16 घंटे बाद महिला नक्सली के चंगुल से मुक्त हुए दोनों रेलकर्मी
पटना। बिहार के लखीसराय जिले ड्यूटी के दौरान अगवा हुए दोनों रेलकर्मियों को 16 घंटे बाद नक्सलियों ने आजाद कर दिया। मंगलवार की देर रात जमालपुर-किऊल रेलखंड में स्थित मसुदन स्टेशन पर हमला कर वहां मौजूद असिस्टेंट स्टेशन मास्टर मुकेश कुमार और पोर्टर निरेंद्र मंडल को अगवा कर लिया था। अपहरण करने के बाद एएसएम मुकेश कुमार ने मालदा के डीआरएम को फोन कर बताया था कि नक्सलियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी है। नक्सलियों ने चेतावनी दी कि अगर मसुदन रूट पर ट्रेनों की आवाजाही जारी रही, तो वे उसे मार डालेंगे। जिसके बाद रेलवे परिचालन को बंद कर दिया गया।तो मालदा डिविज़न के किऊल-जमालपुर-भागपुर रूट पर तीन ट्रेनें रोक दी गई। फिलहाल किऊल सेक्शन पर ट्रेनों का आवागमन ठप है।

मिली जानकारी के अनुसार नक्सलियों के द्वारा स्टेशन पर धावा बोलते हुए रेल कर्मियों को अगवा करने के साथ-साथ सिग्नलिंग पैनल में आग लगा दी गई थी। हालांकि घटना के बाद रेलवे का आवागमन थोड़ी देर के लिए बाधित रहा लेकिन सिग्लनिंग पैनल को जल्द दुरुस्त कर ट्रेनों की आवाजाही शुरू कर दी गई। रेलवे का आवागमन शुरू होते ही नक्सलियों द्वारा अगवा रेलकर्मी से फोन करवाया गया जिसके बाद फिर से रोक दिया गया है। आपको बताते चलें कि नक्सलियों ने ग्रीन हंट और मिशन-2017 के तहत सुरक्षाबलों द्वारा चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के खिलाफ आज 20 दिसंबर को बिहार झारखंड बंद की घोषणा की थी।

इसके बाद नक्सल प्रभावित इलाके में पुलिस को चौकन्ना करते हुए सुरक्षाबलों को अलर्ट रहने को कहा गया। फिर भी नक्सलियों ने इस तरह की घटना को अंजाम दिया। वहीं रेलवे स्टेशन पर हुए नक्सली हमले को लेकर ऐसा कहा जा रहा है कि लखीसराय के मसुदन रेलवे स्टेशन पर नक्सलियों के जिस ग्रुप ने रात में रेलवे स्टेशन पर हमला किया था, वह महिला नक्सलियों का ग्रुप था। अपहरण से पहले नक्सलियों ने मसुदन रेलवे स्टेशन के पैनल और उपकरण को आग के हवाले कर दिया। नक्सलियों के जिस दस्ते ने इस घटना को अंजाम दिया है वह नक्सलियों की महिला गैंग थी ।और इस वारदात को अंजाम देने में महिला नक्सलियों ने अहम भूमिका निभाई है।












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