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शटल की समयावधि पर नासा करेगी विचार

By Staff
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रिपोर्टों के मुताबिक नासा सुरक्षा चिंताओं के बावजूद अध्ययन करेगी कि क्या स्पेस शटल को उसके निर्धारित समयावधि के बाद भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

नासा के स्पेस शटल की कार्यकुशलता 2010 तक की है लेकिन अब एजेंसी सोच रही है कि क्या इसे 2015 तक इस्तेमाल किया जा सकता है. नया शटल 2015 में ही उड़ान भर सकता है.

माना जा रहा है कि अमरीकी कांग्रेस और नए राष्ट्रपति इस बारे में सवाल जबाव कर सकते हैं. इसी को देखते हुए नासा शटल के मसले पर विचार कर रही है.

इस अध्ययन का समाचर लीक हुए एक ईमेल से पता चला है जो फ़्लोरिडा के एक अख़बार के हाथ लगा.

लेकिन नासा के प्रवक्ता जॉन येमब्रिक ने ई-मेल को जल्दबाज़ी बताया है और कहा है कि इस अध्ययन का दायरा अभी तय नहीं किया गया है.

ख़बरों के मुताबिक नासा के अध्यक्ष माइकल ग्रिफ़िन ने नए अध्ययन के आदेश दिए हैं और पहले वे शटल क समयावधि बढ़ाने के प्रस्ताव का विरोध कर चुके हैं.

उनका कहना था कि जितना पैसा और संसाधन पुराने शटल की अवधि पर खर्च होगा उससे आरेस रॉकेट और अपोलो स्टाइल ओरियन कैपसुल पर चल रहा काम प्रभावित होगा.

ये नई प्रणाली अंतरिक्ष यात्रियों को चाँद तक ले जाएगी.

वर्तमान शटल और ओरियन कैपसूल की पहली उड़ान के बीच पाँच साल का अंतराल होगा और इस दौरान अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर पहुँचने के लिए नासा रूस पर निर्भर रहेगा.

लेकिन जॉर्जिया को लेकर रूस और अमरीका के बीच तनाव को देखते हुए लोग इस विकल्प को लेकर चिंतित है.

वर्तमान में रूस के साथ नासा का समझौते है जिसके तहत 2011 तक रूसी शटल के ज़रिए अमरीकी अंतरिक्ष यात्री जाएँगे. इसके बाद भी अगर नासा रूस की सेवा लेना चाहता है तो उसे अमरीकी कांग्रेस से मंज़ूरी लेनी होगी.

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