले आई।

जब कचरे को आग के सामने रखा तो उससे अच्छी सुगंध आने लगी
आइदा ने उस कचरे के बारे में अपने पिता को बताया। उसके मछुआरे पिता ने उसे बताया कि पानी में तैरती हुई गांठ व्हेल की उल्टी हो सकती है। जब उन्होंने उसे देखा तो वह समझ गए कि, ये कचरा नहीं बल्कि व्हेल की उल्टी है। उसके बाद उन्होंने जब उसके एक छोटे से टुकड़े को जलाने की कोशिश की तो वह मोमबत्ती की तरह पिघल गई, और उसमें एक मीठी सी गंध आने लगी। जरीना ने आगे कहा कि, उसने व्हेल की उल्टी के बारे में कभी नहीं सुना था । वह उसकी भारी कीमत के बारे में जानकर हैरान रह गई।

करोड़ों में है उस उल्टी की कीमत
आइदा ने कहा कि वह किसी भी प्राधिकरण के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है जो पुष्टि कर सकता है कि उसे जो वस्तु मिली है वह वास्तव में व्हेल उल्टी है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 5 किलो की उस वस्तु का एक नमूना यूनिवर्सिटी मलेशिया टेरेंगानु को यह सुनिश्चित करने के लिए भेजा गया है कि क्या यह एम्बरग्रीस है। अगर आइदा को मिला ये टुकड़ा सच में व्हेल की उल्टी है तो यह जरीना को करोड़पति बना सकता है। व्हेल उल्टी को काफी महंगा माना जाता है क्योंकि यह बहुत दुर्लभ होती है। यह केवल एक लुप्तप्राय प्रजाति स्पर्म व्हेल के पाचन तंत्र में उत्पन्न होती है।

कैसे बनती है व्हेल की उल्टी
शुक्राणु व्हेल स्क्वीड खाते हैं और उनकी पित्त नलिकाएं कठोर, तेज स्क्वीड के मार्ग को आसान बनाने के लिए एंब्रेन नामक एक पदार्थ का उत्पादन करती हैं। इससे व्हेल के अंदरुनी हिस्सों को नुकसान नहीं पहुंचता है। एम्बरग्रीस ठोस, मोम जैसा ज्वलनशील तत्व होता है। यह हल्के ग्रे या काले रंग का होता है। स्पर्म व्हेल की आंतों में यह पाया जाता है। इस आग के सामन लाने पर ये मोम की तरह पिघल जाता है।

इतना मंहगी क्यों है व्हेल की उल्टी
व्हेल की उल्टी यानि एम्बरग्रीस को तैरता हुआ सोना भी कहा जाता है। इसका इस्तेमाल परफ्यूम इंडस्ट्री में किया जाता है। इसमें मौजूद एल्कोहल का इस्तेमाल महंगे ब्रैंड परफ्यूम बनाने में किया जाता है। इसकी मदद से परफ्यूम की गंध लंबे वक्त तक बरकरार रखी जा सकती है। इस वजह से इसकी कीमत बेहद ज्यादा होती है। कई देशों में एम्बरग्रिस से सुगंधित धूप और अगरबत्ती भी बनाई जाती है। अगर एम्बरग्रिस अच्छी क्वालिटी का होता है तो उसकी कीमत करोड़ों रुपए तक होती है।












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