मां को फंसाकर बेटी का किया सौदा, 60 साल के बूढ़े से कराई शादी
फिर दोनों को दलाल ट्रेन के रास्ते आगरा ले गया जहां एक कमरे में उसे ठहराया और खाने में नींद की गोली दे बेहोश कर दिया।
पटना। गरीबी और लाचारी की दुहाई देते हुए कुछ मानव तस्कर गिरोह ने एक विधवा मां से उसकी नाबालिक बेटी को छीन लिया और 15 साल की बच्ची को 60 साल के बूढ़े को 5 लाख रुपए में बेच उससे शादी करा दी। जहां शादी के बाद रोजाना उसे प्रताड़ित किया जाता और उसके साथ शारीरिक और मानसिक शोषण किया जाता। जब इस बात की जानकारी मां को मिली तो वो उस दलाल के पास पहुंची जिसने उसकी बेटी की धोखे से शादी कराई थी। लेकिन मां को देखते ही इन लोगों ने अपना मुंह फेर लिया और कहा कि अब हम कुछ नहीं कर सकते तुम्हारी बेटी के लिए 5 लाख रुपए मुझे मिले हैं। फिर चारों तरफ से थक-हारकर वो अपनी बेटी की बरामदगी के लिए थाने पहुंची पर वहां भी उसे न्याय दिलाने के बजाए जेल भेजने की धमकी दी जाने लगी। तब अपनी फरियाद लेकर वो डीआईजी विकास वैभव के दरबार में पहुंची जहां उन्हें उचित न्याय का भरोसा दिलाया गया।

जानकारी के मुताबिक मामला बिहार के बांका जिले के अलीगंज मोहल्ले का है। जहां की रहने वाली रीमा (काल्पनिक नाम) सातवीं क्लास में पढ़ाई करती थी तभी उसके पिता की मृत्यु हो गई। पिता की मृत्यु के बाद घर में मां और उसके हालात दिन पे दिन खराब होते चले गए। फिर उसके परिवार पर मानव तस्करों की नजर पड़ी और उसकी मां को उन्होंने अपने झांसे में लेते हुए रीमा की शादी उत्तर प्रदेश के आगरा में एक अमीर परिवार के लड़के से कराने की बात कहीं। गरीबी से लाचार बूढ़ी मां अपनी बेटी की खुशी के लिए ये शादी करने को तैयार हो गई। फिर दोनों को दलाल ट्रेन के रास्ते आगरा ले गया जहां एक कमरे में उसे ठहराया और खाने में नींद की गोली दे बेहोश कर दिया। जब होश आया तो वहां रिमा नहीं थी। जवाब पूछे जाने पर बताया कि आप नींद में सोई हुई थी तभी उसकी शादी करा दी गई। जब महिला ने अपनी बेटी से मिलने की जिद की तो वो लोग उसे आगरा स्टेशन ले गए। जहां उसे अपनी बेटी के साथ एक 60 साल का बुजुर्ग नजर आया।
बुजुर्ग के बारे में पूछने पर उन लोगों ने बताया कि ये आप की लड़की का ससुर है पर वो उसका पति था। शादी के कुछ ही दिनों बाद लड़की ने अपनी मां से फोन पर बात करते हुए कहा कि धोखे से उसकी शादी बुजुर्ग के साथ करा दी गई है। जो रोजाना मारपीट करते हुऐ मेरा शारीरिक और मानसिक शोषण करता है। मैं उसके चंगुल से किसी तरह आजाद होना चाहती हूं, मुझे बचाओ। बेटी के द्वारा इस तरह की बात कहे जाने के बाद बुढी मां विचलित हो गई और अपनी बेटी की बरामदगी के लिए इधर उधर भटकने लगी। हर जगह भटकने के बाद जब कहीं से न्याय नहीं मिला तो डीआईजी विकास विभाग के दरबार में पहुंची और अपनी बेटी की बरामदगी के लिए गुहार लगाई।
मामले की जानकारी देते हुए डीआईजी विकास वैभव ने बताया कि महिला के द्वारा अपनी बेटी की बरामदगी के लिए लिखित शिकायत की गई है। फिलहाल इस मामले में थाने को अविलंब कार्रवाई करने के आदेश दे दिए गए हैं और नाबालिक लड़की की बरामदगी के लिए छापेमारी की जा रही है। वहीं मानव तस्कर गिरोह में शामिल सदस्यों की भी गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास कर रही है। जल्द ही नाबालिक लड़की को बरामद कर लिया जाएगा।












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