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चिड़ियों की तरह इंग्लिश चैनल के पार

By Staff
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रोज़ी का कहना है कि इस उड़ान ने चिड़िया की तरह उड़ने की संभावना पैदा की है
एक स्विस व्यक्ति ने पीठ पर किसी पक्षी के पंखों की तरह लगे उपकरण के सहारे पहली बार इंग्लिश चैनल को पार किया है. यह उपकरण इकलौते जेट से चलता है.

जेट लगा हुआ यह उपकरण उनकी पीठ पर पक्षी के पंखों की तरह लगा हुआ था.

वेस रोज़ी ने कैलाइस से डोवर तक की 22 मील यानी 35.4 किलोमीटर की उड़ान भरी.

ख़राब मौसम के कारण इस हफ़्ते दो बार यह उड़ान रद्द करनी पड़ी थी.

सेना के पूर्व पायलट रोज़ी ने इस उड़ान को पूरा करने के लिए 10 मिनट का समय लिया और उतरने के लिए उन्होंने पैराशूट का उपयोग किया.

49 साल के इस पायलट ने एक छोटे विमान से 8,200 किलोमीटर की ऊँचाई तक उड़ान भरी और फिर वहाँ अपने जेट को शुरु करके छलांग लगा दी.

माना जा रहा है कि रोज़ी ने 125 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ़्तार से उड़ान भरी.

इस उड़ान के बाद उन्होंने कहा, "यह सचमुच एक अद्भुत अनुभव था."

उन्होंने कहा, "मैं उन सब लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूँ जिन्होंने इसके लिए मेरे साथ काम किया."

रोज़ी ने कहा, "इस उड़ान ने इस संभावना के संकेत दिए हैं कि मनुष्य पक्षी की तरह उड़ान भर सके."

फ़्यूज़नमैन के नाम से विख्यात रोज़ी उसी रास्ते से उड़ान भरना चाहते थे जिस रास्ते से 99 साल पहले फ़्रांसिसी लुइस बैरियट ने उड़ान भरी थी और विमान से इंग्लिश चैनल पार करने वाले पहले व्यक्ति बन गए थे.

उपलब्धि

उड़ान के प्रत्यक्षदर्शी, 543 वर्षीय ज्यौफ़ क्लार्क ने कहा, "यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है. हमने उनकी उड़ान का आख़िरी क्षण देखा जब वो पैराशूट के सहारे से नीचे उतरे."

ब्रिटिश हैंग ग्लाइडिंग और पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के मार्क डेल ने इस उड़ान को एक 'बड़ा स्टंट' यानी ख़तरे से भरा हुआ कारनामा कहा है.

इस उड़ान का नेशनल ज्योग्राफ़िक चैनल ने सीधा प्रसारण किया.

इस कार्यक्रम के प्रोड्यूसर कैथलीन लिपट्रॉट का कहना था कि उड़ान के दौरान रोज़ी के मन में कोई भय नहीं था.

इससे पहले रोज़ी स्विस सेना के लिए मिराज विमान उड़ाया करते थे और अब वे यात्री विमान एयरबस के पायलट हैं.

इससे पहले अपने इस इकलौते जेट वाले उपकरण से उन्होंने अधिकतम 10 मिनटों की उड़ान भरी थी.

इस उपकरण में न तो पूँछ जैसी कोई व्यवस्था है और न दिशा निर्धारण के लिए कोई व्यवस्था. इसके लिए रोज़ी अपनी पीठ और सिर का ही प्रयोग करते रहे.

उन्होंने हैलमेट और पैराशूट के अलावा एक विशेष प्रकार का सूट पहना हुआ था और उनके बगल में ही कैरोसीन से चलने वाले चार टर्बाइन लगे हुए थे.

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