• search
बीकानेर न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

Arjun Ram Meghwal : ये हैं पगड़ी बांधकर साइकिल से संसद जाने वाले MP, नौकरी छोड़ तीसरी बार जीते

By आनंद आचार्य
|

बीकानेर। नमकीन, भुजिया और रसगुल्ला। ये तीनों चीज राजस्थान में जहां की फेमस है, उस जगह का नाम है बीकानेर। वन इंडिया की 'जानिए अपना सांसद' सीरीज में आज बात बीकानेर सांसद अर्जुनराम मेघवाल की (Arjun Ram Meghwal Biography in Hindi ) । जमीन से जुड़े नेता अर्जुनराम मेघवाल की बोली में बीकानेरी मिठास और पहनावे में राजस्थानी झलक दिखती है। मेघवाल पगड़ी बांध साइकिल पर सवार होकर संसद में जाने वाले नेताओं में से एक हैं।

ये भी पढ़ें -

Gajendra Singh Shekhawat Mp Jodhpur : विदेश में करते थे खेती, भारत आकर चुनाव लड़ा, इस बार 'जादूगर' के बेटे को हराया

Diya Kumari Mp Rajsamand : राजस्थान की वो महिला सांसद जिसने तलाक के बाद सियासत में की शानदार वापसी

2009 से राजनीतिक सफर शुरू

2009 से राजनीतिक सफर शुरू

राजनीति में शामिल होने के लिए उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा से वीआरएस ले लिया। लोकसभा चुनाव 2009 में बीकानेर लोकसभा सीट से पहली बार भाजपा की टिकट से सांसद बने। लोकसभा चुनाव 2014 में उन्हें 16वीं लोकसभा के लिए बीकानेर सीट से फिर चुना गया। अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान वे लोकसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक रहे। लोकसभा के अध्यक्ष ने भी उन्हें लोक समिति के अध्यक्ष के रूप में नामित किया। मेघवाल को 2016 को वित्त राज्य मंत्री बनाया गया। उसके बाद जलसंसाधन राज्यमंत्री के रूप में भी कार्यकाल रहा।

पिता के साथ करते थे बुनकरी

पिता के साथ करते थे बुनकरी

बीकानेर सांसद अर्जुनराम मेघवाल का बचपन संघर्षशील रहा। बीकानेर के किशमीदेसर गांव के एक पारंपरिक बुनकर परिवार में जन्मे मेघवाल की शादी मात्र 13 साल की उम्र में ही हो गई थी। पिता के साथ बुनकर के रूप में काम करते हुए भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। बीकानेर के राजकीय डूंगर कॉलेज से उन्होंने बीए की डिग्री पाई और उसी संस्थान से एलएलबी और स्नातकोत्तर डिग्री भी हासिल की।

टेलीफोन ऑपरेटर की नौकरी की

टेलीफोन ऑपरेटर की नौकरी की

पढ़ाई पूरी करने के बाद अर्जुनराम मेघवाल ने प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। उन्हें भारत डाक एवं तार विभाग में टेलीफोन ऑपरेटर का पद मिला। राजनीति में उनकी शुरुआत तब हुई, जब वह टेलीफोन ट्रैफिक एसोसिएशन का चुनाव लड़े और महासचिव चुने गए। टेलीफोन ऑपरेटर के रूप में काम करते हुए मेघवाल ने दूसरे प्रयास में राजस्थान राज्य प्रशासनिक सेवा की परीक्षा पास कर ली।

मौसेरे भाई को हराकर लगाई जीत की लगाई हैट्रिक

मौसेरे भाई को हराकर लगाई जीत की लगाई हैट्रिक

वर्ष 2009 में भाजपा ने अर्जुनराम मेघवाल को बीकानेर से लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकट का प्रस्ताव दिया। वे जीत कर संसद सदस्य बन गए। उसी संसदीय क्षेत्र से मेघवाल वर्ष 2014 , 2019 में फिर निर्वाचित हुए। वे जल संसाधन, नदी विकास और गंगा कायाकल्प और संसदीय मामलों के मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री हैं। इन्हें 2013 में सर्वश्रेष्ठ सांसद का पुरस्कार दिया गया। लोकसभा चुनाव 2019 में बीकानेर सीट पर अर्जुन राम मेघवाल ने अपने मौसेरे भाई कांग्रेस प्रत्याशी मदन गोपाल मेघवाल को शिकस्त दी है। ARJUN RAM MEGHWAL, Bharatiya Janata ने 657743 और MADAN GOPAL MEGHWAL, Indian National Congress ने 393662 वोट हासिल किए।

