बिहार में विधायक दल नेता चुनाव के लिए केशव प्रसाद को पर्यवेक्षक और इन दो को BJP ने क्‍यों बनाया सह-पर्यवेक्षक?

Bihar BJP Legislative Party Leader: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सर्वाधिक सीटें जीतकर सभी को हैरान कर दिया है। बिहार में इस जीत के बाद 19 नवंबर को भाजपा के 89 विधायक अपने विधायक दल का नेता चुनने जा रहा है जो कि बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण है।

इस कार्य के लिए पार्टी ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को बिहार का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। उनके साथ केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और साध्वी निरंजन ज्योति को सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है। ये तीनों नेता विधायक दल का नेता चुने जाने में अहम भूमिका निभाएंगे। तीन पर्यवेक्षकों ये टीम पटना पहुंच कर ये अहम निर्णय लेगी।

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यह कदम 20 नवंबर को होने वाले नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण से पहले बिहार सरकार गठन की रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए उठाया गया है। आइए जानते हैं कि आखिर भाजपा ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को पर्यवेक्षक और अर्जुन राम मेघवाल और साध्वी निरंजन ज्योति को सह-पर्यवेक्षक क्‍यों बनाया? इसके पीछे क्‍या है खास वजह?

Bihar BJP Legislative Party Leader

बता दें, बिहार चुनाव परिणाम 14 नवंबर को घोषित हुआ है। जिसमें सर्वाधिक 89 सीटें भाजपा ने जीती है और दूसरे नंबर नीतीश कुमार की जेडीपी, तीसरे नंबर पर चिराग पासवान की एलजेपी है। 19 नवंबर को विधायक दल के नेता का चुनाव होगा इसके लिए भाजपा के इन तीन दिग्गज नेताओं की ये उच्च स्तरीय पर्यवेक्षक टीम बनाई है। ये भाजपा का रणनीतिक कदम माना जा रहा है ताकि बिहार में सुचारु, स्थिर और मजबूत सरकार का गठन हो सके।

इन्‍हें ही क्‍यों बनाया गया पर्यवेक्षक और सह-पर्यवेक्षक?

हिंदुस्‍तान टाइम्‍स की रिपोर्ट के अनुसार भाजपा ने पर्यवेक्षक टीम में तीन अलग-अलग सामाजिक समूहों-ओबीसी, ईबीसी और दलित-के नेताओं को शामिल किया है। इसका उद्देश्य यह संदेश देना है कि पार्टी सभी प्रमुख सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व दे रही है। इससे भाजपा भाजपा के मूल सामाजिक गठजोड़-ओबीसी + ईबीसी + दलित-को मजबूत करने का संकेत दे रही है।

कौन किस वर्ग का प्रतिनिधित्व करता है?

केशव प्रसाद मौर्य- मौर्य पिछड़ा वर्ग (OBC), खासकर कोइरि/कुशवाहा समुदाय से हैं, ये समुदाय बिहार में राजनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है।

साध्वी निरंजन ज्योति - ईबीसी (निषाद समुदाय - यूपी में ओबीसी, बिहार में ईबीसी) भाजपा पिछड़े, दलित और अन्य वर्गों (EBC आदि) में संतुलन बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।

अर्जुन राम मेघवाल- राजस्‍थान से दलित समुदाय के दलित नेता; केंद्रीय मंत्री। दलित समुदाय में भाजपा की पकड़ को मजबूत करने का प्रतिनिधिक चेहरा। याद रहे बिहार और यूपी-दोनों में दलित वोट निर्णायक होते हैं।

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