• search
बिहार न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

बिहार में अब सामने आया शौचालय घोटाला, NGO के खाते में डाला गया गरीबों का पैसा

By Gaurav Dwivedi
|

पटना। धीरे-धीरे बिहार घोटालेबाजों के लिस्ट में शामिल होते जा रहा है, ज्यादातर योजनाओं में घोटाले सामने आ रहे हैं। हालांकि हर घोटाले के पीछे राज्य सरकार ने कड़े निर्देश देते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है, फिर भी घोटालेबाज अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला बिहार में अब शौचालय घोटाला का सामने आया है। इस मामले में अलग-अलग एजेंसियों और एनजीओ की मिलीभगत से शौचालय निर्माण के 13.66 करोड़ रुपए की हेराफेरी की बात सामने आ रही है। मामले की जांच के दौरान इस बात का खुलासा होने के बाद अब इसमें दोषी पाए जाने वाले पूर्व पीएचईडी, पटना के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता विनय कुमार सिन्हा और एकाउंटेंट बिटेश्वर प्रसाद सिंह पर एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं मामला दर्ज होने के बाद जिला अधिकारी संजय अग्रवाल ने दोनों को निलंबित कर दिया है।

चार NGO को पहुंचाया गया फायदा

चार NGO को पहुंचाया गया फायदा

जानकारी के मुताबिक बिहार सरकार के पीएचईडी में 13 करोड़ रुपए से ज्यादा का घोटाला सामने आया है। जिसमें जांच के दौरान ये पता चला कि शौचालय बनाने के एवज में लोगों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि के पैसे उनके खाते में भेजने की बजाय पीएचईडी ने चार एनजीओ और दो व्यक्तियों के खाते में ट्रांसफर किए। जब इस बात की भनक पटना के डीएम को लगी तो मामले की जांच शुरू हुई और इस मामले में पूर्वी पीएचईडी, पटना के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता विनय कुमार सिन्हा और एकाउंटेंट बिटेश्वर प्रसाद सिंह दोषी पाए गए। जिनके ऊपर आदेश जारी करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है।

लाभार्थियों के पैसों का गबन

लाभार्थियों के पैसों का गबन

मामले की जानकारी देते हुए जिला अधिकारी संजय अग्रवाल ने बताया कि 15 दिन पहले विभागीय समीक्षा के दौरान वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया था, जिस दौरान एक गड़बड़ी पाई गई। अब तक कहां शौचालय बना ये विभाग को ही पता नहीं है। पूरे पटना जिले में 10,000 शौचालय बनाने की बात कही गई थी लेकिन इसका लेखा-जोखा नहीं था और तो और शौचालय निर्माण का पैसा लाभुकों को मिला या नहीं, इसका भी कोई सबूत नहीं है। जिसके बाद जांच शुरू की गई है और जांच के दौरान ये दोनों दोषी पाए गए। हालांकि अभी भी जांच जारी है और जल्द ही इस मामले में और लोगों का नाम सामने आएगा।

पीएचईडी पर गंभीर आरोप

पीएचईडी पर गंभीर आरोप

आपको बता दें कि राज्य सरकार के द्वारा साल 2013 में ये नियम बनाया गया था कि शौचालय निर्माण का पैसा अब एजेंसी के माध्यम से लोगों को नहीं दिया जाएगा। फिर भी कार्यपालक अभियंता विनय कुमार सिन्हा और एकाउंटेंट बिटेश्वर प्रसाद सिंह ने साल 2012-13, 2013-14 और 2014-15 में पटना जिले के विभिन्न प्रखंडों में बनने वाले 10 हजार से ज्यादा शौचालयों का पैसा 13.66 करोड़ 2016 में सीधे एजेंसी को दे दिए। अब तक के जांच में ये बात सामने आई है कि जब पीएचईडी से शौचालय निर्माण का खाता डीआरडीए में ट्रांसफर होने वाला था, तभी आनन-फानन में तीन एजेंसियों सहित कई लोगों के विभिन्न खातों में 200 से अधिक चेक डाल दिए गए।

13.66 करोड़ रुपए का गबन

13.66 करोड़ रुपए का गबन

एकाउंट ट्रांसफर के महज एक हफ्ते पहले चेक काट कर राशि का गबन कर लिया गया। इस दौरान जब एकाउंट डीआरडीए को पूरी तरह से ट्रांसफर हो गया तो उसके बाद एकाउंट में कम राशि दिखी। तब तीन बार फंड को लेकर संबंधित अधिकारी को शो कॉज किया गया, इसके बाद डीडीसी और डायरेक्टर की संयुक्त टीम बनाई गई। टीम की जांच में 13.66 करोड़ रुपए का गबन सामने आया है। जांच के बाद ये दायरा अभी और बढ़ने की उम्मीद है।

Read more: पंचायत का शर्मसार करने वाला आदेश, सबके सामने लड़की को कराया निर्वस्त्र

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Toilet Scam exposed in Bihar now, NGO benefited Money
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more