साइकिल से जाते हैं संसद

साइकिल से जाते हैं संसद

मेघवाल उस समय चर्चा में आये तब वे भाजपा के मुख्य सचेतक थे और उन गिने-चुने सांसदों में शामिल हुए, जो साइकिल से संसद जाना पसंद करते हैं। शपथ ग्रहण समारोह में राष्ट्रपति भवन भी अर्जुनराम मेघवाल साइकिल से ही पहुंचे थे। साथ ही मेघवाल को राजस्थान के बीकानेर में रॉबर्ट वाड्रा के कथित अवैध भूमि सौदे को प्रकाश में लाने पर सम्मान मिल चुका है। इसके अलावा अर्जुन मेघवाल पगड़ी बांधे रहते हैं, जो राजस्थान की शान है।

सामाजिक कार्यक्रमों में देते हैं प्रस्तुति

सामाजिक कार्यक्रमों में देते हैं प्रस्तुति

अर्जुनराम मेघवाल की गायन में अभिरुचि है। कई बार धर्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में भजनों की प्रस्तुति देकर लोगों को मोहित करते हैं। विशेष रूप से बाबा रामदेव के भजनों पर उनकी काफी प्रस्तुतियां हैं। अर्जुनराम मेघवाल दिनचर्या की शुरुआत प्राणायाम और योग से करते हैं। उसके बाद आमजन से मुलाकात करके उनकी समस्या सुनकर समाधान करवाते हैं।

हाथ से मैला उठाने की प्रथा को पहली बार ससंद में उठाया

हाथ से मैला उठाने की प्रथा को पहली बार ससंद में उठाया

अर्जुनराम मेघवाल ने देश में हाथ से मैला उठाने की प्रथा काे समाप्‍त करने के लिए पंद्रहवी लोकसभा में चर्चा की शुरुआत की और उसके बाद से मामले को सशक्‍त रूप से उठाया। यह मामला ध्‍यानाकर्षण प्रस्‍ताव में पहली बार उनके द्वारा उठाया गया। उच्‍च न्‍यायालयों और भारत के उच्‍चतम न्‍यायालय में हिन्‍दी में कीलों को बहस करने की अनुमति देने के लिए चर्चा शुरू की।

सांसद अर्जुन राम मेघवाल का परिवार

सांसद अर्जुन राम मेघवाल का परिवार

अर्जुनराम मेघवाल की शादी 13 वर्ष की उम्र में पानादेवी के साथ हुई थी। इनके दो बेटे और दो बेटी हैं। बेटा नवीन मेघवाल हांगकांग में रहता है और अंतरराष्ट्रीय योग गुरु है। दूसरा बेटा रवि शेखर मेघवाल सरकारी नौकरी में कार्यरत है। उनके साथ उनकी पत्नी सुशीला वर्मा आरएएस पद पर कार्यरत हैं।

कई जिलों में रहे अफसर

कई जिलों में रहे अफसर

7 दिसंबर 1954 को जन्मे अर्जुन राम मेघवाल प्रशासनिक अधिकारी रहे हैं। 1977 में कानून में स्नातक स्तर की पढ़ाई पूरी की। 1979 में आर्ट्स में स्नातकोत्तर पूरी की। 1982 में उन्होंने आरएएस परीक्षा उत्तीर्ण की और फिर बाद में राजस्थान उद्योग सेवा के लिए चुने गए। अर्जुन राम मेघवाल जिला उद्योग केंद्र में सहायक निदेशक के रूप में नियुक्त हुए। उन्होंने प्रदेश में झुंझुनूं, धौलपुर, राजसमंद, जयपुर, अलवर और श्रीगंगानगर के जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक के रूप में काम किया।

कई प्रशासनिक पदों पर निभाई जिम्मेदारी

कई प्रशासनिक पदों पर निभाई जिम्मेदारी

वर्ष 1994 में उन्हें राजस्थान के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री हरिश्चंद्र भाभा को विशेष ड्यूटी (ओएसडी) के अधिकारी नियुक्त किया गया था। उसी वर्ष, उन्हें राजस्थान उद्योग सेवा पेरिस के लिए राज्य अध्यक्ष के रूप में चुना गया। फिर उन्हें बाड़मेर में अतिरिक्त कलक्टर (विकास) बनाया गया। उन्होंने डॉ. अंबेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी, राजस्थान के महासचिव के चुनाव जीता। उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में पदोन्नति भी मिली। कई प्रशासनिक पदों पर काम किया जैसे कि उप सचिव, तकनीकी शिक्षा- विशेष सचिव, उच्च शिक्षा राजस्थान के प्रबंध निदेशक, अपर आयुक्त वाणिज्यिक कर विभाग, जिला कलक्टर चूरू के पद पर भी कार्य किया।

arjun meghwal rare photo

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Know your sansad, Arjun Ram Meghwal, bjp, Bikaner, rajasthan
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more