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पसीना ज़्यादा तो दमा कम?

By Staff
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ऐसी स्थिति वाले लोगों में कसरत करने के कुछ ही मिनटों में अस्थमा का दौरा पड़ जाता है.
वैज्ञानिकों का कहना है कि एक शोध से ऐसे संकेत मिले हैं कि जिन लोगों को पसीना ज़्यादा आता है उन्हें अस्थमा होने की आशंका कम होती है.

मिशिगन विश्वविद्यालय के शोधार्थी कहते हैं कि जब ऐसे लोग कसरत करते हैं जिन्हें पसीना कम आता है, तो उन्हें साँस संबंधी ज़्यादा समस्याएं हो सकती हैं.

वे संकेत देते हैं कि हो सकता है कि उनकी श्वासनली में द्रव्य की मात्रा कम हो.

हालांकि दमे के विशेषज्ञों का कहना है कि यह शोध वास्तव में मरीज़ों को फ़ायदा पहुँचा पाएगा, यह कहना अभी जल्दबाज़ी होगी.

कसरत के दौरान कई बार दमे के आसार बढ़ जाते हैं और इसके लक्षण आम अस्थमा जैसे ही होते हैं. लेकिन ऐसी स्थिति वाले लोगों में कसरत करने के कुछ ही मिनटों में अस्थमा का दौरा पड़ जाता है.

यह स्थिति प्रशिक्षित धावकों में आम है लेकिन अब तक इसका कारण नहीं जाना गया है.

पसीना, आँसू और लार में संबंध

अमरीका की एक टीम ने ऐसी स्थिति की आशंका वाले 56 स्वयंसेवकों पर काम किया. उन्होंने इस लोगों पर पसीने और लार का उत्पादन बढ़ाने वाली दवा पिलोकार्पिन और ऐसे लोगों की साँस की नली को संकुचित करने वाली एक और दवा के असर पर ग़ौर किया.

ऐसा लगता है कि आपकी साँस की नली से निकली तरल की मात्रा ही यह तय करती है कि कसरत के दौरान बढ़ने वाले अस्थमा की तीव्रता क्या हो. इसीलिए जिन धावकों को ज़्यादा पसीना आता है या जिनकी लार टपकती है वह हाँफ़ते नहीं हैं

जिन लोगों में नली को संकुचित करने वाली दवा का असर दिखा उनमें पसीना बढ़ाने वाली दवा का बहुत कम असर दिखा. जिनमें पसीना बढ़ाने वाली दवा का असर दिखा उनमें संकुचन वाली दवा का असर बहुत कम दिखा.

यहाँ तक कि दवाओं की मदद के बिना भी स्वयंसेवकों के पसीने की मात्रा और उनके आँसू और लार की मात्रा में संबंध देखा गया.

जब वे यह साबित नहीं कर पाए कि कम पसीने होने के पीछे कौन सी क्रिया काम करती है, तो अध्ययन के प्रमुख डॉ वारेन लोकेटा ने सोचा कि कम पसीने का अर्थ यह भी हो सकता है कि साँस की नली में कम द्रव्य हो.

उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि आपकी साँस की नली से निकली तरल की मात्रा ही यह तय करती है कि कसरत के दौरान बढ़ने वाले अस्थमा की तीव्रता क्या हो. इसीलिए जिन धावकों को ज़्यादा पसीना आता है या जिनकी लार टपकती है वह हाँफ़ते नहीं हैं."

अस्थमा यूके संस्था की लीन मेल इस अध्ययन को काफ़ी रुचिकर बताते हुए कहती हैं, "ऐसा पहली बार हुआ है कि पसीने और लार बनने और कसरत से होने वाले अस्थमा के बीच किसी कड़ी के बारे में सोचा गया है."

उन्होंने कहा कि हालाँकि अभी यह कहना काफ़ी जल्दबाज़ी होगी कि यह अस्थमा से पी़ड़ित लोगों को फ़ायदा पहुँचाएगी या नहीं.

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